न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

स्विट्जरलैंड ने कालाधन रखने वालों के बारे में बताया,  सरकार का गोपनीयता का हवाला देते हुए जानकारी देने से इनकार  

सूचना के अधिकार कानून के तहत पूछे गये सवालों के जवाब में वित्त मंत्रालय ने कहा कि जारी जांच के तहत भारत और स्विट्जरलैंड मामला-दर-मामला आधार पर कालाधन पर सूचना साझा करते हैं. यह एक जारी प्रक्रिया है.

68

Newdelhi : सरकार ने गोपनीयता का हवाला देते हुए स्विट्जरलैंड से कालाधन मामलों पर मिली सूचना साझा करने से मना कर दिया है. सूचना के अधिकार कानून के तहत पूछे गये सवालों के जवाब में वित्त मंत्रालय ने कहा कि जारी जांच के तहत भारत और स्विट्जरलैंड मामला-दर-मामला आधार पर कालाधन पर सूचना साझा करते हैं. यह एक जारी प्रक्रिया है.

भाषा संवाददाता के आईटीआई आवेदन में पूछे गये सवालों के जवाब में दी गयी जानकारी में कहा गया है, स्विट्जरलैंड ने कालाधन मामलों पर जो सूचना दी है, वे गोपनीयता प्रावधान के अंतर्गत आती है. मंत्रालय से स्विट्जरलैंड से कालाधन मामलों में मिली सूचना के बारे में ब्यौरा मांगा गया था जिसमें कंपनियों तथा लोगों के नाम शामिल हैं. इसके अलावा सूचना के आधार पर की गयी कार्रवाई के बारे में भी जानकारी मांगी गयी थी.

इसे भी पढ़ें- केजरीवाल का दावा,  बीजेपी वाले इंदिरा गांधी की तरह मेरे पीएसओ से ही मेरी हत्या करा देंगे

भारत और स्विट्जरलैंड ने संयुक्त घोषणापत्र पर दस्तखत किये थे

भारत और स्विट्जरलैंड ने कर मामलों पर द्विपक्षीय प्रशासनिक सहायता (एमएएसी) पर बहुपक्षीय संधि पर हस्ताक्षर किये हैं. भारत और स्विट्जरलैंड ने 22 नवंबर 2016 को संयुक्त घोषणापत्र पर दस्तखत किये थे.इसके तहत दोनों के देशों के बीच वित्तीय लेखा का ब्यौरा साझा करने की व्यवस्था है. मंत्रालय ने कहा  कि जरूरी कानूनी व्यवस्था स्थापित की गयी है और 2019 से भारत को भारतीय निवासियों के स्विट्जरलैंड में वित्तीय खातों के बारे में वर्ष 2018 की सूचना मिलेगी. यह व्यवस्था आगे चलती रहेगी. उसने कहा कि यह व्यवस्था भारतीय निवासियों के स्विट्जरलैंड में बेहिसाब आय और संपत्ति का पता लगाने और उसे कर दायरे में लाने में मददगार होगी.

8,465 करोड़ रुपये की अघोषित आय कर के दायरे में

मंत्रालय ने यह भी कहा कि देश के भीतर और बाहर कालाधन के चलन के बारे में कोई अनुमान नहीं है. वित्त मंत्रालय से अन्य देशों से मिली कालाधन सूचना के बारे में भी ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा गया था. इसके बारे में कहा गया है कि भारत-फ्रांस दोहरा कराधान बचाव संधि के तहत फ्रांस से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करने योग्य सभी 427 एचएसबीसी बैंक खातों की आकलन कार्यवाही पूरी की जा चुकी है.

मंत्रालय ने कहा कि इन मामलों में करीब 8,465 करोड़ रुपये की अघोषित आय को कर के दायरे में लाया गया. यह राशि बिना किसी सूचना के विदेशी बैंक खातों में रखी गयी थी. उक्त 427 मामलों में से 162 मामलों में जानकारी छिपाने को लेकर 1,291 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया.

इसे भी पढ़ें- अशोक लवासा मामला : मोदी सरकार पर कांग्रेस ने साधा निशाना

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
क्या आपको लगता है हम स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता कर रहे हैं. अगर हां, तो इसे बचाने के लिए हमें आर्थिक मदद करें.
आप अखबारों को हर दिन 5 रूपये देते हैं. टीवी न्यूज के पैसे देते हैं. हमें हर दिन 1 रूपये और महीने में 30 रूपये देकर हमारी मदद करें.
मदद करने के लिए यहां क्लिक करें.-

you're currently offline

%d bloggers like this: