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शिक्षक अपने आपको कर्मचारी नहीं, गुरु के रूप में स्थापित करें : सुनील वरण महतो

पटमदा के जल्ला मध्य विद्यालय परिसर में विदाई समारोह आयोजित

Patamda : वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में सरकार ने शिक्षकों को कर्मचारी बनाकर रख दिया है. इससे वातावरण खराब हो रहा है. इसलिए शिक्षक सरकार की नजर में भले ही कर्मचारी बनकर काम करें, लेकिन समाज में खुद को गुरु के रूप में स्थापित करने का काम करें. यह बातें सोमवार को पटमदा मध्य विद्यालय परिसर जल्ला में आयोजित डीडीओ सह प्रधानाध्यापिका सैयद नासरीन फातिमा व शिक्षक शंकर कुंभकार के विदाई समारोह में बतौर अतिथि सेवानिवृत्त शिक्षक सह समाजसेवी सुनील वरण महतो ने कहीं.

उन्होंने कहा कि आज भी समाज में शिक्षकों का स्थान सबसे ऊपर है, इसलिए बच्चों को अपना बच्चा समझकर शिक्षा दान करें. इसमें कोई कंजूसी नहीं करें. गिरिजा प्रसाद मिश्रा ने एसएन फातिमा के कुशल व्यवहार व उपलब्धियों की चर्चा की एवं उन्हें देवी की संज्ञा देते हुए उनकी जीवनी से प्रेरणा लेने की उपस्थित शिक्षकों को सलाह दी. इस दौरान बीईईओ देवशंकर महापात्रा ने दोनों सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं के स्वस्थ जीवन एवं दीर्घायु की कामना करते हुए शुभकामनाएं दीं. इस दौरान पटमदा एवं बोड़ाम प्रखंड के समस्त विद्यालयों के प्रधान शिक्षक मौजूद थे और सभी ने उपहार स्वरूप सोने के गहने से लेकर वस्त्र देकर सम्मानित किया. मौके पर मुख्य रूप से चित्तरंजन महांती, निताई सिंह, अरविंद कुईला, जगदीश चंद्र महतो, डॉ समीर कुमार, जगदीश प्रसाद मंडल, कृष्णचंद्र दास, मुजफ्फर जमाली, गोबर्धन महतो, मनोज बास्के, निशित कुमार, बीरेंद्र तिवारी, मिथिलेश कुमार, आलोक मिश्रा, मधुसूदन कुमार, प्रदीप दत्त, राधा कुमारी, कृष्णा कुमारी, दिलीप माझी, प्रबोध कुमार महतो, पंचानन महतो, मजनू अंसारी, सोहेल खान व मोहम्मद हाकिम आदि मौजूद थे. पटमदा-बोड़ाम की एकमात्र डीडीओ के सेवानिवृत्त होने के बाद शिक्षकों की वेतन निकासी की व्यवस्था पर बुरा असर पड़ने की संभावना है.

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