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सुसाइड सिटी बनती राजधानी रांची ! पिछले 10 दिनों में आठ लोगों ने की आत्महत्या

खुदकुशी किसी समस्या का समाधान नहीं

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Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में हाल के दिनों में आत्महत्या की घटनाएं बढ़ती जा रही है. इनमें सभी उम्र के लोग शामिल हैं. कभी परीक्षा में कम नंबर आने से हताश छात्र-छात्राएं, तो कभी आर्थिक तंगी, कहीं प्रेम प्रसंग में खुदकुशी. ऐसी घटनाएं राजधानी में बढ़ती जा रही हैं. रांची में पिछले दस दिनों पर गौर करें तो विभिन्न उम्र के आठ लोगों ने आत्महत्या की.

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कब-कब हुई आत्महत्या की घटना

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जमशेदपुर : नवविवाहिता ने पुल से कूदकर दी जान
प्रतीकात्मक तस्वीर.

30 जुलाई 2018

कांके के अरसंडे में रहने वाले 2 भाइयों ने मिल कर अपने सभी परिवार के सदस्य को मारकर खुद भी आत्महत्या कर ली. इस घटना के सामने आने से पूरे शहर के लोग सकते में दिखे.

30 जुलाई को ही मोरहाबादी के वसुंधरा अपार्टमेंट में रिम्स के एक डॉक्टर के बेटे ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. वो दसवीं क्लास का छात्र था.

11 अगस्त 2018

सुरेंद्रनाथ सेनेटरी में पढ़ने वाले छात्र ने खुदकुशी कर ली.

12 अगस्त 2018

पंडरा के शहदेव नगर में रहने वाली 18 वर्षीय लड़की ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी.

13 अगस्त 2018

पिता-पुत्र के आपसी विवाद में बेटे ने आत्महत्या कर ली. जबकि पिता का हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है.

इसी दिन बरियातू के रामेश्वरम अपार्टमेंट में रहने वाले एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी.
सत्यजीत मलिक, जिनका श्रद्धानंद रोड में मां उग्रतारा मेडिकल शॉप हैं. उन्होंने सोमवार को अपनी जान दे दी. बताया जा रहा है कि घरेलू विवाद से तंग आकर उन्होंने खुदकुशी की.

आत्महत्या करने की मुख्य तीन वजह

बढ़ती आत्महत्याओं पर न्यूज विंग ने चिकित्सकों की राय जाननी चाही कि आखिर किस कारण से खुदकुशी के मामले बढ़ रहे हैं. डॉ सुभाष सोरेन ने बताया कि आत्महत्या के पीछे मुख्यतौर पर तीन कारण होते हैं- सामाजिक, आर्थिक और मेडिकल. सामाजिक कारणों में सबसे अहम चीज है रिलेशनशिप, एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर, परिवार, मित्रों और जान पहचान वालों से दिक्कतें से भी लोग यह कदम उठाते है. आर्थिक कारणों में बिजनेस का डूबना, नौकरी छूटना, फाइनेंसियल क्राइसिस, आय का साधन ना होना, कर्ज जैसी चीजें आती है. और मेडिकल में लाइलाज मानसिक और शारीरिक बीमारी, गहरा डिप्रेशन और बीमारी जैसे कारण आते है.

काउंसिलिंग से रूक सकती हैं आत्महत्याएं

फैमिली सुसाइड ज्यादातर आर्थिक कारणों की वजह से होती है. समय रहते अगर उन्हें सही काउंसलिंग दी जाए, तो ऐसे सुसाइड होने से रुक सकते हैं. काउंसिलिंग के जरिए लोगों को जिंदगी की समस्याओं, परेशानियों से लड़ना-जूझना सीख पाते हैं. और जिंदगी के महत्व को भी समझ पाते हैं.

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