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सुमित्रा महाजन ने पूछा, आरक्षण जारी रखने से क्या देश में समृद्धि आयेगी?

 शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण जारी रखने से क्या देश में समृद्धि आयेगी? लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने रविवार को एक कार्यक्रम में लोगों से यह बात पूछी. 

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NewDelhi :  शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण जारी रखने से क्या देश में समृद्धि आयेगी? लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने रविवार को एक कार्यक्रम में लोगों से यह बात पूछी.  वे  तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन अपने विचार रख रहीं थीं. इस क्रम में सुमित्रा महाजन ने कहा, अंबेडकरजी का विचार दस साल तक आरक्षण   जारी रखकर सामाजिक सौहार्द्र लाना था. लेकिन हर दस साल पर आरक्षण बढ़ा दिया गया. सवाल किया कि क्या आरक्षण से देश का कल्याण होगा? उन्होंने समाज और देश में सामाजिक सौहार्द के लिए बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के विचारों का अनुसरण करने की बात कही.

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सरल स्वभाव के आदिवासियों का धर्म परिवर्तन किया गया : रघुवर दास

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इस अवसर पर झारखंड के सीएम रघुवर दास ने वामपंथी झुकाव वाले इतिहासकारों पर आरोप लगाया कि वे विदेश में देश की नकारात्मक छवि पेश कर रहे हैं. कहा कि हमारे लिए सभी धर्म समान हैं.  वर्तमान में देश और समाज को तोड़ने वाली ताकतें सक्रिय हैं. कहा कि सरल स्वभाव के आदिवासियों का धर्म परिवर्तन किया गया. रघुवर दास ने कहा कि इसलिए हमारी सरकार ने धर्म परिवर्तन विरोधी कानून बनाया है. लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसी व्यक्ति को दी हुई चीज अगर कोई तुरंत छीनना चाहे, तो विस्फोट हो सकता है. कहा कि ऐसी सामाजिक स्थिति ठीक नहीं कि पहले एक तबके पर अन्याय किया गया था, तो इसकी बराबरी करने के लिए अन्य तबके पर भी अन्याय किया जाये.

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हमें अन्याय के मामले में बराबरी नहीं करनी

कहा कि हमें अन्याय के मामले में बराबरी नहीं करनी. हमें लोगों को न्याय देना है. सबके मन में होना चाहिए कि छोटी जातियों पर अत्याचार नहीं किया जायेगा.   सुमित्रा महाजन पिछले ने पिछले दिनों एससी-एसटी कानून को लेकर जारी विवाद के संदर्भ में चॉकलेट का उदाहरण दिया था. महाजन ने एससी-एसटी एक्ट पर नाराज सवर्णों को समझाते हुए कहा था कि मान लीजिए   अगर मैंने अपने बेटे के हाथ में बड़ी चॉकलेट दे दी और मुझे बाद में लगा कि एक बार में इतनी बड़ी चॉकलेट खाना उसके लिए अच्छा नहीं होगा. अब अगर आप बच्चे के हाथ से वह चॉकलेट जबर्दस्ती लेना चाहें, तो आप इसे नहीं ले सकते. ऐसा किये जाने पर वह गुस्सा करेगा और रोयेगा. मगर  बच्चे को समझा-बुझाकर उससे चॉकलेट ले सकते हैं.

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