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तमिलनाडु : पल्लावरम की पहाड़ियों में 2300 साल पुराना पत्थर से बना ताबूत मिला

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Chennai :  भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) को तमिलनाडु के पल्लावरम की पहाड़ियों पर पत्थर से बना एक ताबूत मिला है. ताबूत उसी तरह का  है, जैसा  140 साल  पूर्व   ब्रिटिश पुरातत्त्ववेत्ता अलेक्जेंडर रिया को उसी स्थान से मिला था  यह ताबूत  पूरी तरह से सुरक्षित बताया गया  है.  इसकी खोज पिछले साल दिसंबर में हुई थी.  एएसआई  के  अनुसार  यहां प्राचीन काल में महापाषाणकालीन सभ्यता मौजूद थी.   एएसआई के चेन्नई सर्किल के अधीक्षक पुरातात्विक एएमवी सुब्रमण्यम के  अनुसार   ताबूत पत्थर से बना हुआ है और इसकी उम्र 2300 साल हो सकती है.   इस खोज ने इन तथ्यों पर प्रकाश डालने का काम किया है कि इस इलाके में मानव बस्तियों का विकास हुआ था जो खानाबदोश नहीं थे.   ईसा पूर्व तीसरी शताब्दी में उनके पास 12 पैरों पर खड़े होने वाले पाषाण का ताबूत बनाने की तकनीक मौजूद थी.   उन्होंने कहा कि अब एसएसआई थर्मोल्युमिनेसेंस डेटिंग के जरिए इस पत्थर की असल उम्र जानने की कोशिश करेगी.

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पिछले साल दिसंबर  में  एएसआई की टीम की खुदाई में यह ताबूत मिला  

जमीन पल्लावरम में  रहने वाले लोगों की याचिका पर सुनवाई करने के बाद मद्रास हाईकोर्ट ने यहां खुदाई करने का निर्देश दिया.  इसके  आलोक में   पिछले साल सात और आठ दिसबंर को एएसआई की टीम की खुदाई में यह ताबूत मिला.  जानकारी  के अनुसार परीक्षण के  तौर पर पुरातत्ववेत्ताओं ने जमीन पल्लावरम में एक छोटी परिवेत्तुमलाई की पहाड़ी पर खुदाई  शुरू की.  लगभग दो फीट की खुदाई के बाद उन्हें पत्थर के ताबूत का किनारा मिला. जब एएसआई ने खुदाई को आगे बढ़ाया तो उन्हें मिट्टी के ताबूत की उपस्थिति का पता चला.  इस ताबूत के रेडवेयर लीड (ढक्कन) पर चारों तरफ से एक कलाकृति लिपटी हुई थी,  लेकिन पहाड़ों पर होने वाली मिट्टी कटान की वजह से गिरे कुछ पत्थरों ने इस सुरक्षा कवच को नष्ट कर दिया.  इसकी लंबाई 5.6 फीट और चौड़ाई 1.5 फीट है.  वहीं इसकी गहराई 1.64 फीट बतायी गयी है.

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