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युद्धग्रस्त यमन बच्चों के लिए जीता-जागता नरक, हर साल 30 हजार बच्चे मर रहे हैं कुपोषण से

हाल ही में भुखमरी पर पूरी दुनिया का ध्यान खींचने वाली बच्ची अमल हुसैन की मौत हो गयी. यह बच्ची बेहद कमजोर पड़ चुकी थी.

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Amman : युद्धग्रस्त यमन बच्चों के लिए जीता-जागता नरक बन गया है. यह सभ्यता का संकट है.  यहां हर साल हजारों बच्चे कुपोषण और उन बीमारियों से मर रहे हैं, जिनका आसानी से इलाज किया जा सकता है. UN के एक शीर्ष अधिकारी ने रविवार को यह बात कही. हाल ही में भुखमरी पर पूरी दुनिया का ध्यान खींचने वाली बच्ची अमल हुसैन की मौत हो गयी. यह बच्ची बेहद कमजोर पड़ चुकी थी.  इस बच्ची की तस्वीर पूरी दुनिया में वायरल हो गयी  खबरों के अनुसार यमन में सऊदी हवाई हमलों ने अमल के परिवार को तीन साल पहले पहाड़ों में अपने घर से भागने पर विवश कर दिया था. अमल हुसैन की बीमार मां ने उसकी मौत के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनका दिल टूट गया है.  आखिर भूख से लड़ते लड़ते उनकी बच्ची ने दुनिया को अलविदा कह दिया.  हाल में आयी उसकी तस्वीर में भूख की वजह तड़प रही बच्ची के शरीर ने सबको हिला कर रख दिया था. उसके शरीर की एक-एक हड्डी दिखाई दे रही थी. मीडिया में आयी खबर के बाद दुनिया भर से इस लड़की को सहायता देने की पेशकश की गयी थी.

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 हैथी विद्रोहियों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच युद्ध से हालात बदतर

संयुक्त राष्ट्र की बाल एजेंसी यूनिसेफ में दक्षिण एशिया और उत्तरी अफ्रीका के क्षेत्रीय निदेशक गीर्ट कैप्लेयर ने इस माह के अंत में होने वाली शांति वार्ता में शामिल होने और संघर्षविराम पर राजी होने का आह्वान किया है.  जान लें कि यमन में हैथी विद्रोहियों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच युद्ध के चलते देश में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. पत्रकार जमाल खशोगी की मौत के बाद सऊदी अरब से पश्चिमी देशों का समर्थन घटा है.  इसके बाद उस पर यमन की लड़ाई से पीछे हटने का बहुत दबाव है.  हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरीका और ब्रिटेन ने यमन में संघर्ष विराम की मांग की थी. गीर्ट कैप्लेयर ने जॉर्डन की राजधानी अम्मान में पत्रकारों को बताया कि यमन बदतर हालत से गुजर रहा है.  खासकर यह बच्चों के लिए नरक बन चुका है.  उनके अनुसार यह आंकड़े एक चेतावनी है कि स्थिति कितनी गंभीर हो चुकी है.     

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18 लाख बच्चे भयंकर रूप से कुपोषित : यूनिसेफ

यूनिसेफ के अनुसार यमन में पांच साल से कम उम्र के लगभग 18 लाख बच्चे भयंकर रूप से कुपोषित हैं.  गंभीर रूप से प्रभावित चार लाख बच्चों के जीवन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है.  यमन में हर एक साल 30 हजार बच्चों की जान कुपोषण की वजह से जा रही है, हर एक 10 मिनट में एक बच्चे की मौत उन बीमारियों से हो जाती है, जिनका इलाज आसानी से हो सकता है. रक्षा सचिव जिम मैटिस ने पिछले दिनों कहा था कि 30 दिनों के भीतर युद्ध विराम होना चाहिए. संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि यमन में आपातकालीन खाद्यान आपूर्ति पर निर्भरता जल्द ही आठ मिलियन से चौदह मिलियन हो सकती है. खाद्य पदार्थों की लगातार बढ़ रही कीमतों में बढ़ोतरी ने लाखों लोगों को भुखमरी के कगार पर धकेल दिया है.

 

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