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स्वच्छ भारत अभियान पर लग सकता है ग्रहण, 800 कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की सेवा तीन सप्ताह बाद हो जायेगी समाप्त  

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Ranchi : राज्य में स्वच्छ भारत अभियान का दूसरा चरण जारी हो चुका है. शौचालय निर्माण के अलावा कचरा प्रबंधन और दूसरे काम किये जा रहे हैं. इन कामों में स्टेट कॉर्डिनेटर से लेकर ब्लॉक कॉर्डिनेटर और दूसरे लोग शामिल हैं. कॉन्ट्रैक्ट पर काम करनेवाले 800 से अधिक कर्मियों की सेवा अगस्त तक ही ली जानी है. यानी सितंबर महीने से ये स्वच्छ भारत अभियान के कार्यों से स्वतः मुक्त हो जायेंगे. अब तक पेयजल एवं स्वच्छता विभाग या सरकार की ओर से कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों के मामले में फैसला नहीं लिया जा सका है.

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जिले से ब्लॉक तक में 3-3 समन्वयक

रांची मुख्यालय में 3 कॉर्डिनेटर काम कर रह हैं. इसके अलावा हर जिले में 3 जिला समन्वयक भी हैं. साथ ही 3-3 ब्लॉक कॉर्डिनेटर और सोशल मोबिलाइजर भी काम कर रहे हैं. मतलब 536 ब्लॉक कॉर्डिनेटर और सोशल मोबिलाइजर से सेवा ली जा रही है. हर जिले में एक-एक एकाउंटेंट भी हैं. इसके अलावा सभी जिलों में 2 कंप्यूटर ऑपरेटर भी काम पर हैं. यानी कॉन्ट्रैक्ट पर काम करनेवाले तकरीबन 900 स्टाफ हैं.

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अगस्त के बाद सेवा खत्म

पीएमयू (प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट, राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन, रांची) ने 21 जुलाई को एक लेटर (पत्रांक 125/2006,474) सभी जिलों के विभागीय इंजीनियर को जारी किया है. इसके अनुसार स्वच्छ भारत अभियान (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य, जिला और प्रखंड स्तर पर संविदा के आधार पर काम करनेवाले सभी समन्वयकों, परामर्शियों और अन्य कर्मियों की सेवा 31 अगस्त तक ही रहेगी. एसएलएसएससी (राज्य स्तरीय चयन समिति) की इस पर सहमति है. 5 जून को एसएलएसएससी ने ऐसे सभी स्टाफ की सेवा अगस्त तक बनाये रखने को कहा है.

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मार्च से ही सेवा विस्तार का सिलसिला

स्वच्छ भारत मिशन में अनुबंध पर काम कर रहे कर्मियों को इस साल मार्च महीने से ही एक्सटेंशन देते हुए काम लिया जा रहा है. मई तक काम करने के बाद उन्हें जून में एसएलएसएससी ने अगस्त तक के लिए परमिशन दी है. पीएमयू के अनुसार कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों के मामले में एसएलएसएससी ही फैसला करेगी. सीएस (मुख्य सचिव) की अध्यक्षता में यह समिति नये सिरे से इंटरव्यू लेगी या कोई और तरीका अपनायेगी. फिलहाल इस मामले में एसएलएसएससी की ओर से कोई निर्देश नहीं आया है.

कर्मियों के स्थायीकरण की मांग

झारखंड राज्य प्रखंड समन्वयक, सोशल मोबलाइजर संघ के प्रदेश अध्यक्ष कौसर आजाद के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन में 2008 से ही कई कर्मी कॉन्ट्रैक्ट पर सेवा दे रहे हैं. इस साल लॉकडाउन लगने से पहले मार्च महीने में संघ ने कर्मियों के हित में हड़ताल भी किया था. सीएम और विभागीय मंत्री से आग्रह किया गया था कि कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों के मामले में सकारात्मक पहल हो. स्वच्छ भारत मिशन की जरूरतों को देखते हुए ऐसे कर्मियों की सेवा स्थायी हो. महंगाई के अनुरूप मानदेय में बढ़ोतरी हो. राज्य कर्मियों की तरह अवकाश की सुविधा मिले. सरकार ने अब तक कोई पहल नहीं दिखायी है. अगस्त के आखिर में संघ हड़ताल पर जाने की तैयारी कर सकता है.

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