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#Telangana: वारंगल में कुएं से निकले 7 बंगाली और 2 बिहारी मजदूरों के शव

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Hyderabad: तेलंगाना के वारंगल में एक कुएं से 9 प्रवासी श्रमिकों के शव बरामद हुए हैं. सभी श्रमिक वहां एक कोल्ड स्टोरेज में काम करते थे.

बताया जा रहा है कि मरने वाले सभी श्रमिक बंगाल और बिहार के रहने वाले थे.

पुलिस ने बताया कि उन्हें गीसुगोंडा मंडल के गोर्टेकुंटा इंडस्ट्रियल एरिया में बने एक कुएं के अंदर प्रवासी श्रमिकों के शव पड़े होने की सूचना मिली थी. इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को निकाला.

पुलिस ने बताया कि शव निकालने के लिए पंप के जरिए पहले कुएं से पानी निकाला गया, उसके बाद शव बाहर निकाले जा सके. इस घटना के बाद तमाम तरह के सवाल उठने लगे हैं. कहा जा रहा है कि कोरोना काल में हर राज्य के मजदूर अपने घर लौटना चाह रहे हैं. लेकिन फैक्टरी के मालिक उन्हें घर लौटने देने के पक्ष में नहीं हैं. उन्हें जगह-जगह रोका भी जा रहा है. पिछले दिनों कर्नाटक में झारखंड-बिहार के मजदूरों को धमकाने का मामला भी सामने आया था.

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घर जाने वाले थे, फिर लापता हो गये

मामला वारंगल के ग्रामीण इलाके का है. पुलिस ने बताया कि नौ शवों में से एक बच्चा और एक महिला का शव भी शामिल है. पड़ताल में पता चला है कि 7 लोग पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे और दो मजदूर बिहार के निवासी थे.

वे तेलंगाना में कमाने आये थे. लॉकडाउन के बाद से उनकी आमदनी बंद हो गयी थी. वे लोग परेशान थे. वे अपने-अपने गांव जाने जाने वाले थे, लेकिन अचानक लापता हो गये थे. इस कारण यह सवाल उठ रहा है कि क्या मजदूरों ने परेशान होकर सामूहिक आत्महत्या कर ली या फिर उन सबकी हत्या करके शव को कुएं में डाल दी. मामला चाहे जो भी हो, यह तो पड़ताल के बाद ही सामने आयेगा.

लेकिन हाल के दिनों में मजदूरों को लेकर केंद्र व राज्यों की सरकारों की जो उपेक्षापूर्ण नीति रही है, उससे यही लगता है कि उनके बारे में सोंचने वाला कोई नहीं है. वह सिर्फ वोट देने और गुलामों की तरह काम करने के ही बने हैं.

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प्रवासी श्रमिकों और स्थानीय लोगों से पूछताछ जारी

पुलिस ने बताया कि सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए एमजीएम हॉस्पिटल भेजा गया है. केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है. प्रवासी श्रमिकों से जुड़े सभी लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है.

स्थानीय लोगों से भी पड़ताल की जा रही है.

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