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लोगार प्रांत पर भी कब्जा करने का दावा, काबुल से बस 90 KM दूर पहुंचे तालिबान

10 दिनों में कंधार समेत अफगानिस्तान के 15 प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा

New Delhi : अफगानिस्तान पर तालिबान तेजी से कब्जा करने में लगा हुआ है. लोगार प्रांत पर भी कब्जा करने का तालिबान ने दावा किया है. इससे पहले कंधार और हेरात भी उसके कब्जे में आ चुके हैं. पिछले करीब 10 दिनों में कंधार समेत अफगानिस्तान के 15 प्रांतीय राजधानियों पर तालिबान ने किया है कब्जा. अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार अगले 90 दिनों में तालिबान के काबुल तक पहुंचने की आशंका है.

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से ये प्रांत बस 90 किलोमीटर दूर है. इससे पहले शुक्रवार सुबह ही तालिबान ने कंधार पर कब्जा कर लेने का दावा किया था जो अफगानिस्तान का दूसरा बड़ा शहर है.

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8 से 9 प्रांतों पर पूरी तरह से कब्जा

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इससे पहले गुरुवार को तालिबान की ओर से अफगानिस्तान के तीसरे सबसे बड़े शहर हेरात पर कब्जा का दावा किया गया था. खासकर पिछले एक हफ्ते में उसने कई प्रांतीय राजधानी पर अपना वर्चस्व कायम कर लिया है. तालिबान अब करीब 8 से 9 प्रांतों पर पूरी तरह से कब्जा कर चुका है. साथ ही कुल 163 जिले उसके कब्जे में आ गए हैं.

तालिबान ने अब तक पिछले करीब 10 दिनों में कंधार समेत अफगानिस्तान के 15 प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा किया है और अब उसकी नजर देश की राजधानी काबुल पर है. अफगानिस्तान में 34 प्रांतीय राजधानी हैं. अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार अगर ऐसी ही स्थिति रही तो 90 दिनों में तालिबान काबुल तक पहुंच जाएगा और उस पर कब्जा जमा सकता है.

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अमेरिका, ब्रिटेन दूतावास कर्मचारियों को निकालने में जुटे

अफगानिस्तान में खराब होते हालात के बीच अमेरिका अपनी सेना की 3000 टुकड़ियों को काबुल में अमेरिकी दूतावास से निकालने के लिए भेजने पर योजना बना रहा है. वहीं ब्रिटेन ने भी कहा है कि वह अपने कुछ सैनिकों को ब्रिटिश नागरिकों को अफगानिस्तान से सुरक्षित तरीके से निकालने के लिए भेजेगा. कनाडा भी अपने दूतावास के कर्मचारियों को निकालने के लिए स्पेशल फोर्स भेज रहा है.

बता दें कि अमेरिका और नाटो के सैनिक करीब 20 साल पहले अफगानिस्तान आए थे और उन्होंने तालिबान सरकार को अपदस्थ किया था. अमेरिकी सेना का ताजा खुफिया आकलन बताता है कि काबुल 30 दिन के अंदर तालिबान के दबाव में आ सकता है और मौजूदा स्थिति बनी रही तो कुछ ही महीनों में पूरे देश पर नियंत्रण हासिल कर सकता है.

इस बीच ये रिपोर्ट भी आई है कि अफगानिस्तान में अगर तालिबान पूरी तरह से कब्जा कर लेता है और चुनी हुई सरकार अपदस्थ होती है तो चीन आतंकी संगठन को अफगानिस्तान के शासक के तौर पर मान्यता दे देगा.

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तालिबान के डर से घर छोड़ भाग रहे अफगानी

इस बीच तालिबान के बढ़ते आतंक के बीच अफगानिस्तान के विभिन्न प्रांतों से हजारों लोग अपना घर छोड़कर भाग रहे हैं. इस बीच कतर में शांति वार्ता रूकी हुई है हालांकि राजनयिक अभी भी मुलाकात कर रहे हैं.

एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार पश्चिमी घोर प्रांत में प्रांतीय परिषद के प्रमुख फजल हक अहसान ने शुक्रवार को कहा कि तालिबान प्रांतीय राजधानी फिरोज कोह में प्रवेश कर गया है, और शहर के अंदर लड़ाई चल रही है. उन्होंने बताया कि वह शहर के बाहरी इलाके में थे और अधिक जानकारी देने में असमर्थ थे.

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समर्थकों के साथ तालिबान में शामिल हुए हेरात के पूर्व गवर्नर

अब खबर आ रही है कि हेरात के पूर्व गवर्नर और अफगान सरदार इस्माइल खान अपने समर्थकों के साथ तालिबान में शामिल हो गए हैं. टोलो न्यूज के अनुसार, हेरात के तालिबान के हाथों जाने के बाद गवर्नर, पुलिस प्रमुख और एनडीएस कार्यालय के प्रमुख और 207 जफर कोर कमांडर सहित सभी सरकारी अधिकारियों ने आत्मसमर्पण कर दिया.

ब्रितानी जिहादी भी हुए तालिबान में शामिल

एक मीडिया रिपोर्ट में गुरुवार को कहा कि ब्रिटिश जिहादी अफगानिस्तान में सरकार के खिलाफ अपने आक्रामक हमले में गुप्त रूप से तालिबान में शामिल हो गए हैं. “ब्रिटिश लहजे वाले उग्रवादियों” के फोन कॉल को इंटरसेप्ट किया गया है.

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