न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

सुप्रीम कोर्ट का आदेश, ताजमहल में नमाज नहीं पढ़ पायेंगे बाहरी लोग

419

NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट ने  ताजमहल परिसर में स्थित मस्जिद में  नमाज पढ़ने के संदर्भ में आगरा प्रशासन के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका सोमवार को खारिज कर दी. बता दें कि न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में से एक है.

eidbanner

लोग दूसरी मस्जिदों में भी नमाज पढ़ सकते हैं. आदेश में कहा गया कि सुरक्षा कारणों से आगरा के बाहर के निवासियों को ताजमहल परिसर में स्थित मस्जिद में जुमे की नमाज में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

इसे भी पढ़ेंः यूपीः डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मारकर हत्या

ताजमहल मस्जिद प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने याचिका दायर की थी

ताजमहल मस्जिद प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सैयद इब्राहीम हुसैन जैदी ने अपनी याचिका में आगरा प्रशासन के 24 जनवरी, 2018 के आदेश को चुनौती दी थी. उनका कहना था कि पूरे साल पर्यटक आगरा आते हैं. उन्हें ताजमहल के अंदर स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोकने का अतिरिक्त जिलाधीश का आदेश मनमाना और गैरकानूनी है.

mi banner add

सैयद इब्राहीम हुसैन जैदी ने याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने सवाल किया कि इस नमाज के लिए उन्हें ताजमहल में ही क्यों जाना चाहिए. दूसरी मस्जिदें भी हैं, जहां वे  नमाज पढ़ सकते हैं.  ताजमहल परिसर स्थित मस्जिद में हर शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा की जाती है.  इस दिन ताजमहल बंद रहता है.

यह भी जान लें कि स्थानीय लोगों के यहां नमाज पढ़ने पर कोई रोक नहीं है.लेकिन आगरा प्रशासन ने बाहरी व्यक्तियों के नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी थी. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी संस्था अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति ने अक्टूबर 2017 में ताजमहल में नमाज पढ़ने पर रोक लगाने की मांग की थी.

इस समिति की मांग थी कि ताजमहल के राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए इसे मुसलमानों को धार्मिक स्थल के रूप में इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. आगरा प्रशासन ने अपने आदेश में कहा था कि शुक्रवार को जिन्हें ताजमहल के अंदर नमाज पढ़ने जाना है वे अपना पहचान पत्र साथ लेकर आयें  जिससे प्रमाणित हो सके कि वे स्थानीय  निवासी हैं.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं. 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: