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Tata Steel Bonus: टाटा स्टील में अगले सप्ताह हो जाएगा बोनस समझौता, कर्मचारियों की रहेगी बल्ले-बल्ले, जान‍िए क‍ितना म‍िलेगा बोनस

Sanjay Prasad
टाटा स्टील में इस साल का बोनस समझौता अगले सप्ताह हो जाएगा. इस्पात की चमक का असर टाटा स्टील के बोनस समझौते पर इस साल भी दिखेगा, क्योंकि कंपनी ने अपने इतिहास में 2021-22 में अब तक का श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है. पिछले साल कंपनी के इतिहास में पहली बार अब तक का सर्वाधिक 270.28 करोड़ रूपए का समझौता हुआ था. 2020 में 235.54 करोड़ रुपए का बोनस समझौता हुआ था. 2021 में प्रबंधन ने 35 करोड़ रुपए बोनस मद में ज्यादा दिया था. बोनस की यह राशि टाटा स्टील, ट्यूब डिविजन समेत सारे माइंस और कोलियरी के लिए थी. यह बोनस पुराने फॉर्मूले के आधार पर हुआ था, जिसमें शुद्ध मुनाफा (नेट प्रोफिट) के डेढ़ प्रतिशत राशि के साथ ही प्रोफिटिबिलिटी, प्रोडक्टिविटी और सेफ्टी (एलटीआईएफआर-लॉस टाइम इन्ज्यूरी फ्रीक्वेंसी रेट) के आधार पर बोनस की राशि की गणना की जाती थी.

2020-21 में कंपनी का नेट प्रोफिट 9752.13 करोड़ रहा था, जो 2021-22 में 41,749 करोड़ हो गया है. पिछले वित्तीय वर्ष में कंपनी ने अब तक के इतिहास में सर्वाधिक बेहतर प्रदर्शन किया है. वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ 41,749 करोड़ रूपए का रहा है. अगर इसका केवल डेढ़ प्रतिशत लिया जाय तो वह राशि 626 करोड़ रूपए हो जाती है. लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस साल कंपनी या तो नये फॉर्मूले के आधार पर बोनस देगी या फिर बोनस होने में देरी होने पर एक लम्सम राशि बोनस के लिए देगी. लेकिन कंपनी की कोशिश है कि बोनस समझौता हर हाल में अगले सप्ताह हो जाय. अगर लम्सम राशि मिलती है तो वह 300 करोड़ से ज्यादा होगी.

क्या है पुराना फार्मूला
पुराने फार्मूला के अनुसार बोनस की गणना नेट प्रोफिट, प्रोफिटिबिलिटी, प्रोडक्टिविटी और सेफ्टी (एलटीआईएफआर) के आधार पर होती है. पुराने फार्मूले के अनुसार पिछले साल बोनस की राशि में सेफ्टी मानदंड में कोई भी राशि नहीं मिली थी. 2021 में सेफ्टी यानि एलटीआईएफआर 0.55 प्वाइंट रहा है. 0.4 प्वाइंट से ऊपर रहने पर सेफ्टी में कोई राशि नहीं मिलती है. जीरो से लेकर 0.2 प्वाइंट होने पर सेफ्टी मद में 10 करोड़, 0.2 से लेकर 0.4 प्वाइंट होने पर 5 करोड़ और 0.4 के ऊपर होने पर कोई भी राशि नहीं मिलती है. अगर किसी वित्तीय वर्ष में कंपनी में एक भी दुर्घटना से मौत नहीं हुई तो प्रबंधन अतिरिक्त 15 करोड की राशि देता था लेकिन पिछले साल तीन दुर्घटनाएं होने से यह राशि भी नहीं मिली है.
प्रोफिटिबिलिटी की राशि ऐसे निकलती है
यह राशि 51.5 करोड़ है. नेट प्रोफिट (शुद्ध मुनाफा) 9752.13 करोड़ को सेलेबल स्टील 12.04 टन से भाग देने पर जो अंक आता है, उतना प्रोफिटिबिलिटी की राशि होती है.
प्रोडक्टिविटी की राशि ऐसे निकलती है
इस साल प्रोडक्टिविटी की राशि 72.5 करोड़ रूपए रही है. यह राशि कुल क्रुड स्टील 12.19 टन में टाटा स्टील के सारे लोकेशनों के मैनपावर 22871 से भाग देने पर आती है.

Sanjeevani

पिछले साल बोनस के पैरामीटर्स
कुल राशि बोनस की राशि (करोड़ में)
1.नेट प्रोफिट 9752.13 करोड़ 146.28 करोड़
2.प्रोफिटेबिलिटी 51.5 करोड़
3.प्रोडक्टिविटी 72.5 करोड़
4.सेफ्टी (एलटीआईएफआर) जीरो
दो साल पहले ही एक्स्पायर हो गया था पुराना फार्मूला
बोनस का पुराना फार्मूला दो साल पहले ही एक्स्पायर हो गया था. लेकिन पिछले साल यूनियन के अनुरोध पर प्रबंधन ने पुराने फार्मूले के आधार पर ही बोनस समझौता किया. यूनियन के अध्यक्ष पीएन सिंह के पहले प्रतिशत में बोनस होता था. लेकिन उनके आने के बाद बोनस कुल नेट प्रोफिट का 2.95 प्रतिशत होने लगा. इसके बाद 2015 में जब आर रवि प्रसाद यूनियन के अध्यक्ष बने तो उन्होंने वर्तमान फॉर्मूला को लाया था, जिसके आधार पर अब तक बोनस समझौता होते रहा है.
पिछले साल अधिकतम 359029 रुपए रहा था बोनस
2021 में अधिकतम बोनस 359029 रूपए मिला था जो 2020 में 301402 रूपए थाय ओल्ड सीरिज में यह अधिकतम बोनस थी, जबकि न्यू सीरिज (एनएस) में पिछले साल न्यूनतम बोनस 34290 रूपए और अधिकतम 92910 रूपए मिला था.
जमशेदपुर के कर्मचारियों को 158.31 करोड़ बोनस के मद में मिले थे
जमशेदपुर के कर्मचारियों (ट्यूब समेत) को 2021 में कुल बोनस 270.28 करोड़ में से 158.31 करोड़ रूपए मिले थे. जमशेदपुर और ट्यूब डिवीजन में कुल कर्मचारियों की संख्या 12558 थी, जो 2020 में 12807 थी.
बोनस का प्रतिशत 16.56 रहा था
2021 में साल बोनस का प्रतिशत 16.56 रहा था. वैसे कंपनी पिछले पांच साल से प्रतिशत के आधार पर बोनस नहीं दे रही है. लेकिन बोनस की राशि में कुल बोनेसेबल एमाउंट से भाग देकर बोनस का प्रतिशत निकाला जाता है.

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