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शिक्षक सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, व्यावहारिक ज्ञान भी देते हैं : सिस्टर ज्योति

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Ranchi : भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा को काफी ऊंचा स्थान मिला है. शिक्षक अपने विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान ही नहीं, व्यावहारिक ज्ञान भी देते हैं. शायद यही कारण है कि विद्यार्थियों के जीवन को सार्थक बनाने में एक शिक्षक की अहम भूमिका होती है. उक्त बातें निर्मला कॉलेज की प्राचार्या सिस्टर ज्योति ने मंगलवार को कॉलेज में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह के अवसर पर कहीं. उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को मार्ग प्रदर्शित करते हैं. हर परिस्थिति का सामना करते हुए आगे बढ़ते रहना विद्यार्थी शिक्षकों से ही सीखते हैं. कॉलेज में उपस्थित शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए प्राचार्या ने कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों के सहयोग से ही कॉलेज ने वर्तमान में यह मुकाम पाया है. मौके पर छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया.

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विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच पारदर्शिता आवश्यक : सिस्टर लिडविन

सुपीरियर सिस्टर लिडविन ने छात्राओं की हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच पारदर्शिता की आवश्यकता है. जमाना बदल रहा है, ऐसे में अब शिक्षकों और विद्यार्थियों के रिश्ते में काफी बदलाव देखे जा रहे हैं. विद्यार्थियों को भी चाहिए कि रिश्ते का सम्मान करते हुए आगे बढ़ें. कार्यक्रम के दौरान उप प्राचार्या सिस्टर शोभा, सुपीरियर सिस्टर लिडविन मेरी, डॉ रेणु सिन्हा, कनकलता ऋद्धि, डॉ देवयानी राय, डॉ एम्मा सेराफिम, डॉ आफरीन हक समेत अन्य उपस्थित थे.

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सीईईडी से किया गया एमओयू

निर्मला कॉलेज और सेंटर फॉर एन्वायरनमेंट एंड इकोनॉमिक डेवलपमेंट (सीईईडी) के मध्य एमओयू किया गया. एमओयू में कॉलेज की ओर से सिस्टर ज्योति और सीईईडी के उपनिदेशक विश्वजीत रॉय चौधरी ने हस्ताक्षर किये. इसकी जानकारी देते हुए सिस्टर ज्योति ने बताया कि सीईईडी और कॉलेज के मध्य एमओयू के बाद कॉलेज में सेमिनारों, कार्यशालाओं, परियोजना कार्यों, शोध कार्यों और कौशल विकास कार्यों का आयोजन किया जायेगा. कॉलेज में आयोजित इन कार्यक्रमों में सीईईडी की ओर से सहायता प्रदान की जायेगी. एमओयू पांच वर्ष तक मान्य है.

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