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नेशन फर्स्ट की अवधारणा का लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने किया समर्थन, कहा आगे आयें युवा

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Ranchi : प्रज्ञा प्रवाह की ओर से आयोजित चार दिवसीय लोकमंथन-2018 भारत बोध जन गण मन कार्यक्रम का समापन हो गया. समारोह में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी शिरकत की. इस दौरान उन्होंने नारी सम्मान पर जोर दिया है. वहीं, युवाओं को नेशन फर्स्ट की नसीहत देते हुए कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक एकजुटता बढ़ाने के लिए उन्हें आगे आना होगा. इस मौके पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि भारतवर्ष को समझने के लिए लोकमंथन से दूसरा कोई बेहतर मंच नहीं हो सकता.

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कुंभ जैसा है लोकमंथन कार्यक्रम, आगे आयें युवा

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लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि लोकमंथन कुंभ जैसा है. युवा को नेशन फर्स्ट की सोच रखनी चाहिए. विचार अलग-अलग हो सकते हैं. देश के लिए अच्छा डिसीजन होना चाहिए. देश के लिए देश हित में निर्णय होना चाहिए. हमारी अस्मिता का भाव एक है. कश्मीर से कन्याकुमारी तक कहने से नहीं, उसके भाव को जानना होगा. उन्होंने नारी का सम्मान करने की बात कही.

भारत को समझने का बेहतर मंच है लोकमंथन

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड के लिए यह सौभाग्य की बात है कि कार्यक्रम की शुरुआत में जहां उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू आये, वहीं समापन में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के आने का राज्य को सौभाग्य प्राप्त हुआ. झारखंड को कार्यक्रम के दूसरे सत्र के लिए चुने जाने पर आयोजकों को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि भारतवर्ष को समझने के लिए लोकमंथन से बेहतर कोई दूसरा मंच नहीं हो सकता. भारतीय संस्कृति को गौरवशाली बताते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक ज्ञान, साहित्य आदि के क्षेत्र में भारत का इतिहास अमूल्य है. इतिहास गवाह है कि भारत ने अपने ज्ञान और ज्योति से पूरे विश्व को आलोकित करने का काम किया है. इसके विपरीत आज कुछ लोग भारत की जीवित भावना को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं.

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वाम इतिहासकारों ने दिखायी भारत की गलत छवि

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वामपंथी इतिहासकारों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों ने दुनिया भर में भारत की गलत छवि पेश की. ऐसे समय में लोकमंथन कार्यक्रम देश की सांस्कृतिक छवि को एक नयी छवि प्रदान करेगा. इस दौरान उन्होंने झारखंडी संस्कृति, नृत्य, परंपराओं की भी तारीफ की. देश में रहनेवाले अलग-अलग संस्कृति, संप्रदाय के लोगों की एकजुटता की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि आज यहां सर्वधर्म सम्भाव की भावना को प्रमुखता दी जाती है. हिंदू धर्म की महत्ता की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह धर्म सभी की इज्जत करता है. हालांकि इस्लाम, ईसाई आदि दावा करते हैं कि उनका धर्म सबसे श्रेष्ठ है. जबकि दुनिया में हिन्दू धर्म ऐसा धर्म है, जो सभी को साथ लेकर चलता रहा है.

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भाजपा की उपलब्धियों का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज को तोड़नेवाली शक्तियां पूर्व काल से ज्यादा सक्रिय हैं. उन्हें तोड़कर हमें समाज को उन्नति तक ले जाना है. सारा समाज अपना है, यह भाव हमें पूरे देश में जगाना है. आज भोले-भाले आदिवासियों को कतिपय देशविरोधी शक्तियां धर्म परिवर्तन कराने का काम कर रही हैं. इसे रोकने के लिए ही भाजपा ने इसे अपराध की श्रेणी में रख कानून बनाया है. साथ ही, आदिवासियों के कल्याण, युवाओं को 32 लाख रोजगार देने, विलुप्त हो रहीं जनजातियों को संरक्षित करने, जनजातियों को खाद्य सुरक्षा देने (घर-घर तक डाकिया योजना) आदि जैसा काम भाजपा के शासन में किया गया है.

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