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एएनएम-जीएनएम की स्वास्थ्य सचिव से वार्ता विफल, सचिव ने कहा- नियुक्ति विज्ञापन में अभी समय लगेगा

संघ ने कहा राज्य भर में आंदोलन की गति तेज की जायेगी, नियुक्ति अधियाचना जेएसएससी को भेजे जाने के बाद ही आंदोलन वापस होगा

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Ranchi: स्थायीकरण की मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी झारखंड एनआरएचएम एएनएम जीएनएम अनुबंध कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी से मुलाकात की. 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगें सचिव को बतायीं. इस दौरान स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि नियुक्ति नियमावली बनने के बाद भी नियुक्ति विज्ञापन निकलने में अभी समय है. प्रक्रिया लंबी है. ऐसे में समय लगेगा. इसके बाद संघ की ओर से निर्णय लिया गया कि जब तक विभाग की ओर से नियुक्ति अधियाचना जेएसएससी को नहीं भेजी जाती तब तक धरना जारी रहेगा. अध्यक्ष मीरा कुमारी ने कहा कि सरकार एएनएम जीएनएम कर्मियों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है. अब पूरे राज्य में आंदोलन तेज किया जायेगा.

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कचहरी चौक जाम करने की थी योजना

इसके पहले अनुबंध कर्मियों की कचहरी चौक जाम करने की योजना थी. इसके लिए दोपहर तीन बजे का समय तय किया गया था. एएनएम जीएनएम कर्मियों के धरना पर निकलने के पहले ही राजभवन के पास उन्हें रोका गया. सिटी एसपी सुजाता वीणापाणि मौके पर पहुंचीं और अनुबंधकर्मियों को रोका. इसी समय अनुबंधकर्मियों को जानकारी दी गयी कि स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी वार्ता के लिए तैयार हैं. जिसके बाद अनुबंधकर्मियों ने स्वास्थ्य सचिव से मुलाकात की.

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स्थायीकरण की है मांग

एएनएम जीएनएम अनुबंध कर्मचारी अपने स्थायीकरण को लेकर आंदोलनरत हैं. गौरतलब है कि साल 2018 में ही एएनएम जीएनएम अनुबंध कर्मचारियों की नियुक्ति नियमावली बन गयी थी. इसके बाद भी सरकार की ओर से इनकी नियुक्ति के लिये विज्ञापन नहीं निकाला गया. जबकि इस संदर्भ में अनुबंध कर्मचारियों की ओर से कई स्वास्थ्य सचिव को जानकारी दी गयी है. लेकिन विभाग की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है. राज्य में अनुबंध कर्मचारियों के साथ ही सरकारी अस्पतालों में कार्यरत आउटर्सोसिंग स्टाफ भी हड़ताल में चले गये हैं. जिससे कई अस्पतालों की स्वास्थ्य सुविधाएं बाधित हैं.

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