JharkhandJHARKHAND TRIBESLead NewsRanchiTOP SLIDER

रांची में विधानसभा व हाई कोर्ट के समक्ष शिलापट्ट लगाने पर अड़े पत्थलगड़ी समर्थक

राज्यपाल से मुलाकात के बाद भी नहीं माने, सोमवार को भी हाई कोर्ट में शिलापट्ट लगाने की की थी कोशिश

Ranchi: राजधानी रांची में शिलापट्ट लेकर पत्थलगड़ी समर्थक सोमवार से घूम रहे हैं. सोमवार को हाई कोर्ट के समक्ष शिलापट्ट लगाने से रोकने के बाद मंगलवार को पत्थलगड़ी समर्थकों के प्रतिनिधमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद पत्थलगड़ी समर्थकों ने एलान किया है कि वह झारखंड विधानसभा व हाई कोर्ट के सामने पत्थलगड़ी अवश्य करेंगे.

राज्यपाल से मिलकर निकले पत्थलगड़ी समर्थकों ने बताया कि राज्यपाल ने उन्हें कहा है कि यह संवैधानिक मामला है और इसका अध्ययन करने के बाद ही निर्णय से अवगत कराया जायेगा. मालूम हो कि सोमवार को राज्य के विभिन्न जिलों से जुटे दो सौ से अधिक पत्थलगड़ी समर्थक हाई कोर्ट के समक्ष शिलापट्ट लगाने के लिये अड़े थे. पुलिस ने यह कहते हुए रोका था कि राज्यपाल से अनुमति के बाद इसकी इजाजत दी जा सकती है. इसी मामले पर पत्थलगड़ी समर्थक राज्यपाल से मिलने पहुंचे थे.

 

मालूम हो कि सोमवार को हाई कोर्ट के समक्ष जब शिलापट्ट लगाने से पत्थलगड़ी समर्थकों को रोका गया था तब हंगामा भी हुआ था. पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई थी. कुडुख नेशनल कौंसिल के बैनर तले कई जिलों से पत्थलगड़ी समर्थक जुटे थे.

मंगलवार को पड़हा समिति के लोगों ने कहा है कि पांचवीं और छठी अनुसूची पैरा 6 के उप पैरा 2 द्वारा के तहत आदिवासियों के अधिकार को यहां की सरकार और अधिकारी लागू नहीं होने देना चाहते. पड़हा समिति ने कहा कि यहां के आदिवासी के अधिकारों को कुचला जा रहा है. आदिवासी शोषण के शिकार हो रहे हैं. पत्थलगड़ी कराने आए लोगों ने कहा कि पांचवी और छठी अनुसूची के तहत झारखंड के आदिवासियों पर कोई केस मुकदमा लागू नहीं होता और इनका कानून भी अलग है.

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: