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टीनएजर का देर रात तक जागना खतरनाक, हो सकते हैं डिप्रेशन के शिकार

News Wing Desk: अगर आपके बच्चे टीनएजर हैं, और वो कम सोते हैं तो उनके माता-पिता को सावधान होने की जरुरत है. 11 से 15 साल के बच्चेउ, अगर देर रात तक जगाते रहते हैं तो ऐसे बच्चोंज को नींद से जुड़ी हुई दिक्कतें हो सकती हैं.

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रिसर्च बताता है कि कम सोने वाले टीनएजर डिप्रेशन के भी शिकार हो सकते हैं. अमेरिका की पीट्सबर्ग यूनिवर्सिटी के पीटर फ्रेंनजेन की अगुवाई में की गई इस रिसर्च में कहा गया है कि जिन टीनएजर्स को नींद नहीं आती है, तो वे डिप्रेशन का शिकार हो सकते हैं. साथ-ही-साथ वो नशे की चपेट में भी आ सकते हैं.

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घातक है कम नींद

दरअसल, ज्यादा समय तक नींद से दूर रहने की वजह से पुटामेन का कामकाज प्रभावित होता है. पुटामेन ब्रेन का वह हिस्सार होता है, जो लक्ष्या हासिल करने वाली चीजों को सीखने में अहम भूमिका निभाता है. नींद की कमी से ब्रेन की ‘पुरस्कार प्रणाली’ की सक्रियता भी कम हो जाती है.

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रिसर्च में 11 से 15 साल वाले प्रतिभागियों की नींद की स्टडी की गयी. शौध में पता चलता है कि जब प्रतिभागियों को नींद से वंचित किया गया और उन्हें ज्यादा घंटों तक रिवॉर्ड गेम खेलने को कहा गया तो उस दौरान पुटामेन कम प्रतिक्रियाशील रहा.

जबकि बाकी की स्थितियों में मस्तिष्क के उस भाग ने उच्च और निम्न पुरस्कार वाली स्थितियों में कोई अंतर नहीं दिखाया. जिस रात प्रतिभागियों ने कम नींद पूरी की, उसके अगले दिन उनके पुटामेन में कम सक्रियता देखी गयी और उनमें डिप्रेशन के लक्षण भी ज्यादा नजर आये.

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