JamshedpurJharkhandSaraikela

जानिए क्यों नहीं है यह सामान्य तस्वीर ? वजह आपको जरूर जाननी चा‍हि‍ए

Jamshedpur: यह सामान्य तस्वीर नहीं है. कोल्हान के गांवों में काम करने वाली सहिया और दाइयों की तस्वीर है. कोरोना काल में साइकिल के जरिए गांवों में घूम-घूम कर जच्चा-बच्चा को मदद करने वाली इन कर्मियों के लिए रविवार का दिन एतिहासिक था. टाटा स्टील फाउंडेशन (टीएसएफ) ने एचएसबीसी बैंक के सहयोग से इन सहिया साथियों, स्वास्थ्य कर्मियों और सहायक नर्स दाइयों (एएनएम) के बीच ई स्कूटर वितरित क‍िया.

रविवार को सरायकेला-खरसावां में 181 सहिया साथियों को यह ई स्कूटर दिया गया. टाटा स्टील के प्रमुख (सीएसआर) सौरव राय ने बताया कि देश में अपनी तरह की यह पहली पहल है, जिसमें हमने गांवों में काम करने वाली 565 सहिया और दाइयों को ई स्कूटर देने का फैसला लिया है. जिला प्रशासन और झारखंड सरकार के साथ मिलकर टाटा स्टील फाउंडेशन ने कोल्हान प्रमंडल के तीनों जिले-पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में यह पहल की है, क्योंकि महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दूर दराज इलाकों में जाने में परेशानी हो रही थी. कोविड महामारी के दौरान क्षेत्र के दूरदराज के क्षेत्रों में इन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने मातृ और नवजात जीवन रक्षा में अहम भूमिका निभाई थी.

ऑन रोड कीमत 75 हजार

Sanjeevani

मानसी नामक यह परियोजना 2009 में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत लागू की गई थी. सौर‌व राय ने बताया कि इस ई स्कूटर की कीमत ऑन रोड 75,000 रुपये है. इसके लिए हमने सभी सहिया साथियों और एएनएम को एक महीने के प्रशिक्षण के दौरान अपने ड्राइविंग कौशल को सीखाया है.

ये भी पढ़ें-Holi 2022: होली में ब‍िहार जानेवाली बसों व ट्रेनों में सीटें फुल, मत हों परेशान, रेलवे ने क‍िया है ये खास इंतजाम

 

Related Articles

Back to top button