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झरिया के डेंजर जोन में निगम ने निकाला 3 करोड़ से अधिक का टेंडर, ये विकास है!

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Dhanbad: धनबाद के सांसद पशुपतिनाथ सिंह झरिया में विकास के नाम पर सरकारी योजनाओं पर सवाल उठा चुके हैं. अब धनबाद नगर निगम ने झरिया और अग्नि प्रभावित डेंजर जोन में तीन करोड़ रुपये से अधिक के ‘विकास’ काम का टेंडर निकाला है. बता दें कि इससे पहले नगर निगम की कुछ योजनाएं आग के हवाले हो चुकी हैं. दिलचस्प यह है कि झरिया के डेंजर जोन को खाली कर वहां के लोगों को बेलगड़िया के पास बसाने के लिए 2000 करोड़ से अधिक की विस्थापन योजना पर काम किया जा रहा है. ऐसे में डेंजर जोन में ‘विकास’ की धनबाद नगर निगम की योजना का मतलब समझ से परे है.

‌37 निर्माण कार्य के लिए निकला है टेंडर

अरबन डेवलपमेंट एंड हाउसिंग विभाग, धनबाद नगर निगम की ओर से झरिया और अन्य क्षेत्रों में 37 सड़क बनाने की योजना का टेंडर निकला है. योजनाएं 80 हजार से लेकर 20 लाख तक की हैं. इनमें से कई  योजनाएं डेंजर जोन की हैं. जहां हर तरह के निर्माण पर सरकार ने अस्सी के दशक से पहले रोक लगा दी थी. उसके बाद से झरिया में भवन निर्माण का कोई नक्शा पास नहीं हुआ. सवाल है जहां लोग पुनर्वास की प्रतीक्षा में अस्थायी रूप से रह रहे हैं, वहां नगर निगम नया निर्माण क्यों करा रहा है? इसके लिए क्या सरकार से इजाजत ली है या निगम के अधिकारियों ने वास्तविकता को नजर अंदाज किया.

झरिया नहीं है सुरक्षित

झरिया और आसपास के इलाके में कौन सुरक्षित क्षेत्र है और कौन असुरक्षित, इसका निर्धारण नहीं हुआ है. झरिया शहर तक को सरकार के किसी मानक संस्थान ने सुरक्षित घोषित नहीं किया है. डीजीएमएस की भी ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है. ऐसी स्थिति में झरिया में विकास के नाम पर सरकारी कोष से करोड़ों रुपये खर्च करना कहां तक सही है.

कथित विकास कुछ लोगों को लिए फायदेमंद है

जानकार कहते हैं कि झरिया में नये निर्माण पर रोक संबंधी कोई सरकारी आदेश नहीं है. हालांकि,  झरिया शहर में चल रहे कई सरकारी और गैर सरकारी उपक्रम को अन्यत्र शिफ्ट किया गया. कोयला क्षेत्र के कई सिनेमा हाल बंद किये गये. ऐसे में नया निर्माण कराना कैसे उचित है?  झरिया में किये गये विकास कार्य को अग्नि और भूधंसान के कारण अनुपयोगी बताकर निर्माण करानेवाले आसानी से अपनी चमड़ी बचा सकते हैं. इस तरह झरिया का विकास कार्य कुछ लोगों के लिए फायदेमंद है.

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