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निलंबित आइपीएस अधिकारी अनुराग गुप्ता पर चलेगा भ्रष्टाचार का मामला, सीएम ने प्रस्ताव पर दी सहमति

Ranchi : भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी (वर्तमान में निलंबित) अनुराग गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई करने की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वीकृति दे दी है.

अनुराग गुप्ता पर The Prevention of Curruption Act-1988 की धारा 7 और 13 (1) (d) और 13 (2) के साथ आइपीसी की धारा 120(b) के तहत कार्रवाई की जायेगी. निलंबित अधिकारी पर कार्रवाई की अनुशंसा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रस्ताव पर दी है.

बता दें कि अनुराग गुप्ता 1990 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं. उन पर 2016 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान गड़बड़ी का आरोप लगा था. आरोप है कि उन्होंने वोट मैनेज करने के लिए काम किया था.

मामले को लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग ने जांच की थी. जांच के बाद ही आयोग के निर्देश पर मार्च 2018 को राजधानी स्थित जगरनाथपुर थाने में मामला दर्ज हुआ था. आयोग ने भी निलंबित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्देश दिया था.

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नक्सलियों की गिरफ्तारी को लेकर सीएम ने की नयी पुरस्कार राशि की घोषणा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को दो अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिये. पहले निर्णय के तहत मुख्यमंत्री ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी और पीएलएफआइ के फरार चल रहे 6 सक्रिय नक्सलियों की गिरफ्तारी को लेकर नयी पुरस्कार राशि की घोषणा. 120 नक्सलियों के विरुद्ध पहले से घोषित पुरस्कार राशि का नवीकरण और एक भाकपा माओवादी के खिलाफ पद एवं पुरस्कार राशि का उत्क्रमण करने से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

बता दें कि वर्तमान समय में 279 नक्सलियों के खिलाफ पुरस्कार घोषित है. इनमें से 106 नक्सली या तो गिरफ्तार हो चुके हैं या समर्पण कर चुके हैं अथवा पुलिस मुठभेड़ में मारे गये हैं. इस तरह फिलहाल 173 नक्सलियों के विरुद्ध पुरस्कार घोषणा प्रभावी है.

सीएम के निर्देश के बाद नक्सलियों के खिलाफ पुरस्कार की घोषणा दो साल तक वैध होगी. दो वर्ष के बाद पुनः नये पुरस्कारों की घोषणा की जा सकती है. 5 लाख रुपये तक पुरस्कार घोषित करने का अधिकार डीजीपी को है. जबकि एसपी को 2 लाख रुपये तक पुरस्कार की घोषणा कर सकते हैं. वहीं इससे ऊपर की पुरस्कार राशि की घोषणा के लिए राज्य सरकार सक्षम है.

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सहायक वन संरक्षक के पर पर संविदा पर कार्यरत कर्मियों के सेवा विस्तार की स्वीकृति

अपने दूसरे निर्णय में मुख्यमंत्री ने सहायक वन संरक्षक के रिक्त पदों पर अस्थायी रूप से संविदा पर कार्यरत कुल 12 सेवानिवृत्त कर्मियों के अवधि विस्तार करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है. इन कर्मियों को 31 अक्टूबर 2019 को जारी एक आदेश के तहत 1 वर्ष के लिए संविदा के आधार पर नियुक्त किया गया था. इन 12 सेवानिवृत्त संविदा कर्मियों में से 10 व्यक्तियों ने काम शुरू किया था. नवंबर-2020 में इन सभी संविदा कर्मियों के कार्य अवधि समाप्त होने वाली थी.

6 कर्मियों को कार्य मूल्यांकन एवं नियंत्री पदाधिकारी की अनुशंसा के आधार पर मिला है सेवा विस्तार

सेवा विस्तार किये गये 10 कर्मियों में से 6 कर्मियों के कार्य मूल्यांकन एवं नियंत्री पदाधिकारी की अनुशंसा के आधार पर सेवा अवधि विस्तार की गयी है. इन 6 संविदा कर्मियों में रांची कार्यालय में क्षेत्रीय वन संरक्षक सच्चिदानंद ठाकुर, कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुरेश कुमार सिन्हा, कार्यालय मुख्य वन संरक्षक (कार्मिक) (राजपत्रित) अमरेंद्र कुमार सिन्हा, दुमका कार्यालय में क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक बलवीर सिंह, जमशेदुपर कार्यालय में क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक प्रेम चंद्र शुक्ला, रांची कार्यालय में मुख्य वन संरक्षक व वन्य प्राणी हसीब उर रहमान प्रमुखता से शामिल हैं.

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