NEWSWING
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकारा, कहा-ताजमहल का रखरखाव नहीं कर सकते, तो ढहा दें

183

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

steel 300×800

NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट ने आगरा के ताजमहल के संरक्षण को लेकर केंद्र सरकार पर तल्ख टिप्पणी की है. अपनी नाराजगी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार से कहा कि या तो हम ताजमहल बंद कर देंगे या फिर आप इसे ढहा दें. इस क्रम में   सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल की सुरक्षा को लेकर किेये जा रहे उपायों का जिक्र किया और केंद्र सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार को सुस्त करार दिया. न्यायाधीशों ने यह भी कहा कि ताजमहल ‘एफिल टॉवर से भी ज्यादा सुंदर है और यह अधिक सुंदर है. यह देश की विदेशी मुद्रा की समस्या को भी हल कर सकता है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी ताजमहल के उचित रखरखाव करने की मांग वाली याचिका की सुनवाई के दौरान की.

इसे भी पढ़ें- केरल : सीपीआई एम को याद आ गये भगवान राम, 15 जुलाई से 15 अगस्त तक रामायण पाठ की योजना

16वीं सदी में बना ताजमहल देखने विदेशों से हजारों पर्यटक आते हैं

pandiji_add

16वीं सदी में बने ताजमहल की सुंदरता को देखने के लिए सिर्फ देश से ही नहीं,  बल्कि विदेशों से हर साल हजारों पर्यटक आते हैं. इस मकबरे को प्रेम का प्रतीक माना जाता है. इसे मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज की याद में बनवाया था. बता दें कि न्यायाधीश ने ताजमहल की तुलना एफिल टॉवर से करते हुए कहा कि लगभग 80 मिलियन लोग इसे देखने जाते हैं, जो एक टीवी टॉवर की तरह दिखता है,  जबकि ताजमहल के लिए एक मिलियन. केंद्र व राज्य सरकार से कहा कि ताजमहल की देखभाल को लेकर वे गंभीर नहीं है और न ही इसकी परवाह की जा रही है.  सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि केवल एक स्मारक देश की समस्या का समाधान कर सकता था. क्या आपको अपनी उदासीनता के चलते देश को कितना नुकसान हुआ है,  इसका अहसास है?

सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल में नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी थी

इससे दो दिन पूर्व  सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल में नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी थी. कहा था कि ताजमहल दुनिया के सातवें अजूबों में से एक है. इसलिए यह ध्यान रखना होगा कि ताजमहल के परिसर में नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं दी जा सकती. कोर्ट ने यह भी कहा कि यहां कई और जगहें हैं जहां नमाज पढ़ी जा सकती है फिर ताजमहल परिसर ही क्यों?  बता दें कि ताजमहल में नमाज पढ़े जाने को लेकर आरएसएस की अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति ने अक्टूबर 2017 में ताजमहल में होने वाली नमाज पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. उनकी मांग थी कि ताजमहल एक राष्ट्रीय धरोहर है, तो क्यों मुसलमानों को इसे धार्मिक स्थल के रूप में इस्तेमाल करने की इजाजत दी गयी है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं. 

Hair_club

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.