JharkhandRanchi

एमडीएम ऑडिट में गड़बड़ी पर हुई कार्रवाई से शिक्षक नाराज, परियोजना निदेशक को पत्र भेज जतायी आपत्ति

Ranchi : मध्याह्न भोजन की ऑडिट में गड़बड़ी पाये जाने पर मध्याह्न भोजन प्राधिकरण निदेशक आदित्य कुमार आनंद की ओर से शिक्षकों पर कार्रवाई की गयी. वेतन वृद्धि व प्राचार्य के प्रभार तक से हटाने को लेकर संबंधित जिला के शिक्षा अधीक्षकों को लिखा गया. निदेशालय की ओर से शिक्षकों पर की गयी इस कार्रवाई पर अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ झारखंड प्रदेश ने नाराजगी जाहिर की है.

इसे भी पढ़ेंः  सुरक्षा मानदंडों का पालन करते हुए व्यापारिक गतिविधियां शुरू करे राज्य सरकार, लाइवलीहुड के साथ इकोनॉमी जरूरी : कुणाल आजमानी

निदेशालय की ओर से की गयी इस कार्रवाई को संघ के अध्यक्ष विजेंदर चौबे, महासचिव राममूर्ति ठाकुर व मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने संभावना आधारित कार्रवाई बताया है. इस कार्रवाई को गलत बताते हुए परियोजना निदेशक को पत्र भी लिखा है.

इस संबंध में संघ का कहना है कि विगत वर्ष झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन अंतर्गत सभी जिलों में विभिन्न विद्यालयों के सरस्वती वाहिनी संचालन समिति के अभिलेख और एकाउंट्स का वित्तीय अंकेक्षण कराया गया था. जिसके तहत ऑडिटरों के एकपक्षीय और तथ्य से विपरीत रिपोर्ट को आधार बनाकर मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक आदित्य कुमार आनंद द्वारा कई शिक्षकों पर दंडात्मक कार्रवाई हुई.

इस कार्रवाई को शिक्षकों ने न्याय के विरुद्ध बताया है. शिक्षकों का कहना है कि पूर्व तथ्यों से अवगत हुए बिना ही शिक्षकों पर निदेशालय से दंड निर्धारित हुआ. कार्रवाई के तहत संबंधित शिक्षकों की वेतन वृद्धि पर रोक लगाने, विद्यालय प्रभार से मुक्त करने, प्रोन्नत्ति रोकने और अनिवार्य सेवानिवृति देने संबंधी आदेश संबंधित जिला शिक्षा अधीक्षकों को दिया गया है.

अन्य विद्यालय की गलतियों को सभी संबंधित विद्यालयों द्वारा पुनरावृति किए जाने की संभावना को आधार बनाया गया है,जिसे शिक्षक प्रतिनिधियों ने हास्यास्पद बताया है.

इसे भी पढ़ेंः #CoronaUpdates: छत्तीसगढ़ के क्वारेंटाइन सेंटर से भागे पलामू के 5 लोग मिले कोरोना पॉजिटिव, झारखंड में संक्रमण के मामले हुए 132

adv

अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष महासचिव राम मूर्ति ठाकुर एवं मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने बताया कि यह ऑडिट प्राइवेट चार्टर्ड फर्म से कराया गया. इस ऑडिट के दौरान कई ऑडिटर विद्यालयों के अध्यक्ष और प्रधानाध्यापकों से अनैतिक रूप से पेश आते थे. जिसका कई शिक्षकों ने विरोध किया.

यह विरोध करने और इस विरोध पर अंतिम रूप से अड़े रहने वाले शिक्षकों के अभिलेखों का ऑडिट कार्य टाल मटोल कर छोड़ दिया गया. निदेशालय को ऑडिटरों ने प्रतिवेदित कर दिया कि कुछ स्कूल द्वारा अंकेक्षण कार्य मे सहयोग ही नही किया गया. इसी एकपक्षीय रिपोर्ट पर निदेशालय स्तर से शिक्षकों पर कार्रवाई निर्धारित की गयी. ऐसा करने से पूर्व शिक्षकों को अपना पक्ष रखने का अवसर तक नही दिया गया.

संघ का कहना है कि निदेशालय को ऑडिटरों के इस अनैतिक रवैये की लिखित रूप में जानकारी थी, क्योंकि गत वर्ष ही धनबाद के जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा शिक्षकों की शिकायत और समाचार पत्रों की खबरों के आधार पर निदेशालय को मामले से अवगत कराया गया था.

लेकिन उस वक़्त अंकेक्षकों पर कोई समुचित कार्रवाई नहीं की गयी. जबकि दूसरी तरफ ऑडिटरों की रिपोर्ट पर शिक्षकों पर कार्रवाई कर दी गयी. संघ ने मध्याह्न भोजन निदेशक को ज्ञापन भेज कर एकपक्षीय कार्रवाई को रोक कर फिर से ऑडिट की मांग की है.

इसे भी पढ़ेंः नागपुर से पैदल आ रहा था झारखंड का मजदूर, 400 किलोमीटर चलने के बाद रास्ते में चली गयी जान

advt
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: