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सुबोधकांत का सीएम रघुवर से सवाल- क्या उनके पहले के भाजपा सीएम निकम्मे व जाहिल थे?

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Ranchi: कांग्रेस पार्टी ने रघुवर दास वाली एनार्किज्म सरकार पर अपने ही नेताओं का अपमान करने का आरोप लगाया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने पूछा है कि राज्य गठन के 18 साल में भाजपा ने यहां अधिकतम समय सत्ता संभाली. लेकिन, फिर भी यहां की स्थिति किसी से छिपी नहीं है. अगर अपने चार साल के कार्यकाल की उपलब्धि को रघुवर दास गिनाते हैं, तो उन्हें बताना चाहिए कि क्या उनके पहले के भाजपा सीएम पूरी तरह निक्कमे और जाहिल थे. अगर हां, तो भाजपाईयों को यह बताना चाहिए कि बहुमत वाली यह वर्तमान सरकार रघुवर सरकार है या भाजपा की सरकार. अगर यह रघुवर की सरकार है, तो क्या आज सभी भाजपा कार्यकर्ता रघुवर के चाटुकार हो गये हैं. राज्य स्थापना दिवस पर पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कांग्रेसी नेता ने कहा कि भाजपाईयों को यह समझना चाहिए कि राज्य गठन में उनकी कोई भूमिका नहीं है. जिस तरह पीएम मोदी ने कांग्रेस संचालित योजनाओं का नाम बदल कर उसे अपनी उपलब्धि बना दी. ठीक उसी तरह भाजपा का रोल यह है कि उनकी सरकार में राज्य का गठन हुआ था.

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कुपोषण और बेरोजगार झारखंड बन गया है युवा झारखंड

रघुवर कार्यकाल को एनार्किज्म की स्थिति का दर्जा देते हुए सुबोधकांत सहाय ने कहा कि 18 साल का युवा झारखंड भाजपा काल में कुपोषण, बेरोजगार का झारखंड बन कर रह गया है. राज्य की आज कोई दशा-दिशा नहीं रही है. राज्य का गठन विशेषकर गांवों के विकास के लिए किया गया था. लेकिन, आज गांव की दशा सुधारने वाली रसोइयां, सहिया अपनी मांगो को लेकर महि‍नों से आंदोलनरत हैं. राज्य में विद्यमान 1.80 लाख पारा शिक्षक आत्मदाह करने को तैयार हैं. भाजपा काल में अपराधियों को कानून का कोई डर नहीं रह गया है.

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भूख से मौत, लिचिंग का बढ़ा है ग्राफ

उन्होंने कहा कि आज सत्ता में बैठे लोग अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए उमंग मना रहे हैं. जबकि इसी सरकार में भूख से मौत, लिचिंग जैसी घटनाओं का ग्राफ काफी बढ़ा है. दो दिन पहले दुमका में एक आदिवासी परिवार की मौत भूख से हो गयी, लेकिन सरकार को इसका तनिक भी अफसोस नहीं हैं. कांग्रेस पार्टी ने अपने शासन में गरीबों को 35 किग्रा अनाज देने काम किया. वहीं आज रघुवर सरकार गरीबों को 5 किग्रा दे रही है. लिचिंग जैसी घटनाओं के कारण यहां कई निर्दोष लोगों की हत्‍या कर दी गयी, जबकि सरकार खामोश रही.

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कई चरणों से गुजर कर मिलता है रोजगार

गिरती शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए सुबोधकांत सहाय ने कहा कि राज्य गठन को अब 18 साल पूरा होने को है. लेकिन, यहां जेपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था केवल पांच बार ही परीक्षा आयोजित कर सकी है. अगर युवाओं के विकास की बात रघुवर सरकार करती है, तो उन्हें देखना चाहिए कि इस संस्था से ली गयी परीक्षा पास करने के लिए युवाओं को कई चरणों (पीटी, मेंस, इंटरव्यू, धरना, लाठीचार्ज, हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, सीबीआई के बाद लेन-देन) से गुजरना पड़ता है. उसके बाद कई जाकर उन युवाओं को यहां रोजगार मिलता है.

रघुवर सरकार में बढ़ी है कमीशनखोरी

उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार में आज अफसरशाहों का गिरोह सक्रिय है, जो अपने मुखिया के नेतृत्व में कमीशनखोरी को बढ़ावा दे रहा है. सरकार की उपलब्धि यह है कि आज यहां किसी तरह का कोई रोड मैप नहीं बना है. खनिज ससांधन से भरपूर होने के बाद यहां उद्योग आधारित रोजगार का निर्माण नहीं हुआ है. स्थिति यह है कि खनिज आधारित 7000 उद्योग यहां बंद हो चुके है. निवेश के नाम पर रघुवर सरकार ने विश्व में घूमने का जो काम किया, वो एक तरह से छलावा ही साबित हुआ. क्योंकि इनके कार्यकाल में यहां एक भी निवेश पूरा नहीं हो सका है. राज्य गठन के बाद यहां कम से कम 400 एमओयू किये गये, लेकिन हकीकत यह है कि एक भी धरातल पर नहीं पहुंच सका है.

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