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शिक्षक भर्ती घोटाला: ममता ने पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से किया बर्खास्त

Kolkata: शिक्षक भर्ती घोटाले में नाम आने के बाद पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से हटा दिया गया है. पार्थ चटर्जी ममता सरकार में उद्योग मंत्री थे. जब वह शिक्षा मंत्री थे उस दौरान हुए घोटाले के लिए उनको गिरफ्तार किया जा चुका है. बंगाल के चीफ सेक्रेटरी की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, पार्थ चटर्जी को उद्योग मंत्री के पद से हटाये जाने के साथ-साथ बाकी पदों से भी हटाया गया है. इसमें सूचना एंव प्रसारण विभाग, संसदीय मामलों से जुड़े विभाग आदि से भी उनकी छुट्टी कर दी गई है.

पार्थ चटर्जी को ईडी ने शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया है. पार्थ की गिरफ्तारी अर्पिता मुखर्जी के पकड़े जाने के बाद हुई थी. अर्पिता के घर पर मारे गये छापे में 20 करोड़ के करीब रुपये कैश मिला था. इसके बाद बुधवार को अर्पिता के दूसरे घर पर छापा पड़ा था. इसमें भी 20 करोड़ रुपये करीब कैश मिला था. इसी के साथ-साथ कई किलो सोना भी वहां से बरामद हुआ था. ईडी का मानना है कि यह वही पैसा है जो कि शिक्षक भर्ती में हुए घोटाले में घूस के तौर पर लिया गया था.

पिछली बार अगर 21 करोड़ 90 लाख मिले थे तो इस बार (बुधवार को) ईडी को 27 करोड़ 90 लाख कैश और 4 करोड़ से ज्यादा का सोना मिला है. 21 जुलाई को जहां ईडी ने डायमंड सिटी के फ्लैट में छापेमारी की थी, वहीं 27 जुलाई को बेलघोरिया के फ्लैट में रेड के दौरान काली कमाई का खजाना मिला है.

Sanjeevani

27 जुलाई को छापेमारी में क्या-क्या मिला?

27 करोड़ 90 लाख कैश, 6 किलो सोना (आधा-आधा किलो के सोने के 6 कंगन, 3 किलो सोने की बिस्किट), सोने का पेन

इस फ्लैट में कहां-कहां पैसे रखे गए थे ये जानकर और देखकर आप हैरान रह जाएंगे. बेडरूम में, ड्रॉइंग रूम में और टॉयलेट में तो सबसे ज्यादा नोट ठूंसकर रखे गए थे. वॉशरूम के बेसिन के नीचे लॉकर बनाया गया था जिसमें काली कमाई का पैसा रखा था.

ईडी ने जब बुधवार को रेड डाली तो नोटों की बरामदगी से उसकी भी आंखें फटी की फटी रह गईं थीं. पूरी रात नोटों की गिनती चली थी. नोट गिनने के लिए मशीनें मंगवाई गई थीं. ट्रक में 20 बक्से मंगवाए गए. सुबह 4 बजे गिनती खत्म हुई तो ये रकम 27 करोड़ 90 लाख तक जा पहुंची. फिर ट्रक में भरकर इन पैसों को भिजवाया गया.

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