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रेन वाटर हार्वेस्टिंग की गलत जानकारी दे कर ली टैक्स में छूट, अब निगम करेगा जांच

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Ranchi: राजधानी में बने कई भवनों मालिकों ने होल्डिंग टैक्स जमा करने और टैक्स में छूट लेने के लिए निगम के अधिकारियों को वाटर हार्वेस्टिंग से जुड़ी गलत जानकारी दी है. यह जानकारी भवन मालिकों ने सेल्फ असेसमेंट फॉर्म द्वारा के दी है. कई शिकायतें मिलने के बाद निगम ने अपने स्तर पर जांच करने का काम शुरू करने का फैसला किया है. पहले चरण में निगम शहर की बहुमंजिली इमारतों के रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जांच करायेगा. उसके बाद नगर निगम छोटे भवनों के रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की भी जांच करेगा.

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2016 में लागू हुई थी नियमावली

निगम क्षेत्र में नये होल्डिंग टैक्स नियमावली को वर्ष 2016 में लागू किया गया. बनायी गयी नयी नियमावली में यह प्रावधान किया गया था कि जिन भवनों के पास रेन वाटर हार्वेस्टिंग नहीं होगा. उन भवनों से डेढ़ गुणा टैक्स राशि वसूली जाएगी. निगम के इस कड़े कानून को देखते हुए ही हजारों भवन मालिकों ने अपने सेल्फ असेसमेंट फॉर्म में निगम को यह जानकारी दी कि उनके भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग है. जबकि माना यह जा रहा है कि यह जानकारी गलत है. इसके बाद ही निगम ने ऐसे भवनों की जांच करने का फैसला किया है.

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मात्र 32,000 हजार घरों की है सूची

वित्तीय वर्ष 2018-19 के आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में 1.80 लाख मकानों में से केवल 32 हजार मकान ही ऐसे हैं, जहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण हुआ है. करीब 1.48 लाख ऐसे मकान हैं, जिनमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा नहीं है. सेल्फ असेसमेंट के तहत इतने ही लोगों ने अपने घरों में इस सुविधा की बात कही है. हालांकि निगम ने इन भवनों की वास्तविकता अभी तक जांची नहीं है.

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सड़कों की चौड़ाई की भी होगी जांच

इसके साथ ही निगम इन इमारतों के सामने बनी सड़कों की चौड़ाई की भी जांच करेगा. यह भी जानकारी है कि राजधानी में भवनों के होल्डिंग टैक्स का निर्धारण इस बार सड़कों की चौड़ाई पर हुआ है. ऐसे में होल्डिंग जमा करनेवाले भवनों की संख्या काफी अधिक हो गयी है. इन मालिकों ने अपने टैक्स को बचाने के लिए सड़कों की चौड़ाई को कम करके फॉर्म में दर्शाया है.

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