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सुप्रीम कोर्ट ने छह लाख करोड़ के भ्रष्टाचार मामले में झारखंड को भेजा नोटिस

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New Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, कर्नाटक, ओडिशा, झारखंड सरकार और सीबीआई को लौह अयस्क खदान आवंटन में हुई गड़बड़ी को लेकर नोटिस जारी किया है.  छह लाख करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप वाली याचिका पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है.

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गौरतलब है कि मंगलवार को न्यायमूर्ति एसए बोबडे के नेतृत्व वाली पीठ ने वर्षिठ वकील पीएस नरसिम्हा को एमिकस क्यूरे के तौर पर नियुक्त किया है. उन्होंने याचिका पर सुनवाई करते हुए यह नोटिस जारी किया और इन राज्यों से इस संबंध में जवाब भी मांगा है.

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क्या है याचिका में

याचिका में 358 लौह अयस्क खदानों की लीज के मामले में छह लाख करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं. साथ ही यह भी कहा गया है कि साल 2014 में झारखंड, ओडिशा और कर्नाटक समेत देश के लगभग 350 लौह अयस्क खदानों में गड़बड़ी की गयी है.

बिना मूल्यांकन किए खदानों की लीज आवंटित कर दी गयी. साथ ही साल 2019 के फरवरी महीने में यह बात भी सामने आयी कि 288 खनन पट्टों को बड़े दान के बदले में दे दिया गया था.

जिससे की सरकारी खजानों को छह लाख करोड़ का नुकसान हुआ. इन गड़बड़ियों की जांच कराने की मांग की गयी है. साथ ही खदानों की लीज अवधि पर विस्तार से रोक लगाने की भी बात याचिका में कही गयी है.

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लौह अयस्क के 14 खनन पट्टे रद्द

इस साल के फरवरी महीने में झारखंड सरकार ने चाईबासा के लौह अयस्क खदान बेल्ट में आवंटित 14 खनन पट्टों को रद्द कर दिया था. इन लौह अयस्क खदानों का मामला नवीकरण के लिए सरकार के पास काफी दिनों से लंबित था.

खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी ने कहा था कि सरकार ने अंतत: लीजधारकों के खनन पट्टे का नवीकरण नहीं करने का फैसला लिया. उन्होंने कहा था कि ये सभी खनन पट्टे सारंडा वन क्षेत्र इलाके में अवस्थित थे और इनमें किसी तरह का माइनिंग कार्य नहीं हो रहा था.

फॉरेस्ट क्लीयरेंस, माइनिंग प्लान, सरफेस राइट का अधिकार और अन्य कागजात भी सरकार को वर्षों से इन कंपनियों ने नहीं दिया था. इसकी वजह से सरफेस रेंट और अन्य राजस्व की प्राप्ति भी नहीं हो रही थी.
रद्द किये गये खनन पट्टों में शाह ब्रदर्स का करमपदा आयरन ओर माइंस भी शामिल था. जो हाईकोर्ट के आदेश की वजह से काफी चर्चा में रहा था. केंद्र सरकार की इजाजत मिलने पर रद्द किये गये खनन पट्टों का ऑक्शन किया जाना था.

किन-किन लौह अयस्क खदानों को किया गया था रद्द

जिन लौह अयस्क खदानों का माइनिंग लीज सरकार ने रद्द किया है. इनमें जेनरल प्रोड्यूस, चंद्र प्रकाश सारडा, कमलजीत सिंह आहलुवालिया, मिसरीलाल जैन संस, श्रीराम मिनरल्स, रेवती रमन प्रसाद और आनंद वर्द्धन, आर मैक्डील एंड कंपनी, खटाऊ अर्जुन राठौर, कुशल अर्जुन राठौर सरीखी कंपनियां प्रमुख हैं.

रद्द किये गये खदान

कंपनी का नामआवंटित खदानकुल क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
चंद्र प्रकाश सारडाइतरबालजोरी142.900
कमलजीत सिंह आहलुवालियाबराइबुरू, तातिबा189.499
कमलजीत सिंह आहलुवालियाबराइबुरू, तातिबा249.67
शाह ब्रदर्स (करमपदा आयरनओर माइंस)करमपदा233.99
कुशल अर्जुन राठौरनोवामुंडी31.97
खटाऊ लीलाधर ठक्करकुरमिता30.94
मिसरीलाल जैन संसकरमपदा262.30
आर मैक्डील एंड कंपनीकरमपदा116.080
रेवती रमन प्र, आनंद वर्द्धननोवामुंडी, मेरालगढ़ा62.43
रेवती रमन प्र, आनंद वर्द्धनइतरबालजोरी33.7
सिंहभूम मिनरल्सकरमपदा141.640
श्रीराम मिनरल्स कंपनीखासजामदा129.22
जेनरल प्रोड्यूस कंपनी लि.घाटकुरी (आरएफ)163.900
जेनरल प्रोड्यूस कंपनी लि.करमपदा (आरएफ)70.680

 

 

 

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