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छत्तीसगढ़ के पंडो जनजातियों के संरक्षण हेतु डॉ. रणधीर ने पहल करते हुए लिखा राष्ट्रपति को पत्र

New Delhi: राष्ट्रीय मानवधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (एन एच आर सी सी बी ) राष्ट्रीय अध्य्क्ष डॉ रणधीर कुमार ने राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र छत्तीसगढ़ के पंडो कोरवा जनजातियों के उत्थान संरक्षण एवं मुख्य धारा में लाने हेतू महामहिम राष्ट्रपति को पत्र लिखा. इन्होंने अपने पत्र में महामहिम को धयानाकृष्ट कराया कि आजादी के 75 सालों में आज भी पंडो जनजाति आज भी अपने अधिकारों एवं मुख्यधारा से वंचित है जबकि इन जनजातियों को 1952 में देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद द्वारा अपना दत्तक पुत्र घोषित किया है. इन जनजातियों को विशेष जनजाति का दर्जा प्राप्त है , आजादी से आज तक ये सभी जनजाति अपने अधिकारों मुलभुत सुविधाओं के लिए सालों से संघर्ष कर रहे हैं परंतु किसी ने आज तक सुध नहीं लिया.

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डॉ रणधीर ने इस पत्र के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को विशेष आग्रह किया है कि प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के समय निर्मित छत्तीसगढ़ सूरजपुर जिला अन्तर्गत पंडोनगर गांव में राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास में आपका आगमन भी हो और इन विशेष जनजातियों के संस्कृति ,धरोहर ,सच्चाई एवं उनकी समस्याओं से रुबरु हो सके.

ज्ञात हो डॉ रणधीर कुमार ने अपने छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान इन विशेष जनजातियों से मुलाकात कर इनके अधिकारों को लेकर उचित पहल करने की बात की थी तत्पश्चात अपने छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्य्क्ष श्री जतिंदर पाल सिंह जी एवं उपाध्यक्ष श्री बंशी भाई जी समेत अन्य को निर्देशित करते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट की माँग की थी जिस पर पहल करते हुए प्रदेश पदाधिकारियों द्वारा रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई. इस पर उचित पहल करते हुए डॉ रणधीर ने सम्पूर्ण रिपोर्ट पर शोध एवं उचित निर्णय लेते हुए महामहिम राष्ट्रपति कोपत्र के माध्यम से सम्पूर्ण मामले से अवगत कराया एवं इन जनजातियों के संरक्षण एवं उनके अधिकारों की माँग की है.

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