JamshedpurJharkhandJharkhand Story

Jamshedpur: उपलब्धियाें से भरा रहा पूर्वी स‍िंंहभूम के डीसी के रूप में सूरज कुमार का कार्यकाल, इन कार्यों को पूरा नहीं कर पाने का रहेगा मलाल

Vishwajeet Bhatt

Jamshedpur: पूर्वी सिंहभूम के निवर्तमान उपायुक्त सूरज कुमार ने सोमवार को उपायुक्त का प्रभार सौंप देने के बाद कहा कि एसडीओ धालभूम, उप विकास आयुक्त और उपायुक्त के कार्यकाल की अलग-अलग चुनौतियां थीं. इन चुनौतियों का डटकर मुकाबला करते हुए जमशेदपुर में मैं प्रोफेशनली और पर्सनली बहुत ही आगे बढ़ा. बहुत सारी उपलब्धियां हासिल कीं और बहुत कुछ सीखा. तीनों कार्यकाल के बहुत सारे रोमांचक अनुभव रहे, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता. मेरा घर यही हैं. यहीं पला-बढ़ा हूं. अपने ही घर में अपने ही घर के लोगों के लिए काम करने का अनुभव अलग ही होता है.

पूरी टीम के साथ जिलेवासियों के सहयोग से कोरोना का मात दी. मेरी टीम ने बिना थके हारे 24-24 घंटे काम किया तभी कोरोना से जंग जीतना संभव हो पाया. पूरे जिले ने बहुत ही प्यार दिया. इसके लिए मैं जिले के लोगों को धन्यवाद देता हूं. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान ही मैंने प्रोफेशनल लाइफ और पर्सनल लाइफफ को अलग करना सीख लिया था, इसलिए अपने घर में काम करते वक्त कोई खास दिक्कत नहीं आई. निवर्तमान उपायुक्त सूरज कुमार धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी और पूर्वी सिंहभूम के डीडीसी के बाद उपायुक्त बने. इस प्रकार वे इस जिले के उन गिने-चुने अधिकारियों में शामिल हैं जो तीनों प्रमुख पदों पर रहे. इनसे पहले यह सौभाग्य डॉ अमिताभ कौशल को मिला था. वे घाटशिला के अनुमंडल पदाधिकारी और डीडीसी बनने के कुछ अंतराल के बाद इसी जिले में डीसी भी बने थे.

ram janam hospital
Catalyst IAS

आदित्यपुर व जमशेदपुर में ही बीता अधिकांश समय

The Royal’s
Pitambara
Sanjeevani
Pushpanjali

खास बात यह है कि आदित्यपुर व जमशेदपुर में ही सूरज कुमार का अधिकांश समय बीता और पढ़ाई-लिखाई हुई. 2013 बैच के आईएएस सूरज कुमार 2004 में 12वीं बोर्ड के टॉपर रहे थे. इंटर की पढ़ाई उन्होंने करीम सिटी कॉलेज से की थी. 12वीं के रिजल्ट के आधार पर ही उन्हें बिट्स पिलानी में नामांकन मिल गया था. एजुकेशन लोन लेकर उन्होंने साफ्टवेयर इंजीनियर पढ़ाई पूरी की थी. इंजीनियर बनने के बाद अपनी कंपनी भी बनाई थी और कुछ पैसे जमा होने के बाद उन्होंने पहले लोन चुकाया, फिर आईएएस की तैयारी में जुट गए. दूसरे प्रयास में ही वे आईएएस चुन लिए गए थे. पूर्वी सिंहभूम के डीडीसी रहते प्रोन्नति पाकर वे खूंटी के डीसी बने थे. करीब तीन साल बाद पुनः उनकी वापसी हुई. खूंटी में पत्थलगड़ी आंदोलन पर प्रभावी नियंत्रण भी सूरज कुमार की उपलब्धियों में शामिल है. पूर्वी सिंहभूम के डीडीसी रहते ही उन्होंने शादी की थी. उनकी पत्नी आईपीएस अधिकारी हैं.

बतौर उपायुक्त सूरज कुमार की ये खास उपलब्धियां

  • कोविड टीकाकरण में राज्य में पहला स्थान पाना.
  • जुगसलाई ओवरब्रिज का रुका हुआ काम फिर से शुरू कराना.
  • मार्स तूफान के दौरान 13500 लोगों को शेल्टर में रखना.
  • पीडीएस डीलरशिप में एक लाख अयोग्य लोगों को नाम हटाने के साथ 99 प्रतिशत सीडिंग कराना, ये तक किया जब राज्य कहीं कोई यह नहीं कर रहा था.
  • स्वच्छता सर्वेक्षण में पूरे झारखंड से अकेले तीन पुरस्कार प्राप्त करना.
  • कोरोना से मृत 900 लोगों को मुआवजा राशि दिलाना.
  • पीएम आवास योजना में चार हजार सस्ते मकानों का लाटरी से आवंटन कराना.
  • पीएम आवास योजना में ही राज्य में पहला और देश में 12वां स्थान प्राप्त करना.
  • ट्वीटर पर आने वाली शिकायतों में से 90 प्रतिशत का 24 से 48 घंटों में समाधान करना.
  • वायु प्रदूषण रोकने के लिए मेकेनाइज्ड सिस्टम लगाना.
  • ग्रामीण विकास विभाग से 50 और आरसरपीएलडब्ल्यू से 31 सड़कों को पास कराया, इसका काम चल रहा है.
  • पूरे कार्यकाल के दौरान न कोई बड़ा दंगा हुआ न कोई बड़ा बवाल, यानि विधि-व्यवस्था पर मजबूत पकड़.

    ये काम पूरे न कर पाने का रहेगा मलाल

  • प्रोजेक्ट माॅनीटरिंग एप के लिए पीएमयू गठित किया. एप का काम अंति चरण में है. इससे एक ही स्थान से सभी तरह की विकास योजना की माॅनीटरिंग होगा. इसकी शुरुआत मेरे कार्यकाल में तो नहीं हो सकी, लेकिन नई उपायुक्त इससे काम कर पाएंगी.
  • एक शिकायत निवारण फोरम का गठन करने की योजना थी, लेकिन उसका गठन नहीं हो पाया.
  • हैवी मोटर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट की स्थापना काशीडीह में करनी थी, जो नहीं हो पाई.
  • ट्रांसपोर्ट नगर की तरह ही 400 एकड़ में एनएच-33 पर लाॅजिस्टिक पार्क की स्थापना करनी थी, जो नहीं हो पाई.
  • हर व्यस्त चैराहे पर कैमरा लगाने की योजना थी, ताकि अपराध, रैश ड्राइविंग आदि पर रोक लगाई जा सके, ये नहीं हो पाया.
    ये भी पढ़ें-जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम की नई उपायुक्त जाधव विजया नारायण राव ने ग्रहण किया पदभार

Related Articles

Back to top button