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सुसाइड सिटी बनती जा रही है रांची, पिछले 7 महीनों में 100 से ज्यादा लोग ने की आत्महत्या

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Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची में हाल के दिनों में आत्महत्या की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. हर उम्र के लोग आत्महत्या कर रहे हैं. कभी परीक्षा में कम नंबर आने से हताश छात्र-छात्राएं, तो कभी आर्थिक तंगी के कारण पूरा परिवार खुदकुशी कर ले रहा है. प्रेम प्रसंग में भी जान देने वालों की कमी नहीं है .ऐसी घटनाएं रांची में बढ़ती जा रही हैं .रांची में पिछले सात महीने की घटनाओं पर गौर करें तो पिछले 7 महीने में 100 से ज्यादा लोगों ने आत्महत्या की है.

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पारिवारिक समस्या,अवसाद,प्रेम में नाकामी ले रही है जान

पारिवारिक समस्या, अवसाद, प्रेम में नाकामी और काम का दबाव लोगों की जान ले रहा है. झारखंड में करीब 30.2% लोग पारिवारिक कारणों से आत्महत्या की हैं,  तो वहीं बीमारी के कारण 12% लोगों ने आत्महत्या की है. प्रेम प्रसंग में आत्महत्या करने वाले की संख्या 3.3 % है. एनसीआरबी के डाटा के अनुसार सबसे अधिक आत्महत्या करने वाले दैनिक मजदूरी करने वाले लोग होते हैं; इनकी संख्या करीब 17% है. खुद का कारोबार करने वाले 9.1% लोग आत्महत्या करते हैं.

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जनवरी से जुलाई तक 100 लोगों ने की आत्महत्या

झारखंड पुलिस के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2018 से लेकर जुलाई तक 100 से ज्यादा लोगों ने आत्महत्या की है. जिसमें सभी उम्र के लोग शामिल हैं. पिछले 7 महीने में 100 से ज्यादा आत्महत्या किये जाने के कारण अलग-अलग हैं. जिसके चलते लोगों ने आत्महत्या की है.

हाल के दिनों में हुई आत्महत्या की घटनाएं

30 जुलाई : मोरहाबादी के वसुंधरा डिपार्टमेंट में रहने वाले एक डॉक्टर के बेटे ने आत्महत्या कर ली. वह दसवीं क्लास का छात्र था.

30 जुलाई : कांके के अरसंडे में रहने वाले दो भाइयों ने मिलकर अपने परिवार के सभी लोगों की हत्या कर खुद आत्महत्या कर ली.

11 अगस्त : सुरेंद्रनाथ सेंटेनरी में पढ़ने वाले छात्र ने फांसी खाकर अपनी जान दे दी.

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