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झारखंड के सरकारी अस्पतालों में घटिया दवाओं की आपूर्ति, दवा निर्माता कंपनी के खिलाफ केस दर्ज

Ranchi : दानिश हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से राज्य के सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की जाने वाली बुखार की दवा बायोसिन (पेरासिटामोल 500 एमजी) राज्य औषधि नियंत्रण निदेशालय की जांच में घटिया क्वालिटी की पाई गई है. औषधि निदेशालय के निरीक्षक प्रणव प्रभात ने सदर अस्पताल गुमला से बायोसीन मेडिसिन के सैंपल की जांच स्टेट ड्रग लैबोरेटरी में कराई तब मेडिसिन स्टैंडर्ड क्वालिटी की नहीं पाई गई.जांच के दौरान मेडिसिन में सॉल्ट की मात्रा कम पाई गई. साल्ट की मात्रा कम होने से अधिक समय तक रोगी को दवा खानी पड़ती है,जिससे किडनी फेल होने का खतरा रहता है.

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ऐसे में जांच के बाद औषधि निरीक्षक प्रणव प्रभात ने दवा निर्माता कंपनी और डिस्ट्रीब्यूटर्स दानिश हेल्थ केयर प्राइवेट लि. मैक्सी रोड उज्जैन के खिलाफ औषधि एवं अंगराग अधिनियम 1940 के तहत  गुमला कोर्ट मे केस दर्ज किया है.

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घटना के संबंध में न्यायालय को बताया गया है कि 31 जनवरी 2020 को सदर अस्पताल गुमला से बायोसिन (बैच नं. बीसीएन1907 ) का सैंपल जांच के लिए लिया गया था. जांच में सैंपल फेल हो गया. इस दवा की निर्माता कंपनी दानिश हेल्थ केयर प्राइवेट लि. मैक्सी रोड उज्जैन के खिलाफ जांच शुरू की गई. इसमें पाया गया कि कंपनी ने घटिया दवा का निर्माण कर उसका वितरण बाजार में किया. कंपनी से कई जानकारियां भी मांगी गई, जो कि उसके द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई. जांच रिपोर्ट आने के बाद दवा का वितरण रोकने का आदेश दिया गया था. हालांकि जांच रिपोर्ट आने से पहले बड़ी मात्रा में दवाएं मरीजों को दी जा चुकी थी.

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दवा निर्माता कंपनी के इन अधिकारियों पर किया गया है केस दर्ज –

राज्य औषधि नियंत्रण निदेशालय से अभियोजन स्वीकृति के बाद कंपनी के कई अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. इसमें डायरेक्टर मुर्तजा अली, कासिम अली दानिश, नवल सक्सेना (केमिस्ट), गुलाब तिवारी (केमिस्ट).

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