Lead NewsSci & TechTOP SLIDER

5G नेटवर्क लॉन्च होने को लेकर सस्पेंस खत्म, जानिये किस कंपनी ने किया ट्रायल, कब शुरू होगी सेवा

Ranchi : अगर आप भी देश में 5G नेटवर्क लॉन्च होने का इंतजार कर रहे हैं तो आपके लिए नया अपडेट है. अब देश में जल्द ही 5G नेटवर्क शुरू होने वाला है. खुद केंद्र सरकार ने इस बारे में जानकारी दी है कि देश में कब से आम लोगों को 5G नेटवर्क मिलना शुरू हो जाएगा.

ताजा जानकारी के मुताबिक एयरटेल कुछ समय पहले ही 5G सर्विस के ट्रायल कर चुकी है. कंपनी ने हैदराबाद में इस नई टेक्नोलॉजी का ट्रायल किया है. वहीं मुकेश अंबानी की रिलायंस जिओ JIO भी 5 G सर्विस शुरू करने की तैयारी कर रही है.

इसे भी पढ़ें :जानिये.. कोलकाता में ओवैसी क्यों नहीं कर सके रैली

लोगों को सबसे पहले मिलेगी फास्ट इंटरनेट स्पीड

बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार सबसे पहले 5G नेटवर्क के इंटरनेट सेवाओं पर भी फोकस रखेगी. यूजर्स को सबसे पहले फास्ट इंटरनेट स्पीड की सुविधा मिलेगी.

पहले कुछ मेट्रो शहरों से शुरू होगी सर्विस

रिपोर्ट के मुताबिक DoT सचिव ने संसद को बताया है कि 5G नेटवर्क को एक साथ पूरे देश में लॉन्च करना संभव नहीं है. इसी लिए सरकार इस नई टेक्नोलॉजी को पहले कुछ मेट्रो शहरों से शुरू करेगी. बाद में पूरे देश में इस सेवा का विस्तार किया जाएगा.
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार ने देश में 5G नेटवर्क लॉन्च की सटीक जानकारी दे दी है. डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT) ने संसद की स्थाई समिति को बताया है कि 5G को इसी साल लॉन्च किया जाएगा. विभाग ने साफ कर दिया है कि 2021 के अंत तक लोगों को 5G नेटवर्क मिलना शुरू हो जाएगा.

इसे भी पढ़ें :फरवरी में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत तीसरी बार बढ़ी, अब 25 रुपये की वृद्धि

एयरटेल ने क्वॉलकॉम के साथ हाथ मिलाया

दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी भारती एयरटेल और चिपनिर्माता क्वॉलकॉम ने भारत में 5जी पर अमल में तेजी लाने के लिए मंगलवार को साझेदारी की घोषणा की. एयरटेल ने हाल ही में हैदराबाद शहर में एक लाइव वाणिज्यिक नेटवर्क पर 5जी सेवा का प्रदर्शन किया है. इस तरह एयरटेल ऐसा करने वाली भारत की पहली दूरसंचार कंपनी बन गयी है.

ओपन रैन-आधारित 5जी नेटवर्क की शुरु करेगी एयरटेल

कंपनी के एक बयान के अनुसार, ‘‘अपने नेटवर्क विक्रेताओं और उपकरण भागीदारों के माध्यम से एयरटेल वर्चुअलाइज्ड और ओपन रैन-आधारित 5जी नेटवर्क की शुरुआत करने के लिए क्वॉलकॉम के 5जी रैन प्लेटफॉर्म का उपयोग करेगी. एयरटेल ओ-रैन साझेदारी के निदेशक मंडल की सदस्य होने के नाते इसे सफल बनाने को प्रतिबद्ध है. कंपनी भारत में ओ-रैन का क्रियान्वयन करने के लिए क्वालकॉम के साथ मिलकर काम कर रही है.’

5जी नेटवर्क के लिए Ericsson के साथ साझेदारी की

बता दें कि एयरटेल ने पिछले महीने ही भारत में 5जी रेडी नेटवर्क की घोषणा की है. Airtel ने हैदराबाद में कमर्शियल तौर पर लाइव 5जी सेवा का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया. ऐसे में Airtel, 5जी का लाइव प्रदर्शन करने वाली देश की पहली टेलीकॉम कंपनी बन गई है. Airtel ने भारत में 5जी नेटवर्क के लिए Ericsson के साथ साझेदारी की है.
एयरटेल ने यह कारनामा अपने मौजूदा लिबरालाइज्ड स्पेक्ट्रम को 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में एनएसए (नॉन स्टैंड अलोन) नेटवर्क तकनीक के माध्यम से किया. अपनी तरह के पहले डायनैमिक स्पेक्ट्रम शेयरिंग का उपयोग करते हुए एयरटेल ने उसी स्पेक्ट्रम ब्लॉक में 5G और 4G को समवर्ती रूप से संचालित किया.

इस प्रदर्शन ने सभी डोमेन – रेडियो, कोर और ट्रांसपोर्ट में एयरटेल के नेटवर्क की 5G तत्परता को सशक्त बनाया है. मौजूदा टेक्नोलॉजी की तुलना में एयरटेल 5G 10x स्पीड, 10x लेटेंसी और 100x कंकरेंसी देने में सक्षम है. लाइव के दौरान हैदराबाद के उपयोगकर्ता 5G फोन पर महज कुछ सेकंडों में एक पूरी फिल्म को डाउनलोड करने में सक्षम थे.

इसे भी पढ़ें :बेंगाबाद में 50 वर्षीय किसान की हत्या, पुलिस कर रही है जांच

आखिर क्या है 5जी नेटवर्क

मोटे तौर पर कहें तो 5जी नेटवर्क की सुविधा के बाद आपका मोबाइल की इंटरनेट स्पीड 100 गुना हो जाएगी. इसी के साथ 5जी नेटवर्क को लेकर तर्क दिए जा रहे हैं कि इसके आने से मशीन-मशीन से और आपसे बात करने में सक्षम हो सकेगी. इसके लिए आपके पास मौजूद डिवाइस 5जी नेटवर्क को सपोर्ट करने वाली होनी चाहिए.
माना जा रहा है कि 5जी तकनीक के आने से मानव जीवन में कई बड़े बदलाव आ सकते हैं. 5जी तकनीक को लेकर वैज्ञानिकों ने तर्क रखे हैं कि यह आपके लिए मंगल गृह पर जाने जैसा होगा.
वैज्ञानिकों का कहना है कि सोचिए आप उस वक्त कैसा महसूस करेंगे जब आप अपनी ही कार से बात कर रहे होंगे और सड़क पर लगी रेड लाइट से सेंसर के जरिए तालमेल बैठा सकेंगे.

5जी नेटवर्क का सेहत पर असर

बता दें कि देश में 5G नेटवर्क का चलन होते ही मोबाइल टावरों की संख्या में बढ़ोतरी होगी जिससे आरएफ सिग्नल (RF Signal) भी भारी मात्रा में निकलेगा. ऐसे में टावरों से निकलने वाली इन विकिरणों (Radiation) से स्वास्थ्य पर बड़ा प्रभाव पड़ने की आशंका पैदा हो जाएगी. जानकारों के मुताबिक, RF सिग्नल से ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है.

इसे भी पढ़ें :लापरवाही की इंतहा… 80 करोड़ का बिजली बिल, देखते ही बुजुर्ग पहुंच गया अस्पताल

TRAI के बनाए गए सुरक्षा उपायों का करना होगा पालन

इधर, विशेषज्ञों का कहना है कि देश अगर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा बनाए गए सुरक्षा उपायों का पालन उचित रूप से करेगा तो 5जी नेटवर्क से निकलने वाली विकिरणों से लोगों के स्वास्थ्य पर कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) भी 5जी तकनीक से इंसानों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को खारिज कर चुका है. डब्ल्यूएचओ का मानना है कि रेडियो फ्रिक्वेंसी से लोगों के सिर्फ शारीरिक तापमान में वृद्धि के अलावा कोई और नुकसान नहीं होगा.

कुछ जानकारों का कहना है कि व्यक्ति के शरीर के लिए आयोनाइज़िंग नेचर वाली फ्रिक्वेंसी नुकसानदेह होती है. जबकि मोबाइल से नॉन आयोनाइज़िंग नेचर वाली फ्रिक्वेंसी का प्रवाह होता है. उनका मानना है कि 5G रेडिएशन से अभी तक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर का डेटा सामने नहीं आया है.

5जी से आतंक को मिलेगा बढ़ावा

इधर, दुनियाभर की सरकारें अभी हैकिंग जैसी बड़ी समस्या से जूझ रही हैं, लेकिन 5जी नेटवर्क से रिमोट सेंसिंग जैसी तकनीक में इजाफा होगा. जिससे बड़े देशों के साइबर एक्सपर्ट छोटे देशों के सिस्टम में आसानी से घुसपैठ कर सकेंगे. इसी के साथ आतंकी गतिविधियों का खतरा बढ़ने से देश की सुरक्षा में सेंध लग जाएगी. इसलिए अमेरिका, चीन, जापान और उत्तर कोरिया समेत कई देश 5जी नेटवर्क को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं.

इसे भी पढ़ें :बिरंची नारायण ने स्पीकर से की बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दिये जाने की मांग

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: