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अंधविश्वास: भूत-प्रेत के डर से खेतों में लगे धान की नहीं कर रहे हैं कटाई, बर्बादी की कगार पर फसल

जिला मुख्यालय से महज 25 किलोमीटर स्थित पितिज गांव का है मामला

Chatra: जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर पितिज गांव के लोग एक अजीब से डर के साये में जिंदगी जी रहे हैं. इस गांव के लोग आज के डिजिटल व आधुनिक युग मे भी अंधविश्वास के जाल में जकड़े हुए हैं. स्थिति ये है कि यहां के लोग भूत-प्रेत के डर से खेतों में लगे धान की कटाई नहीं कर रहे हैं और धान को खेतों में ही सड़ने के लिए छोड़ दिया है. ग्रामीणों की मानें तो धान की कटाई करने से गांव पर विपत्ति आ जाएगी.

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गांव का भूत उनका करेगा कुछ बुरा

ग्रामीणों ने बताया कि यहां गंवाट (पाहन) का बहुत प्रभाव है. गांव का मालिक पूजा नहीं करता है तो अनिष्ट की आशंका रहती है. एक बार गंवाट (पाहन पूजारी) ने पूजा नहीं की थी,तो यहां के लोगों ने भूत के डर से खेती नहीं की. धान कटाई करने से पहले लोग गांव ग्राम देवता की पूजा कराते हैं.आशंका रहती है कि अगर गांव के मालिक ने पूजा नहीं की तो धान कटाई करने से कोई बड़ी घटना घट सकती है. अनहोनी के डर से यहां के लोगों ने धान खेतों में ही बर्बाद होने के लिए छोड़ दिया है. ग्रामीणों का मानना है की धान की कटाई करने से इस गांव का भूत उनका कुछ ना कुछ बुरा जरूर करेगा.

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नहीं हो पा रही है ग्राम देवता की पूजा

जानकारी के अनुसार इस गांव में स्थानीय लोगों के बीच एकता नहीं होने के कारण यहां पूजा नहीं हो पा रही है. यही कारण है कि कुल देवता और ग्राम देवता की पूजा नहीं हो पा रही है. जिसके कारण अबतक यहां धान की कटाई नहीं की जा सकी है, और  गांव के लोग इस अंधविश्वास से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं.

लोगों को किया जाएगा जागरूक

इस बारे में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अनीता मिश्रा ने कहा कि पितीज गांव के लोग अंधविश्वास में जी रहे हैं, यहां के लोगों के बीच अंधविश्वास के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाकर जल्द ही धान की कटाई करवाई जाएगी.

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