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सुषमा स्वराज ने कहा था इजरायल दौरे से रणधीर सिंह का नाम हटा किसानों को भेज दीजिए : डीएन चौधरी

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Ranchi : “आखिर इजरायल दौरे पर जा रही किसानों की टीम में मंत्री रणधीर सिंह का नाम क्यों नहीं?” शीर्षक खबर छपने के बाद कृषि मंत्री खेमे में बौखलाहट है. 26 अगस्त को राज्य के 26 किसान छह अधिकारियों के साथ छह दिनों के दौरे पर इजरायल जा रहे हैं. वहां किसान और साथ में गए अधिकारी इजरायल की कृषि तकनीक सीखेंगे और झारखंड में उस तकनीक को जमीन पर उतारने की कोशिश करेंगे. बताते चलें कि इससे पहले यह दौरा पांच अगस्त से 10 अगस्त के बीच होना था. लेकिन इस दौरे को रद्द कर दिया गया. बाद में इजरायल जाने वालों में से मंत्री रणधीर सिंह का नाम हटा लिया गया. दरअसल, विदेश मंत्रालय को मंत्री रणधीर सिंह को इजरायल भेजने में आपत्ति थी. खुद विदेश मंत्री सुष्मा स्वराज ने झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास को फोन पर कहा था कि टीम से मंत्री रणधीर सिंह का नाम हटा लें और किसनों के साथ अधिकारियों को इजरायल भेज दीजिए. (इस बात की पुष्टि कृषि मंत्री के पीए डीएन चौधरी ने भी की है). बताया जा रहा है कि विदेश मंत्रालय को मंत्री रणधीर सिंह को इजरायल भेजने में आपत्ति थी.

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क्या कहा मंत्री के पीए डीएन चौधरी ने

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खबर पर आपत्ति जताते हुए मंत्री रणधीर सिंह के पीए डीएन चौधरी ने कहा कि मंत्री जी इजरायल क्यों नहीं जा रहे हैं, ये बात मंत्री जी से ना पूछकर इजरायल की एबेंसी से पूछी जाए. उन्होंने कहा मंत्री नहीं जाना चाहते हैं ऐसी बात नहीं है. आखिर कौन मंत्री होगा जो इजरायल नहीं जाना चाहेगा. उन्होंने साफ कहा कि अजमेर ब्लास्ट जिसका जिक्र खबर में की जा रही है. वो केस कब का खत्म हो चुका है. उस केस में कोर्ट की तरफ से उन्हें पक्षद्रोही (होस्टाइल) घोषित किया गया था या नहीं, इसपर वो कहते हैं ऐसा नहीं था. कोर्ट मे उन्हें होस्टाइल घोषित नहीं किया था. इजरायल दौरे पर वो कहते हैं कि जब यहां के कृषि मंत्री इजरायल जा रहे हैं, तो वहां के कृषि मंत्री को रहना चाहिए. कहा कि सिर्फ भारत सरकार के एप्रूवल से नहीं होता है. विदेश मंत्रालय से भी अनुमति लेनी होती है. सुष्मा स्वराज ने सीएम से बात की. सुष्मा स्वाराज ने सीएम से साफ कहा कि आप अभी मिनिस्टर को मत ले जाइए. अभी जाना है तो मिनिस्टर को छोड़ दीजिए. बाद में अक्टूबर वाले प्रोग्राम में मिनिस्टर को ले जाइएगा. वहीं कुणाल षाडंगी को साथ ले जाने पर उन्होंने कहा कि जहां तक नगेंद्र महतो और कुणाल षाड़ंगी की बात है, सीएम ने इन दोनों को साथ ले जाने को कहा था. लेकिन बाद में सीएम ने ही इन्हें जाने से रोका.

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क्यों बौखलाए हुए हैं मंत्री महोदय का खेमा

बम ब्लास्ट मामले की सुनवाई कर रही खबर छपने के बाद मंत्री खेमा बिलकुल बौखलाया हुआ है. दरअसल पुरानी बातें जो मंत्री जी के बारे में खबर में छपी है, वो उन्हें नागवारा लग रही हैं. 11 अक्टूबर 2007 को हुए अजमेर ब्लास्ट में वर्तमान कृषि मंत्री रणधीर सिंह को एनआईए ने गवाह बनाया था. इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई थी. जांच के क्रम में एनआईए को जानकारी मिली की देवेंद्र गुप्ता और सुनील जोशी की इसमें मुख्य भूमिका है. एनआईए की टीम जांच के क्रम में झारखंड पहुंची और रणधीर सिंह से पूछताछ हुई. उस समय रणधीर सिंह मंत्री नहीं थे. उन्होंने जांच टीम को बताया कि देवेंद्र गुप्ता जिला प्रचारक रहे हैं, लिहाजा उन्हें वह जानते हैं. तब एनआईए ने अजमेर के मजिस्ट्रेट कोर्ट में धारा 164 के तहत उनका बयान रिकार्ड करवाया था. रणधीर कुमार सिंह ने कहा था कि चित्रा नामक जगह पर घर के बाहर उन्होंने उस वक्त आरोपी देवेंद्र गुप्ता और सुनील जोशी को पिस्टल चेक करते देखा था. इसके बाद एनआईए ने उन्हें अभियोजन पक्ष का गवाह बनाया था. लेकिन झारखंड में मंत्री बनने के बाद रणधीर सिंह अपने बयान से पलट गए.

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