पढ़ाई – NEWSWING https://newswing.com कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें Wed, 29 Jul 2020 15:39:27 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=5.5.1 https://newswing.com/wp-content/uploads/2020/07/favicon.jpg पढ़ाई – NEWSWING https://newswing.com 32 32 डीएसपीएमयू में होगी योग की पढ़ाई, कॉमर्स की पढ़ाई पर भी मिली सहमति https://newswing.com/yoga-study-in-dspmu-also-agreed-to-study-commerce/193531/ https://newswing.com/yoga-study-in-dspmu-also-agreed-to-study-commerce/193531/#comments Wed, 29 Jul 2020 15:39:27 +0000 https://newswing.com/?p=193531 ♦एकेडमिक काउंसिल की बैठक में लगी मुहर ♦डीएसपीएमयू में हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन की होगी पढ़ाई Ranchi : डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल की बैठक बुधवार को हुई. यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से छात्र हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये. बैठक में विवि में योग की पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया गया …

The post डीएसपीएमयू में होगी योग की पढ़ाई, कॉमर्स की पढ़ाई पर भी मिली सहमति appeared first on NEWSWING.

]]>
♦एकेडमिक काउंसिल की बैठक में लगी मुहर

♦डीएसपीएमयू में हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन की होगी पढ़ाई

Ranchi : डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल की बैठक बुधवार को हुई. यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से छात्र हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये. बैठक में विवि में योग की पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है. इस संबंध में विवि वीसी एसएन मुंडा ने बताया कि योग की पढ़ाई स्नातक स्तर की होगी. यह कोर्स तीन साल का होगा. फिलहाल योग की पढ़ाई विवि के बॉटनी डिपार्टमेंट में करायी जायेगी. यह एक सेल्फ फाइनेंसिंग कोर्स होगा.

इसके अतिरिक्त विवि में मास्टर ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है. अब तक विवि में पीजी इन हॉस्पिटल मैनेजमेंट की पढ़ाई होती थी. अब इसके बाद विद्यार्थी एमएचए कोर्स में दाखिला ले सकेंगे. हॉस्पिटल मैनेजमेंट की पढ़ाई पिछले 2 वर्षों से चल रही है, जो डिप्लोमा स्तर की है.

इसे भी पढ़ें – सरयू राय ने रघुवर दास के बयान पर कहा- ORG का कार्यालय मेरे अपार्टमेंट में था, सवाल की शक्ल में बताया आपने कैसे भ्रष्टाचार किया

यूजी औऱ पीजी की परीक्षा स्थगित

बैठक में 6 अगस्त से शुरू होनेवाली यूजी और पीजी की परीक्षा को अगले आदेश तक स्थगित कर दी गयी है. यह आदेश 20 अगस्त तक लागू रहेगा. वहीं 21 अगस्त से निर्धारित यूजी की परीक्षा तिथिवार ही होगी. गौरतलब है कि यूजी की परीक्षा 6 अगस्त से शुरू होनी थी,  जो 14 सितंबर तक होती. 21 अगस्त से होनेवाली कुछ परीक्षाएं फर्स्ट सीटिंग में होगी और तो कुछ दूसरी सीटिंग में होगी. पहले सत्र में होने वाली परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी. दूसरे सत्र की परीक्षा दोपहर 2 से 4 तक होगी. 21 अगस्त को सीए, रसायन शास्त्र इलेक्ट्रॉनिक और माइक्रोबायो की परीक्षा होगी. कोविड संक्रमण के मामले को देखते हुए और छात्र संघ द्वारा विरोध प्रदर्शन की वजह से विश्वविद्यालय में ऑफलाइन परीक्षा तिथि में बदलाव करने का फैसला लिया है. विवि में ऑनलाइन परीक्षाएं चल रही है.

इसे भी पढ़ें – सैम्फोर्ड अस्पताल का कारनामा- समान्य मरीज को बताया पॉजिटिव, बेटे ने रिम्स से जांच करायी तब सामने आया सच

The post डीएसपीएमयू में होगी योग की पढ़ाई, कॉमर्स की पढ़ाई पर भी मिली सहमति appeared first on NEWSWING.

]]>
https://newswing.com/yoga-study-in-dspmu-also-agreed-to-study-commerce/193531/feed/ 5
नीलांबर-पीतांबर विवि : 16 स्थायी संबद्ध कॉलेजों को नहीं मिल रहा अनुदान https://newswing.com/nilambar-pitambar-university-16-permanent-affiliated-colleges-are-not-getting-grant/192963/ https://newswing.com/nilambar-pitambar-university-16-permanent-affiliated-colleges-are-not-getting-grant/192963/#comments Mon, 27 Jul 2020 10:56:57 +0000 https://newswing.com/?p=192963 Ranchi : पलामू स्थित नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी में सामान्य स्नातक-स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए कंसीच्यूएंट कॉलेजों के मुकाबले एफिलिएटेड कॉलेजों की संख्या ज्यादा है. इस विवि के अंर्तगत कंसीच्यूएंट कॉलेज केवल चार और परमानेंट एफिलिएटेड कॉलेजों की संख्या 16 है. यही 16 परमानेंट एफिलिएटेड कॉलेज पलामू प्रमंडल की शिक्षा व्यवस्था को संभाले हुए हैं. हर कॉलेज …

The post नीलांबर-पीतांबर विवि : 16 स्थायी संबद्ध कॉलेजों को नहीं मिल रहा अनुदान appeared first on NEWSWING.

]]>
Ranchi : पलामू स्थित नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी में सामान्य स्नातक-स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए कंसीच्यूएंट कॉलेजों के मुकाबले एफिलिएटेड कॉलेजों की संख्या ज्यादा है. इस विवि के अंर्तगत कंसीच्यूएंट कॉलेज केवल चार और परमानेंट एफिलिएटेड कॉलेजों की संख्या 16 है. यही 16 परमानेंट एफिलिएटेड कॉलेज पलामू प्रमंडल की शिक्षा व्यवस्था को संभाले हुए हैं. हर कॉलेज में औसतन दो हजार से अधिक स्टूडेंट पढ़ाई करते हैं. लेकिन इन परमानेंट एफिलिएटेड कॉलेजों को दो शैक्षणिक सत्र की अनुदान राशि अब तक नहीं मिल पायी है. इसे लेकर परमानेंट एफिलिएटेड कॉलेज के शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों में रोष है.

इसे भी पढ़ें – CoronaUpdate: देश में संक्रमितों का आंकड़ा 14 लाख के पार, 32 हजार से ज्य़ादा मौतें

विश्वविद्यालय को चार माह पहले मिल चुकी है राशि

मिली जानकारी के अनुसार स्थायी संबद्ध कॉलेज यानी परमानेंट एफिलिएटेड कॉलेजों को सरकार की ओर से प्रत्येक एकेडमिक इयर की अनुदान राशि दी जाती है. इसके लिए विश्वविद्यालय को पैसा भेजा जाता है. इसके बाद विश्वविद्यालय संबंधित परमानेंट एफिलिएटेड कॉलेजों के शासी निकाय से प्रस्ताव मंगा कर अनुदान की राशि कॉलेजों को देता है. नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी में एकेडमिक इयर 2018-19 और 2019-20 की अनुदान की राशि परमानेंट एफिलिएटेड कॉलेजों को अब तक नहीं मिली है. जबकि दोनों ही शैक्षणिक सत्र के लिए विभाग की ओर से जारी अनुदान राशि पिछले करीब चार माह पूर्व विश्वविद्यालय को प्राप्त हो चुका है. इसके बाद भी कॉलेजों को अनुदान की राशि नहीं दी गयी है.

इसे भी पढ़ें – फॉरेस्ट क्लियरेंस पेंडिंग होने के कारण लगभग चार साल से रुकी है ट्रांसमिशन लाइन की महत्वपूर्ण योजनाएं

कॉलेज भेज चुके शासी निकाय का प्रस्ताव

गौरतलब है कि विवि सभी कॉलेजों के शासी निकाय से अनुदान संबंधी प्रस्ताव मंगाता है. यह प्रस्ताव कॉलेजों की ओर से महीनों पहले विवि को भेजा जा चुका है. दरअसल परमानेंट एफिलिएटेड कॉलेज की आय का स्रोत हर साल मिलनेवाले अनुदान के अलावा स्टूडेंट्स से मिलनेवाली फीस होती है. इसी पैसे से कर्मचारियों को भुगतान किया जाता है. लेकिन कोरोना की वजह से कॉलेज बंद हैं. ऐसे में छात्र-छात्राओं से मिलनेवाली फीस भी नहीं आ रही है. इस वजह से उन कॉलेजों में काम कर रहे शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

इसे भी पढ़ें – भारतीय वायुसेना की बढ़ेगी ताकत, 29 जुलाई को भारत की धरती पर लैंड करेंगे 5 राफेल विमान

The post नीलांबर-पीतांबर विवि : 16 स्थायी संबद्ध कॉलेजों को नहीं मिल रहा अनुदान appeared first on NEWSWING.

]]>
https://newswing.com/nilambar-pitambar-university-16-permanent-affiliated-colleges-are-not-getting-grant/192963/feed/ 6
राज्य का एकमात्र कृषि विवि का हाल: 454 शिक्षकों के पद में 405 खाली, कैसे होगी पढ़ाई! https://newswing.com/state-only-agricultural-university-405-vacancies-post-454-teachers-studies-done/191738/ https://newswing.com/state-only-agricultural-university-405-vacancies-post-454-teachers-studies-done/191738/#respond Tue, 21 Jul 2020 07:03:52 +0000 https://newswing.com/?p=191738 Ranchi: राज्य का एकमात्र बिरसा कृषि विवि कांके बीते 17 साल से शिक्षकों की कमी झेल रहा है. ऐसे में यहां के विभिन्न कॉलेजों में कृषि और उससे जुड़े कोर्स करने वाले स्टूडेंट्स अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं. वहीं हर साल इस विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले कॉलेजों में झारखंड कंबाइंड परीक्षा के माध्यम …

The post राज्य का एकमात्र कृषि विवि का हाल: 454 शिक्षकों के पद में 405 खाली, कैसे होगी पढ़ाई! appeared first on NEWSWING.

]]>
Ranchi: राज्य का एकमात्र बिरसा कृषि विवि कांके बीते 17 साल से शिक्षकों की कमी झेल रहा है. ऐसे में यहां के विभिन्न कॉलेजों में कृषि और उससे जुड़े कोर्स करने वाले स्टूडेंट्स अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं. वहीं हर साल इस विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले कॉलेजों में झारखंड कंबाइंड परीक्षा के माध्यम से एडमिशन होता है.

इस साल भी विभिन्न कोर्स के 490 सीटों में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. ऐसे में कहा जा रहा है कि जब विश्वविद्यालय में 90 फीसदी शिक्षकों के पद खाली हैं तो हर साल नामांकन लेने के बाद पढ़ाई कैसे करायी जा सकेगी.

इसे भी पढ़ें- सत्ता की तारीफ फिर कभी कर लीजियेगा, पहले बेरोजगारी के इन आंकड़ों को पढ़ लीजिये

शिक्षकों के 454 में 405 पद हैं खाली

हर विवि की तरह बिरसा कृषि विवि में भी प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर आदि के 454 पद हैं. इन 454 पद में से 405 पद खाली हैं. विश्वविद्यालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार विवि में प्रोफेसर के 58 पद हैं, जिसमें से 41 पद खाली हैं.

वहीं एसोसिएट प्रोफेसर के 113 पद हैं, जिसमें से 106 पद खाली हैं. असिस्टेंट प्रोफेसर के 273 पद हैं, जिसमें से 132 पद रिक्त हैं. इस तरह से कुल 454 पद से शिक्षकों के 405 पद खाली हैं. वहीं इस विवि में एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारियों के पद भी लंबे समय से खाली हैं.

जानकारी के अनुसार यहां वीसी, डीन, एसोसिएट डीन, डाइरेक्टर के अलावा रजिस्ट्रार के पद भी प्रभार में ही चल रहे हैं. बीते सात माह से विवि में स्थायी वीसी की नियुक्ति भी नहीं हो पायी है.

इसे भी पढ़ें- देश में 24 घंटे में Corona के 37 हजार से अधिक केस, संक्रमितों की संख्या 11.5 लाख के पार

बिरसा कृषि के 490 सीटों के लिए चल रही है एडमिशन प्रक्रिया

बिरसा कृषि विवि के तहत बैचलर ऑफ वेटनरी साइंस एंड एनिमल हसबेंडरी, बीएससी एग्रीकल्चर, बीएससी फोरेस्ट्री, बीटेक डेयरी टेक्नोलॉजी, बीटेक एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग, बैचलर ऑफ फिशरी साइंस और बीएससी हॉर्टिकल्चर कोर्स कराया जाता है. इसमें एग्रीकल्चर कोर्स के लिए 230 सीट है. यह कोर्स विवि के रांची एग्रीकल्चर कॉलेज कांके, सिदो-कान्हू कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर गोड्डा, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर देवघर और कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर गढ़वा में करायी जाती है.

एग्रीकल्चर में सीटों की संख्या 50 है. इसकी पढ़ाई रांची फॉरेस्ट्री कॉलेज, कांके में होती है. एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में सीटों की संख्या 40 है. इसकी पढ़ाई कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग,कांके में होती है. बीएससी (प्रतिष्ठा) हॉर्टिकल्चर में सीटों की संख्या 50 है. इसकी पढ़ाई कॉलेज ऑफ होर्टिकल्चर साइंस, झींकपानी (चाईबासा) में होती है.

बीवीएससी एंड एएच पाठ्यक्रम में सीटों की संख्या 60 है. इसकी पढाई रांची पशु चिकित्सा महाविद्यालय, कांके में होती है. बीएफएससी पाठ्यक्रम में सीटों की संख्या 30 हैं और इसकी पढ़ाई कॉलेज ऑफ फिशरीज साइंस, गुमला में होगी. बीटेक (मिल्क टेक्नोलॉजी) में सीटों की संख्या 30 है. इसकी पढ़ाई फूलो झानो कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस, हंसडीहा(दुमका) में होती है.

इसे भी पढ़ें- राहुल गांधी का मोदी सरकार पर तंजः बढ़ते संक्रमण के बीच गिनवायी कोरोना काल में केंद्र की उपलब्धियां

एकेडमिक सेशन 2020-21 के एडमिशन शुरू

बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के विभिन्न कोर्स में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. इसमें एडमिशन टेस्ट के माध्यम से नामांकन होगा. झारखंड कंबाइंड परीक्षा बोर्ड इसके लिए एप्लीकेशन मंगा रहा है. झारखंड के स्थानीय और स्थाई निवासी ऑनलाइन आवेदन 8 अगस्त की शाम 5:00 बजे तक जमा कर सकते हैं.

बोर्ड के वेबसाइट http://jceceb.jharkhand.gov.in दिये गये लिंक में जाकर आवेदन किया जा सकता है. एप्लीकेशन शुल्क के रूप में एससी, एसटी और महिला अभ्यर्थी को 450 रुपये (पीसीबी/ पीसीएम) और 500 रुपये (पीसीबीएम) व अनारक्षित (सामान्य) और अन्य श्रेणी के लिए परीक्षा शुल्क 900 रुपये (पीसीबी- पीसीएम) और 1000 रुपये (पीसीबीएम) देने होंगे. यह शुल्क पीसीबी (फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी), पीसीएम(फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स) और पीसीएमबी (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स और बायोलॉजी) के हिसाब से देना होगा.

The post राज्य का एकमात्र कृषि विवि का हाल: 454 शिक्षकों के पद में 405 खाली, कैसे होगी पढ़ाई! appeared first on NEWSWING.

]]>
https://newswing.com/state-only-agricultural-university-405-vacancies-post-454-teachers-studies-done/191738/feed/ 0
हेल्थ केयर की पढ़ाई करेंगे हाइस्कूल के बच्चे, 11वीं में होगी मीडिया-एंटरटेनमेंट की पढ़ाई https://newswing.com/high-school-children-will-study-health-care-media-entertainment-will-be-taught-in-11th/189460/ https://newswing.com/high-school-children-will-study-health-care-media-entertainment-will-be-taught-in-11th/189460/#comments Fri, 10 Jul 2020 14:48:01 +0000 https://newswing.com/?p=189460 Ranchi: कोविड-19 की वजह से स्वास्थ्य के प्रति लोगों की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए अब इसमें बच्चों को भी जोड़ा जायेगा. इसके लिए स्कूलों में पढ़ाई करायी जायेगी. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है. शिक्षा विभाग स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता लाने के लिए इसकी पढ़ाई हाइस्कूलों में …

The post हेल्थ केयर की पढ़ाई करेंगे हाइस्कूल के बच्चे, 11वीं में होगी मीडिया-एंटरटेनमेंट की पढ़ाई appeared first on NEWSWING.

]]>
Ranchi: कोविड-19 की वजह से स्वास्थ्य के प्रति लोगों की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए अब इसमें बच्चों को भी जोड़ा जायेगा. इसके लिए स्कूलों में पढ़ाई करायी जायेगी. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है.

शिक्षा विभाग स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता लाने के लिए इसकी पढ़ाई हाइस्कूलों में करायेगा. राज्य परियोजना निदेशक उमाशंकर सिंह ने व्यावसायिक शिक्षा के तहत हाइस्कूलों में हेल्थ केयर कोर्स शुरू करने का निर्देश दिया है.

इसे भी पढ़ें – 31 जुलाई तक सरकारी स्कूलों की सभी गतिविधियों पर रोक, नहीं होंगे एडमिशन सहित अन्य काम

11वीं में होगी मीडिया-एंटरटेनमेंट की पढ़ाई

राज्य शिक्षा परियोजना की ओर से इसके लिए सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है. जल्द ही 11वीं में मीडिया एंड इंटरटेनमेंट ट्रेड की पढ़ाई करायी जायेगी. हेल्थ केयर और मीडिया एंटरटेनमेंट ट्रेडों में 40-40 बच्चों का एडमिशन होगा.

इस ट्रेड की शुरुआत करने के लिए शिक्षा परियोजना निदेशक की ओर से 8 जुलाई और फिर 25 जून को भी इस संबंध में स्कूलों के प्राचार्यों की ऑनलाइन बैठक कर निर्देशित किया गया था. परियोजना निदेशक ने कहा है कि वैसे माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जहां व्यावसायिक शिक्षा संचालित हो रही है, उनमें हेल्थ केयर सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा उपलब्ध कराये गये हैं.

इसे भी पढ़ें –जैक रिजल्ट में आवासीय स्कूलों का दबदबा, 54 आवासीय स्कूलों का 90 फीसदी रहा रिजल्ट

हर ट्रेड के लिए बनायें अलग-अलग लैब

शिक्षा परियोजना निदेशक की ओर से कहा गया है कि जहां व्यवसायिक पाठ्यक्रम चलाये जा रहे हैं वहां हर ट्रेड के लिए अलग-अलग लैब बनाये जायें. वहीं जहां क्लासेस की कमी है, वहां पर एक ही कमरे में दो अलग-अलग प्रयोगशालाएं बनायी जा सकती है.

जिन स्कूलों को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है, वहां पर निर्माण के पहले जिला उपायुक्त से अनुमति लेना जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा है कि व्यवसायिक कोर्स कराने वाले संस्थानों में सिक्योरिटी ट्रेड में नये एडमिशन न लिये जायें. भारत सरकार ने सिक्योरिटी ट्रेड में परिवर्तन कर उसे इलेक्ट्रोनिक एंड हार्डवेयर से परिवर्तित कर दिया है. नये एकेडमिक ईयर 2020-21 में इलेक्ट्रॉनिक एंड हार्डवेयर ट्रेड में वर्ग 9 में नामांकन हो सकेगा.

इसे भी पढ़ें –गिरिडीह में कोरोना के 5 नए मामले , जामताड़ा में आईआरबी कैंप का एक जवान कोरोना पॉजिटिव

The post हेल्थ केयर की पढ़ाई करेंगे हाइस्कूल के बच्चे, 11वीं में होगी मीडिया-एंटरटेनमेंट की पढ़ाई appeared first on NEWSWING.

]]>
https://newswing.com/high-school-children-will-study-health-care-media-entertainment-will-be-taught-in-11th/189460/feed/ 5
तकनीकी शिक्षा का हाल: 17 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के 4642 छात्रों को जेई बनाते हैं केवल 77 शिक्षक https://newswing.com/condition-of-technical-education-only-77-teachers-make-4642-students-of-17-government-polytechnic-colleges-as-je/186516/ https://newswing.com/condition-of-technical-education-only-77-teachers-make-4642-students-of-17-government-polytechnic-colleges-as-je/186516/#respond Sat, 27 Jun 2020 08:38:29 +0000 https://newswing.com/?p=186516 Rahul Guru Ranchi: खनिज संपदा और उद्योगों से भरे राज्य झारखंड में तकनीकी शिक्षा का हाल बेहाल है. राज्य के छात्र जूनियर इंजीनियर बनने का सपना तो देखते हैं, लेकिन किस हाल में इंजीनियर बनकर निकलते होंगे, इसका अंदाजा शिक्षकों की संख्या से लगा सकते हैं. राज्य में कुल 42 जूनियर इंजीनियरिंग कराने वाले संस्थान …

The post तकनीकी शिक्षा का हाल: 17 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के 4642 छात्रों को जेई बनाते हैं केवल 77 शिक्षक appeared first on NEWSWING.

]]>
Rahul Guru

Ranchi: खनिज संपदा और उद्योगों से भरे राज्य झारखंड में तकनीकी शिक्षा का हाल बेहाल है. राज्य के छात्र जूनियर इंजीनियर बनने का सपना तो देखते हैं, लेकिन किस हाल में इंजीनियर बनकर निकलते होंगे, इसका अंदाजा शिक्षकों की संख्या से लगा सकते हैं.

राज्य में कुल 42 जूनियर इंजीनियरिंग कराने वाले संस्थान हैं. इसमें 17 राज्य सरकार खुद संचालित करती है. 08 पॉलिटेक्निक टेक्नो इंडिया के भरोसे चलाती है. वहीं 17 निजी पॉलिटेक्निक संस्थान भी हैं. राज्य सरकार के अपने पॉलिटेक्निक संस्थानों में 4642 स्टूडेंट्स को पढ़ाने की क्षमता है. पर इन 17 राजकीय पॉलिटेक्निक में शिक्षकों की संख्या केवल 77 है.

इसे भी पढ़ेंःकिसानों का दर्दः लॉकडाउन में 2 रुपये भी नहीं बिक पायी भिंड़ी अब कर्ज के भरोसे धान की खेती

यानी औसतन एक शिक्षक पर 273 स्टूडेंट्स को जूनियर इंजीनियर बनाने की जिम्मेवारी है. अब आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां के सरकारी संस्थानों से पढ़कर निकलने वाले जूनियर इंजीनियरों का भविष्य क्या होगा. जबकि इन कॉलेजों में शिक्षकों के स्वीकृत पद 376 हैं. अन्य प्रमुख पदों की बात करें तो राजकीय पोलिटेक्निक संस्थानों में प्रिंसिपल के 17 पद हैं, जिसमें 10 खाली हैं. इसी तरह विभागाध्यक्ष के 39 स्वीकृत पद में से 38 खाली हैं.

20 साल बाद राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों को मिले 07 प्राचार्य

तकनीकी शिक्षा के प्रति विभाग का रवैया ऐसा है कि इन्हें प्रिंसिपल तक नहीं मिल पा रहे हैं. राज्य गठन के 20 साल बाद सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों को केवल 07 प्राचार्य मिले हैं, जबकि अब भी 10 पॉलिटेक्निक बिना प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य के भरोसे चल रहा है.

सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों को इस साल 17 मार्च को 07 प्राचार्य मिले हैं. जेपीएससी द्वारा कुल 13 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया साल 2017 में शुरू की गयी थी. नियुक्त सात अभ्यर्थियों में छह अनारक्षित और एक एसटी कैटेगरी से हैं. दुर्भाग्य यह है कि योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने के कारण छह पद रिक्त रह गये.

साल 2020 की एडमिशन प्रक्रिया हो चुकी है शुरू

77 शिक्षकों के भरोसे छात्रों को पॉलिटेक्निक की शिक्षा देने के लिए हर साल एडमिशन लिए जाते हैं. साल 2020 के लिए भी एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसके लिए प्रवेश परीक्षा झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (जेसीएईसीबी) लेगी. आठ जून से ऑनलाइन एप्लीकेशन जमा होना शुरू हो गया है. 02 जुलाई तक एप्लीकेशन डाला जा सकता है. इंट्रेंस एग्जाम जुलाई के दूसरे या तीसरे सप्ताह में आयोजित किया जायेगा. 10वीं की परीक्षा में शामिल हुए छात्र एप्लीकेशन दे सकते हैं. इस एडमिशन एंट्रेंस के जरिए 17 सरकारी, आठ पीपीपी मॉडल से संचालित और 17 निजी पॉलिटेक्निक कॉलेज में एडमिशन होता है.

इसे भी पढ़ेंःयूपी बोर्ड ने जारी किये 10वीं और 12वीं कक्षा के रिजल्ट, यहां देखें अपने मार्क्स

The post तकनीकी शिक्षा का हाल: 17 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के 4642 छात्रों को जेई बनाते हैं केवल 77 शिक्षक appeared first on NEWSWING.

]]>
https://newswing.com/condition-of-technical-education-only-77-teachers-make-4642-students-of-17-government-polytechnic-colleges-as-je/186516/feed/ 0
#Lockdown: पांडिचेरी में फंसे झारखंड के 30 छात्र, सरकार से घर वापसी की लगा रहे गुहार https://newswing.com/lockdown-jharkhand-s-30-students-stranded-in-pondicherry-pleading-with-government-to-return-home/179090/ https://newswing.com/lockdown-jharkhand-s-30-students-stranded-in-pondicherry-pleading-with-government-to-return-home/179090/#respond Sat, 23 May 2020 15:13:24 +0000 https://newswing.com/?p=179090 क्या कहते हैं पांडिचेरी में फंसे छात्र, देखें वीडियो क्राइस्ट इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पढ़ते हैं सभी छात्र Ranchi: पांडिचेरी के क्राइस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रामनाथपुरम के छात्रावास में झारखंड के 30 छात्र फंसे हुए हैं. इस शिक्षण संस्थान में अब सिर्फ झारखंड के ही छात्र रह गये हैं. अन्य छात्र जो बिहार, बंगाल, केरल …

The post #Lockdown: पांडिचेरी में फंसे झारखंड के 30 छात्र, सरकार से घर वापसी की लगा रहे गुहार appeared first on NEWSWING.

]]>
  • क्या कहते हैं पांडिचेरी में फंसे छात्र, देखें वीडियो
  • क्राइस्ट इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पढ़ते हैं सभी छात्र
  • Ranchi: पांडिचेरी के क्राइस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रामनाथपुरम के छात्रावास में झारखंड के 30 छात्र फंसे हुए हैं. इस शिक्षण संस्थान में अब सिर्फ झारखंड के ही छात्र रह गये हैं.

    अन्य छात्र जो बिहार, बंगाल, केरल से थे वे सभी लॉकडाउन के दौरान अपने घर चले गये. लेकिन झारखंड के छात्रों की घर वापसी अबतक संभव नहीं हो सकी है. सभी छात्र परेशान हैं.

    छात्रों के समक्ष भोजन की समस्या खड़ी हो गयी है. अब छात्र खुद ही भोजन बना रहे हैं. झारखंड के लोहरदगा, हजारीबाग, गुमला, गढ़वा एवं अन्य जिले के 30 छात्र पांडिचेरी में हैं जिसमें 5 लड़कियां हैं.

    कॉलेज प्रबंधन ने भी छात्रों को घर लौटने के लिए कह दिया है. छात्रों ने झारखंड सरकार से मदद की गुहार लगायी है.

    इसे भी पढ़ें – मृतक के घर सांत्वना देने पहुंचीं झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने उड़ायी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

    लिंक पर निबंधन भी कराया, पर ठोस सूचना नहीं

    क्राइस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में फंसे छात्र झारखंड सरकार की ओर से राज्य वापसी के लिय जारी लिंक पर निबंधन भी करा चुके है. लेकिन वहां से कोई ठोस सूचना छात्रों को नही मिली.

    सभी छात्र निराश और परेशान हैं. कॉलेज प्रबंधन के द्वारा छात्रों को कहा जा रहा है कि आप घर लौट जायें. जब संस्थान खुलेगा तब आप लोगों को सूचना दी जायेगी.

    मंडार विधायक बंधु तिर्की ने भी इस संबंध में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह को पत्र लिखा जिसमें अलग-अलग स्थानों में झारखंड के 200 छात्र फंसे होने का बात कही.

    बंधु तिर्की ने अपने पत्र में छात्रों की घर वापसी कराने का अनुरोध किया.

    इसे भी पढ़ें – #Goa नेशनल गेम्स : झारखंड एथलेटिक्स ने जारी किया एसओपी, जून से खिलाड़ियों के लिए शुरू होगा ट्रेनिंग प्रोग्राम

    कोटा से छात्रों को लाये जाने पर राज्य सरकार की हुई थी सराहना

    झारखंड सरकार के द्वारा कोटा से छात्रों को सुरक्षित घर लाये जाने पर झारखंड सरकार की काफी सराहना हुई. लेकिन अभी भी ऐसे बहुत सारे छात्र अलग-अलग संस्थानों में फंसे हुए हैं जो अपने घर लौटना चहते हैं.

    न्यूजविंग से बतचीत में क्या कह रहे छात्र, देखें वीडियो.


    इसे भी पढ़ें – #JPSC आंदोलनकारी उम्मीदवारों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, 6ठी सिविल सेवा परीक्षा की त्रुटियों से कराया अवगत

    The post #Lockdown: पांडिचेरी में फंसे झारखंड के 30 छात्र, सरकार से घर वापसी की लगा रहे गुहार appeared first on NEWSWING.

    ]]>
    https://newswing.com/lockdown-jharkhand-s-30-students-stranded-in-pondicherry-pleading-with-government-to-return-home/179090/feed/ 0
    टीचर्स का ऑनलाइन फ्रेंडली न होना और ऑफलाइन क्लासेस की उम्मीद बना रही ऑनलाइन पढ़ाई से दूरी https://newswing.com/teachers-not-being-online-friendly-expecting-offline-distance-online-studies/176472/ https://newswing.com/teachers-not-being-online-friendly-expecting-offline-distance-online-studies/176472/#respond Tue, 12 May 2020 03:03:14 +0000 https://newswing.com/?p=176472 Rahul Guru Ranchi: शहर के दो दर्जन से अधिक इंजीनियरिंग-मेडिकल के कोचिंग संस्थान बीते एक महीने से ऑनलाइन पढ़ाई कराने का दावा कर रहे हैं. शहर के बड़े कोचिंग संस्थानों की माने तो वे समय की मांग के मुताबिक ऑनलाइन क्लासेस में ढल चुके हैं. पर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स को यह नहीं भा …

    The post टीचर्स का ऑनलाइन फ्रेंडली न होना और ऑफलाइन क्लासेस की उम्मीद बना रही ऑनलाइन पढ़ाई से दूरी appeared first on NEWSWING.

    ]]>
    Rahul Guru
    Ranchi: शहर के दो दर्जन से अधिक इंजीनियरिंग-मेडिकल के कोचिंग संस्थान बीते एक महीने से ऑनलाइन पढ़ाई कराने का दावा कर रहे हैं. शहर के बड़े कोचिंग संस्थानों की माने तो वे समय की मांग के मुताबिक ऑनलाइन क्लासेस में ढल चुके हैं.

    पर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स को यह नहीं भा रहा है. कोचिंग संस्थानों का ऑनलाइन पढ़ाई कराने को लेकर किया जा रहा दावा, महज स्वांत: सुखाय ही है. आखिर स्टूडेंट्स को क्यों नहीं भा रहा ऑनलाइन क्लासेस? इसके पीछे की वजह को लेकर कोचिंग संस्थानों में मतभेद है.

    इसे भी पढ़ें- पीएम मोदी से हेमंत ने कहा – मनरेगा की मजदूरी दर में 50 प्रतिशत वृद्धि की जाये

    स्वीकार नहीं कर पा रहे ऑनलाइन पढ़ाई

    स्टूडेंट्स को ऑनलाइन क्लासेस पसंद नहीं आने के पीछे शहर के बड़े इंजीनियरिंग कोचिंग संस्थान में से एक चैंप्स स्क्वेयर के निदेशक मनीष सिन्हा कहते हैं कि रांची जैसे शहर में ऑनलाइन पढ़ाई परिस्थितिजन्य उपाय है, जिसे कोचिंग संस्थान और स्टूडेंट्स ने भी मजबूरी बस अपनाया है. इसके लिए न तो कभी कोचिंग संस्थानों ने सोचा था और न ही स्टूडेंट्स ने. अगर कहीं ऑनलाइन क्लासेस फेल हो रहा है तो यह पहली बड़ी वजह है.

    इसके बाद जो दूसरी बड़ी वजह है वो तकनीकी सुविधा. मनीष सिन्हा की मानें तो उनके सर्वेक्षण के अनुसार अभी शहर में कोचिंग और स्कूलों में जो ऑनलाइन पढ़ाई करायी जा रही उसमें 95 फीसदी जूम एप के फ्री वर्जन से हो रही है. लगभग 20 से 25 फीसदी गूगल क्लासेस समेत अन्य प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं. इन प्लेटफॉर्म का फ्री वर्जन कहीं से स्टूडेंट्स को बांधे नहीं रख सकता है.

    इसके अलावा जो समस्या है वो है इंटरनेट डेटा उपलब्ध होने का. आम व्यक्ति किसी भी टेलिकॉम कंपनी का डेटा ले रहा है तो वो अधिकतम 2 जीबी का लेता है. इसमें स्कूलों का ऑनलाइन क्लोसस भी करना है और कोचिंग भी. ऐसे में 2 जीबी डेटा पर्याप्त नहीं है.

    इसे भी पढ़ें- #Railway: सप्ताह में 2 दिन यात्रियों को मिलेगी रांची से नयी दिल्ली राजधानी सुपरफास्ट सेवा

    अब भी है ऑफलाइन क्लासेस की उम्मीद

    कोचिंग संस्थानों की मानें तो हमारी मेंटालिटी ऑनलाइन की ओर है ही नहीं. हमारी मेंटालिटी में ऑनलाइन स्टडी कब आयेगी इसका भी कोई टाइम फ्रेम नहीं है. मेडिकल परीक्षा की तैयारी कराने वाले बायोम इंस्टीट्यूट के निदेशक पंकज सिंह का कहना है कि कोचिंग संस्थान हों या अभिभावक या फिर शिक्षक सभी ऑनलाइन क्लासेस को विकल्प के रूप में ही देख रहे हैं.

    वो कहते हैं कि अभी जिन भी कोचिंग क्लासेस में ऑनलाइन पढ़ाई करायी जा रही है या ऑनलाइन क्लासेस के नाम पर एडमिशन लिया जा रहा है, वे स्टूडेंट्स और अभिभावकों को यही बता रहे हैं कि फिलहाल हम ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं पर स्थिति के सामान्य होने पर क्लासरूम पढ़ाई ही करायी जायेगी. अभिभावक भी इसी बात को मानते हैं.

    अब भी अभिभावकों और स्टूडेंट्स की उम्मीद ऑफलाइन क्लासेस की ही है. अपनी बात जोड़ते हुए फिटजी रांची सेंटर प्रमुख पंकज कुमार कहते हैं कि अभी तक बोर्ड की परीक्षाएं खत्म नहीं हुई हैं. अभी भी स्टूडेंट्स पहले बोर्ड की परीक्षाओं के खत्म होने इंतजार कर रहे हैं. अगर स्थिति सामान्य नहीं होती है तो स्टूडेंट्स को ऑनलाइन स्टडी में आना होगा और कोचिंग संस्थानों को बेहतर प्लेटफॉर्म के साथ क्लासेस शुरू करने होंगे.

    इसे भी पढ़ें- #Lockdown: झरिया के लॉज में फंसे हैं तीन कश्मीरी सेब व्यापारी, ऑनलाइन आवेदन किया, अब तक नहीं मिली है मदद

    टीचर्स नहीं है ऑनलाइन क्लासेस फ्रेंडली

    ऑनलाइन क्लासेस के फेल होने के पीछे शिक्षकों का ऑनलाइन क्लासेस फ्रेंडली होना भी है. हालांकि कोचिंग संस्थान इसे लेकर खुल कर बात नहीं करते हैं. कोचिंग संस्थान यह दावा करते हैं कि उनके शिक्षक बड़ी आसानी से ऑनलाइन क्लासेस ले रहे हैं. शहर के बड़े कोचिंग संस्थान होने का दावा करने वाले तीन इंस्टीट्यूट के शिक्षकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि उन्हें महीने से भर से घर में बैठ कर बचत के पैसों से गुजारा इसलिए करना पड़ रहा क्योंकि उनके संस्थान उन्हें ऑनलाइन क्लासेस फ्रेंडली नहीं मानते हैं.

    इन संस्थानों में एक तो नेशनल लेबल का संस्थान भी है. जबकि कुछ हद तक बायोम इंस्टीट्यूट के निदेशक पंकज सिंह कहते हैं कि हमारे यहां 6 शिक्षक ऑनलाइन क्लासेस ले रहे हैं. वे इस बात से गुरेज नहीं करते हैं कि कोचिंग संस्थानों के कई शिक्षक ऑनलाइन क्लास लेने के फ्रेंडली हैं. जबकि शिक्षकों की मानें तो कुछ कोचिंग संस्थानों को छोड़ कर अधिकांश फ्री एप प्लेटफॉर्म से पढ़ा रहे हैं. ये फ्री सेवा स्टूडेंट्स को सही तरीके से संतुष्ट नहीं कर पाता.

    दूसरी बात यह भी कहते हैं कि कोचिंग संस्थान घर से क्लास लेने को कहते हैं लेकिन सुविधा नहीं देते हैं. शिक्षक कहते हैं कि जितना डेटा हम लेते हैं, उतने में क्लास लेना संभव नहीं है. संस्थान शिक्षकों के पर्सनल मोबाइल डेटा से अपना काम करा रहे हैं और शिक्षकों के कौशल पर सवाल उठाकर अपनी कमी का ठिकरा उनके माथे फोड़ रहे हैं.

    The post टीचर्स का ऑनलाइन फ्रेंडली न होना और ऑफलाइन क्लासेस की उम्मीद बना रही ऑनलाइन पढ़ाई से दूरी appeared first on NEWSWING.

    ]]>
    https://newswing.com/teachers-not-being-online-friendly-expecting-offline-distance-online-studies/176472/feed/ 0
    यूट्यूब चैनल ज्ञानदान मिशन से 10वीं के बच्चों को मिलेगी गणित और विज्ञान की जानकारी https://newswing.com/maths-and-science-will-be-provided-to-children-of-10th-standard-from-youtube-channel-gyandan-mission/175979/ https://newswing.com/maths-and-science-will-be-provided-to-children-of-10th-standard-from-youtube-channel-gyandan-mission/175979/#respond Sat, 09 May 2020 12:09:21 +0000 https://newswing.com/?p=175979 Ranchi: वैश्विक महामारी नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के मद्देनजर देशव्यापी लॉकडाउन की अवधि 17 मई तक बढ़ायी गयी है. गुमला जिले में लॉकडाउन अवधि के दौरान सभी स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षिक संस्थान पूर्ण रूप से बंद हैं. जिसके कारण बच्चों की शिक्षा भी बाधित हो रही है. इस …

    The post यूट्यूब चैनल ज्ञानदान मिशन से 10वीं के बच्चों को मिलेगी गणित और विज्ञान की जानकारी appeared first on NEWSWING.

    ]]>
    Ranchi: वैश्विक महामारी नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के मद्देनजर देशव्यापी लॉकडाउन की अवधि 17 मई तक बढ़ायी गयी है. गुमला जिले में लॉकडाउन अवधि के दौरान सभी स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षिक संस्थान पूर्ण रूप से बंद हैं. जिसके कारण बच्चों की शिक्षा भी बाधित हो रही है.

    इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा ज्ञानदान मिशन की शुरुआत की गयी. उपायुक्त शशि रंजन के निर्देशानुसार ज्ञानदान मिशन के तहत सहायक समाहर्त्ता सह सहायक दंडाधिकारी मनीष कुमार ने आइटीडीए भवन के सभागार में गुमला जिलांतर्गत सभी सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों संग बैठक की.

    इसे भी पढ़ें – पढ़िये, शिक्षा मंत्री के सवाल पर एक शिक्षक का सुझाव

    प्रतिदिन मिलेगी गणित और विज्ञान की जानकारी

    बैठक में मनीष कुमार ने शिक्षकों को ज्ञानदान नामक यूट्यूब चैनल पर विडियो क्लिप के माध्यम से प्रतिदिन गणित एवं विज्ञान के विषयों की जानकारी दसवीं बोर्ड के छात्र-छात्राओं संग साझा करने का निर्देश दिया. उन्होंने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य कोरोना महामारी के दौरान ऑनलाइन स्कूलिंग के माध्यम से बच्चों के बौद्धिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देना है.

    ऑनलाइन स्कूलिंग के माध्यम से बच्चों को अब घर बैठे गणित एवं विज्ञान जैसे विषयों के आसान एवं कठिन सवालों को हल करने में मदद मिलेगी. वहीं विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी. साथ ही इस पहल में शिक्षक भी अपना भरपूर सहयोग प्रदान कर बच्चों का मार्गदर्शन कर पायेंगे.

    इसे भी पढ़ें – #Jharkhand के 5 लाख 85 हजार 338 मजदूरों ने घर वापसी के लिए कराया पंजीयन

    10 से 15 मिनट के वीडियो के माध्यम से होगी पढ़ाई

    बैठक में मौजूद शिक्षक-शिक्षिकाओं से गणित एवं विज्ञान के विषयों को आपस में विभाजित करने का निर्देश दिया. साथ ही उन्होंने प्रत्येक शिक्षक द्वारा गणित अथवा विज्ञान के एक-एक विषय पर अधिकतम 10 से 15 मिनटों का वीडियो क्लिप बनाने का भी निर्देश दिया. वीडियो बनाते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखने को कहा गया है. जिसके मुताबिक शिक्षक विद्यार्थियों के वीडियो क्लिप में चुने गये विषय की बुनियादी जानकारी देंगे. इसके साथ ही विषय की महत्ता एवं पिछले वर्षों में पूछे गये सवालों पर विशेष ध्यान दिया जायेगा. इसके बाद बच्चों को विषय की विस्तृत जानकारी प्रदान की जायेगी. विडियो के अंत में बच्चों को उक्त विषय के आधार पर होमवर्क भी दिया जायेगा.

    लाइव सवाल भी पूछ सकेंगे स्टूडेंट्स

    मनीष कुमार ने बताया कि समय-समय पर शिक्षकों द्वारा गणित एवं विज्ञान के कठिन विषयों की विस्तृत जानकारी वीडियो के माध्यम से जारी किया जायेगा. उन्होंने बताया कि शिक्षकों द्वारा बनाये गये वीडियो जिला प्रशासन के साथ साझा किये जायेंगे. साझा किये गये वीडियो को तैयार कर यूट्यूब चैनल पर निरंतर अपलोड किया जायेगा. जिससे विद्यार्थियों को घर बैठे कठिन एवं आसान विषयों का ज्ञान प्रदान किया जायेगा. मनीष कुमार ने बताया कि वीडियो क्लिप में पूछे गये सवालों का जवाब बच्चे कॉमेंट के माध्यम से दे सकते हैं. वही इस पहल के माध्यम से जुड़ कर शिक्षा में अपना योगदान देनेवाले सभी शिक्षकों को भी जिला प्रशासन द्वारा प्रशस्ति पत्रों से सम्मानित किया जायेगा.

    इसे भी पढ़ें – माननीय! सुनिए मजदूरों की पीड़ाः खाने के लिए दाने -दाने को मोहताज हो रहे प्रवासी मजदूर 

    The post यूट्यूब चैनल ज्ञानदान मिशन से 10वीं के बच्चों को मिलेगी गणित और विज्ञान की जानकारी appeared first on NEWSWING.

    ]]>
    https://newswing.com/maths-and-science-will-be-provided-to-children-of-10th-standard-from-youtube-channel-gyandan-mission/175979/feed/ 0
    दूरदर्शन के कार्यक्रम के जरिये पढ़ाई पूरी करेंगे सरकारी स्कूल के बच्चे, 11 मई से हर तीन घंटे का एडुकेशनल प्रोग्राम https://newswing.com/government-school-children-will-complete-their-education-through-doordarshan-program-from-may-11-every-three-hours-educational-program/175345/ https://newswing.com/government-school-children-will-complete-their-education-through-doordarshan-program-from-may-11-every-three-hours-educational-program/175345/#respond Thu, 07 May 2020 03:52:17 +0000 https://newswing.com/?p=175345 Ranchi: लॉकडाउन के दौरान सरकारी स्कूल के बच्चे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें इसके लिए दूरदर्शन से कार्यक्रम प्रसारित किया जायेगा. इसकी शुरुआत 11 मई से होगी, जो 10 जून तक चलेगा. दूरदर्शन पर हर दिन 3 घंटे पढ़ाई होगी. 11 मई सोमवार से शुक्रवार तक हर रोज दो शिफ्ट में डिजिटल क्लास चलाया जायेगा. …

    The post दूरदर्शन के कार्यक्रम के जरिये पढ़ाई पूरी करेंगे सरकारी स्कूल के बच्चे, 11 मई से हर तीन घंटे का एडुकेशनल प्रोग्राम appeared first on NEWSWING.

    ]]>
    Ranchi: लॉकडाउन के दौरान सरकारी स्कूल के बच्चे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें इसके लिए दूरदर्शन से कार्यक्रम प्रसारित किया जायेगा. इसकी शुरुआत 11 मई से होगी, जो 10 जून तक चलेगा. दूरदर्शन पर हर दिन 3 घंटे पढ़ाई होगी. 11 मई सोमवार से शुक्रवार तक हर रोज दो शिफ्ट में डिजिटल क्लास चलाया जायेगा.

    इसे भी पढ़ेंः#CoronaPositive आने के बाद रोने लगी नर्स, जिस वार्ड में कर रही थी मरीजों का इलाज अब वहीं हुई भर्ती

    दूरदर्शन की ओर से चलाये जाने वाले तीन घंटे के इस डिजिटल क्लास का पहला एक घंटा नि:शुल्क होगा. इसके बाद के दो घंटे के शिक्षा परियोजना फीस देगा. डिजिटल क्लास सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन दो शिफ्ट में चलेगी.

    14,160 रुपये प्रतिदिन देगा जेइपीसी

    स्कूली बच्चों के लिए दूरदर्शन में प्रसारित होने वाले डिजिटल कंटेंट के प्रसारण लिए झारखंड शिक्षा परियोजना (जेइपीसी) के साथ हुए करार के मुताबिक सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दोपहर एक बजे से दो बजे तक इसका प्रसारण किया होगा.

    दूरदर्शन हर दिन एक घंटे का प्रसारण फ्री करेगा, जबकि दो घंटे के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना 14,160 रुपए प्रतिदिन के आधार पर दूरदर्शन को देगा. परियोजना की ओर से एक महीने के करार में दूरदर्शन को 2,83,200 रुपये का भुगतान किया जायेगा. दूरदर्शन को कंटेंट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जेईपीसी ने डॉक्टर अभिनव कुमार और जेसीईआरटी के कीर्तिवास कुमार को दी गयी है. जेईपीसी के राज्य परियोजना निदेशक उमाशंकर सिंह ने डिजिटल कंटेंट तैयार कराने के लिए 6 लोगों की तकनीकी समिति भी गठित की है.

    इसे भी पढ़ेंःबिहार में कोरोना के सात नये केस, मरीजों की संख्या पहुंची 542

    दूरदर्शन के डिजिटल क्लास का शेड्यूल

    10 से 10:30 बजे तक: यूनिसेफ द्वारा तैयार मीना मंच और जीवन कौशल आधारित प्रसारण

    10:30 बजे से 11 बजे तक: पहली से पांचवी कक्षा के लिए प्रसारण

    11:00 बजे से 12 बजे तक: छठी से नौवीं और 11वीं कक्षा के लिए प्रसारण

    एक बजे से दो बजे तक: 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए प्रसारण

    यूट्यूब से भी लाभ ले सकेंगे स्टूडेंट्स

    दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले डिजिटल कंटेंट को यूट्यूब पर भी प्रसारित किया जायेगा. इसका मकसद अधिक से अधिक संख्या में स्टूडेंट्स को जोड़ना है. साथ ही सभी लोकल केबल नेटवर्क वालों को भी दूरदर्शन के चैनल को निःशुल्क प्रसारित करने को कहा गया है. दूरदर्शन की ओर से उपलब्ध कराये जाने वाले डिजिटल कंटेंट की जानकारी दूरदर्शन और आकाशवाणी के माध्यम से दी जायेगी.

    इसे भी पढ़ेंः#RIMS: चयनित होने के बाद भी आखिर क्यों नहीं हो रही लैब टेक्निशियंस की नियुक्ति?

    The post दूरदर्शन के कार्यक्रम के जरिये पढ़ाई पूरी करेंगे सरकारी स्कूल के बच्चे, 11 मई से हर तीन घंटे का एडुकेशनल प्रोग्राम appeared first on NEWSWING.

    ]]>
    https://newswing.com/government-school-children-will-complete-their-education-through-doordarshan-program-from-may-11-every-three-hours-educational-program/175345/feed/ 0
    #Lockdown में दुरुस्त रहे शिक्षा, स्कूल से कॉलेज तक सरकार ने कर रखी है व्यवस्था https://newswing.com/in-lockdown-government-has-maintained-the-system-in-education/174405/ https://newswing.com/in-lockdown-government-has-maintained-the-system-in-education/174405/#respond Sat, 02 May 2020 15:26:44 +0000 https://newswing.com/?p=174405 Ranchi : पिछले 37 दिनों से राज्य में लॉक डाउन है. इस लॉक डाउन की वजह से राज्य के शैक्षणिक संस्थान बंद पड़े हैं. इस वजह से स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक क्लासेस नहीं चल रही हैं. स्टूडेंट्स की पढ़ाई में किसी तरह की रुकावट नहीं हो इसके लिए राज्य सरकार की ओर से मुकम्मल …

    The post #Lockdown में दुरुस्त रहे शिक्षा, स्कूल से कॉलेज तक सरकार ने कर रखी है व्यवस्था appeared first on NEWSWING.

    ]]>
    Ranchi : पिछले 37 दिनों से राज्य में लॉक डाउन है. इस लॉक डाउन की वजह से राज्य के शैक्षणिक संस्थान बंद पड़े हैं. इस वजह से स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक क्लासेस नहीं चल रही हैं.

    स्टूडेंट्स की पढ़ाई में किसी तरह की रुकावट नहीं हो इसके लिए राज्य सरकार की ओर से मुकम्मल व्यवस्था की गयी है.

    राज्य में निजी शिक्षण संस्थानों ने अपने यहां पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए पढ़ाने के नये तरीकों को अपना लिया है, पर ऐसा नहीं है कि राज्य के शिक्षण संस्थान निजी संस्थानों से पीछे हैं.

    राज्य सरकार के शिक्षा विभाग की ओर से पढ़ाई के हर स्तर पर व्यवस्था की गयी है.

    इसे भी पढ़ें – तरबूज के नीचे छिपा की जा रही थी डोडा की तस्करी, 20 लाख रुपए के डोडा के साथ दो राजस्थानी तस्कर गिरफ्तार

    व्हाट्सएप ग्रुप से हो रही पढ़ाई

    राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 40 लाख से अधिक स्टूडेंट्स की पढ़ाई निर्बाध रहे इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से विशेष व्यवस्था की गयी है.

    शिक्षा विभाग से लेकर एक-एक स्कूल में व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है. बीआरपी सीआरपी के गाइडेंस में संचालित हो रहे इन व्हाट्सएप ग्रुप में स्टूडेंट्स को उनकी क्लास के अनुसार जोड़ा गया है. इस व्हाट्सएप क्लास की शुरुआत देवघर जिले से हुई है.

    क्लास 1 से 5 तक के प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ रहे स्टूडेंट के लिए अलग ग्रुप, क्लास 6 से 8 तक के माध्यमिक कक्षाओं में पढ़ रहे स्टूडेंट के लिए अलग ग्रुप और क्लास 8 से 12 वीं के लिए अलग अलग व्हाट्सएप ग्रुप संचालित हो रहे हैं.

    विभागीय आंकड़ो के मुताबिक 12 वी तक के डेढ़ लाख स्टूडेंट को झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से गणित और विज्ञान के स्टडी मैटेरियल उपलब्ध कराया जा रहा है.

    इसके अतिरिक शिक्षा परियोजना की ओर से तैयार कराये गये स्टडी मैटेरियल हर क्लास के अनुसार भेज दिये गये हैं. इसका लाभ स्टूडेंट्स उठा रहे हैं.

    इसे भी पढ़ें – #Corona : देवघर से 2 नये कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले, झारखंड में कुल 115 संक्रमित

    किताब देने की चल रही तैयारी

    राज्य सरकार के प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च और प्लस टू स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को जेसीईआरटी की ओर से निःशुल्क दी जाती है.

    शिक्षा परियोजना के मुताबिक लॉक डाउन होने से पूर्व 15 मार्च तक लगभग 50 फीसदी स्टूडेंट्स तक किताबें देने के लिए ब्लॉक शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कार्यालय तक किताबें पहुंचा दी गयी हैं.

    इन किताबों को स्टूडेंट्स तक इसी सप्ताह के अंत तक पहुंचा दी जायेगी. गौरतलब है कि विभाग की ओर से 70 फीसदी स्टूडेंट को ध्यान में रखते हुए किताबें छापी जाती हैं.

    बाकी 30 फीसदी किताबें स्टूडेंट्स की ओर से जो लौटायी जाती हैं उनसे दी जाती हैं. शिक्षा परियोजना की ओर से जो स्टडी मेटेरियल तैयार किया गया है वह पूरी तरह से सिलेबस को कवर करता है.

    विश्वविद्यालयों में चल रही वीडियो क्लासेस

    स्कूल स्तर के अलावा राज्य के 7 विश्वविद्यालयों में भी निर्बाध पढ़ाई चल रही है. रांची विश्वविद्यालय अपने कम्युनिटी रेडियो रेडियो खांची के माध्यम से ऑडियो क्लास ले रहा है.

    इसके अलावा अपने यूट्यूब चैनल पर भी शिक्षकों के वीडियो क्लासेस अपलोड किए हुए है. रांची यूनिवर्सिटी में 546 और कोल्हान यूनिवर्सिटी में 325 से वीडियो क्लासेस उपलब्ध हैं.

    इसे भी पढ़ें – #Lockdown: कोलकाता में फंसे गिरिडीह के डेढ़ सौ लोगों को लाने चेंबर ने वाहन भेजे, सीमा पर बंगाल पुलिस ने रोका

    The post #Lockdown में दुरुस्त रहे शिक्षा, स्कूल से कॉलेज तक सरकार ने कर रखी है व्यवस्था appeared first on NEWSWING.

    ]]>
    https://newswing.com/in-lockdown-government-has-maintained-the-system-in-education/174405/feed/ 0