1st Lead2nd LeadLead NewsNationalNEWSTOP SLIDER

Supertech Twin Towers: 70 मीटर दूर दबेगा बटन और 12 सेकेंड में जमींदोज हो जाएगी 32 मंजिली इमारत

 New Delhi : नोएडा सेक्टर 93ए में बने विवादित सुपरटेक ट्विन टावर को आज (28 अगस्त) दोपहर 2.30 बजे ध्वस्त किया जाएगा. टावर को ढहाने में 3700 किलो विस्फोटक का उपयोग किया जा रहा है और महज 10 से 12 सेकेंड में 103 व 97 मीटर ऊंचे ट्विन टावर जमींदोज हो जाएगा. 70 मीटर दूर से विषेशज्ञ टावर को ढहाने के लिए बटन दबाएंगें. देश के इतिहास में यह पहली घटना होगी जब सबसे ऊंची इमारत को गिराया जा रहा है.रियल इस्टेट उद्योग में भ्रष्टाचार के खिलाफ हो रही इस कार्रवाई को ऐतिहासिक माना जा रहा है.200 करोड़ से ज्यादा की लागत में बने इन टावर्स को गिराने में करीब 20 करोड़ का खर्च आने की बात कही जा रही है.

 

ट्विन टावर ढहाने से पहले इससे जुड़े सभी विभाग और जिम्मेदार अपनी-अपनी तैयारियों को पूरा कर चुके हैं.एक ओर जहां टावर गिराने वाली कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग टावर में विस्फोटक लगाने का काम अंजाम दिया है और पूरी बिल्डिंग में 8000 से अदिक जगहों में विस्फोटकों को लगाया गया है. इसके अलावा ट्विन टावर के आस-पास की सड़कों और नोएडा, ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर यातायात की निगरानी ट्रैफिक विभाग के आला अधिकारी कर रहे हैं. डीसीपी (सेंट्रल) राजेश एस ने बताया कि करीब 400 पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी और एनडीआरएफ के जवान भी तैनात किए गए हैं. ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ सुनील शर्मा ने बताया कि छह एंबुलेंस मौके पर रहेंगी और जिला अस्पताल के साथ फैलिक्स और यथार्थ अस्पताल में भी बिस्तर आरक्षित किए गए हैं.

ट्विन टावर के आसपास से 7000 लोग हुए शिफ्ट 
ट्विन टावर के आसपास के विभिन्न सोसाइटी और बहुमंजिली इमारतों से लगभग 7000 लोगों को दूसरी स्थान चले जाने को कहा गया था जिसके बाद आज सुबह लोग अन्यत्र स्थानों में चले गए हैं. विस्फोट के समय 2:30 बजे से आधे घंटे पहले और आधे घंटे बाद तक आसपास के सभी सड़कों में ट्रैफिक रोक दिए जाने की भी तैयारी कर ली गई है.ट्विन टावर के आसपास में 40 टावरों समेत दो हाउसिंग सोसायटियों को पूरी तरह से खाली करा दिया गया. मौके पर 560 पुलिस कर्मी, रिजर्व फोर्स के 100 लोग, 4 क्विक रिस्पांस टीम और एनडीआरएफ की टीम इलाके में तैनात है.

क्या है मामला
23 नवंबर 2004 को सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट के लिए नोएडा प्राधिकरण ने जमीन आवंटन किया था. जिसमें सुपरटेक बिल्डर को कुल 84,273 वर्गमीटर जमीन आवंटित की गई थी. 16 मार्च 2004 को इसकी लीज डीड हुई, हालांकि उस दौरान जमीन की पैमाइश में लापरवाही के कारण कई बार जमीन बढ़ी या घटी हुई भी निकल आती थी, इसी क्रम में यहां पर प्लॉट नंबर 4 में आवंटित जमीन के पास ही 6.556.61 वर्गमीटर जमीन का एक टुकड़ा निकल आया, जिसे बिल्डर ने ही अपने नाम आंवटित करा लिया. इसके लिए 21 जून 2006 को लीज डीड की गई. लेकिन इन दो अलग-अलग प्लॉट्स को नक्शा पास होने के बाद एक प्लॉट बना दिया गया. जिस पर सुपरटेक ने एमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट लॉन्च कर दिया था.

कौन है ट्विन टावर का मालिक? 
ट्विन टावर सुपरटेक कंपनी ने बनाया था. सुपरटेक कंपनी के मालिक का नाम आरके अरोड़ा है. आरके अरोड़ा ने 34 कंपनियां खड़ी की हैं. ये कंपनियां सिविल एविएशन, कंसलटेंसी, ब्रोकिंग, प्रिंटिंग, फिल्म्स, हाउसिंग फाइनेंस, कंस्ट्रक्शन तक के काम करती हैं.

इसे भी पढ़ें: Jharkhand में जारी सियासी संकट के बीच संडे को फनडे बना सकते हैं यूपीए विधायक, भाजपा विधायक मधुबन से भरेंगे हुंकार 

Related Articles

Back to top button