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डेमो क्लास के नाम पर लाये जा रहे डोरंडा कॉलेज में शिक्षक, पहले से नियुक्त शिक्षकों की बढ़ी परेशानी

Ranchi: राज्य में शिक्षकों की परेशानी कोई नयी नहीं है. कुछ ऐसा ही हाल डोरंडा कॉलेज का है. यहां इंटर का क्लास लेने के लिए लगभग 40 शिक्षक है. जो चार-पांच साल से कॉलेज में पढ़ा रहे है. लेकिन पिछले कुछ दिनों से यहां शिक्षकों को ना ही सही वेतन मिल रहा है और ना ही कक्षाएं. नाम ना छापने की शर्त पर इन शिक्षकों ने बताया कि कॉलेज में हर सप्ताह डेमो क्लास के नाम पर नए शिक्षक लाएं जाते है. जबकि तीनों संकाय मिलाकर शिक्षकों की संख्या पर्याप्त है. डेमो के नाम पर इन शिक्षकों से महीनों काम लिया जाता है. और इसके बदले उन्हें मासिक वेतन तक नहीं मिलता.

शिक्षकों के वेतन पर पड़ता है असर

इन शिक्षकों ने जानकारी दी कि कॉलेज में इंटर के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए पहले से पर्याप्त शिक्षक है. ऐसे में नये शिक्षकों से डेमो के नाम पर महीनों काम लिया जा रहा है. जिससे पुराने शिक्षकों के वेतन में कटौती कर दी जा रही है. विगत कुछ महीनों से कॉलेज में इंटर शिक्षकों को 2000 से 3000 तक मासिक वेतन मिल रहा है.

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इंटर के हैं 2500 विद्यार्थी

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कॉलेज में इंटर के प्रति सत्र में लगभग 2500 विद्यार्थी है. दोनों सत्रों को मिलाकर कुल 5000 विद्यार्थी है.

प्रति कक्षाएं मिलनी है तीन सौ रूपये

जैक नियमावली के अनुसार, पीजीटी शिक्षकों को प्रति कक्षा तीन सौ रूपये देना है. वहीं मासिक वेतन 8000 से 12,000 रूपये देने का प्रावधान है. लेकिन डोरंडा कॉलेज के इंटर शिक्षको को इतना मिल नहीं पा रहा है.

शिक्षक से नहीं विद्यार्थियों को पढ़ाई से है मतलब

इस संबध में जब प्राचार्य वीसी तिवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शिक्षक राजनीति के तहत ऐसा कर रहे हैं. कॉलेज में कुछ भी ऐसा नहीं हो रहा है. विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा देने के लिए कॉलेज में शिक्षक बुलाएं जाते है. ऐसे में पुराने शिक्षक विरोध करते है तो इसमें कॉलेज का दोष नहीं. विद्यार्थियों को समझना चाहिए कि उन्हें शिक्षक से नहीं पढ़ाई से मतलब है.

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