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सुबोधकांत ने सीएम से पूछा, बतायें कितने भाजपाइयों ने दी देश के लिए कुर्बानी

मुख्यमंत्री पर किया पलटवार, भाजपा के इतिहास की जानकारी नहीं, वरना नहीं देते ऐसा बयान

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Ranchi : कांग्रेस पर अलगाववादी शक्तियों को बढ़ावा देने और महापुरुषों के साथ भेदभाव करने के मुख्यमंत्री के आरोप पर पार्टी के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा है कि भाजपा ने तो अपने शासन में पुराने स्वतंत्रता सेनानियों को अपमानित करने का ही काम किया है. राज्य के मुख्यमंत्री को भाजपा के इतिहास की शायद जानकारी ही नहीं है, अगर है तो उन्हें बताना चाहिए कि अबतक कितने भाजपाइयों ने देश के लिए कुर्बानी दी है. जहां तक कांग्रेस पार्टी का इतिहास है, तो पार्टी में शहीदों की लंबी कतार है. लोकमंथन कार्यक्रम पर सवाल खड़ा करते हुए उन्होंने कहा कि दरअसल सरकारी खर्च पर इसतरह के कार्यक्रम आयोजित कर भाजपा अपने बड़बोलेपन का इजहार करती रही है. लेकिन उसे शायद पता नहीं कि उनकी ऐसी मानसिकता लोक मंथन जैसे घटिया मंथन से नहीं टूटेगी.

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समापन समारोह को सीएम ने बनाया राजनीतिक अखाड़ा

मालूम हो कि राजधानी रांची में चार दिनों तक चलने वाले लोक मंथन कार्यक्रम 2018 का रविवार को समापन हुआ था. इसमें कई नाम-गिरामी विचारकों ने देश की संस्कृति पर अपने विचारों को प्रस्तुत किया. वहीं इसके उलट राज्य के मुख्यमंत्री को न जाने क्या सुझी, उन्होंने लोक मंथन कार्यक्रम के समापन सत्र के दौरान मंच को राजनीति का अखाड़ा बना दिया. उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर न केवल देश को तोड़ने बल्कि अलगाव शक्तियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. साथ ही कहा कि कांग्रेसियों ने देश के कई महापुरूषों, जिन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी, के साथ भेदभाव किया है. अब हमें उन्हें अपने इतिहास में जगह दिलाना है.

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अराजकतावादी ताकतों को बढ़ाने का लगाया था आरोप

सीएम ने कहा था कि आज देश के कई कॉलेज, विश्वविद्यालय में बच्चों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है. ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ का समर्थन देने वालों को कांग्रेसियों ने अपना समर्थन दिया था. इससे युवा शक्ति पर एक गलत संदेश जा रहा है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि देश के आजादी के बाद कांग्रेसियों ने न केवल देश के महापुरूषों के साथ भेदभाव किया, बल्कि उन्हें उचित स्थान भी नहीं दिया. ऐसे महापुरूषों में भगत सिंह, सुखदेव गुरू, सरदार पटेल, वीर सावरकर, हेडगेवार, बिरसा मुंडा, सिद्धू कान्हू जैसे महापूरूष शामिल हैं. अब उन्हें हमें अपने इतिहास में जगह दिलाना है.

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पता होता, तो शायद नहीं देते ऐसा बयान

कांग्रेसी नेता सहाय ने कहा कि सरकारी खर्च पर आयोजित किये गये लोक मंथन कार्यक्रम में मुख्यतः भाजपा का ही मंथन किया गया. भाजपा की यह पुरानी परम्परा है कि चीजों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाए. सीएम को शायद यह नहीं पता कि देश के लिए जितने लोगों ने अपनी जान दी, वे सभी कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे. इसमें कोई भी भाजपाई नहीं था. सीएम को अगर भाजपा के इतिहास की जानकारी होती, तो शायद गुमराह करने वाले ऐसा बयान नहीं देते. अगर उन्हें भाजपा के इतिहास की कुछ भी जानकारी है, तो बताएं कि कितने भाजपाइयों ने अबतक देश के लिए कुर्बानी दी है. महापुरूषों की बात करने वाले सीएम को यह भी बताना चाहिए कि अबतक कितने महापुरूषों (सरदार पटेल, मौलाना आजाद, सुभाष चंद्र बोस) को उन्होंने सम्मानित किया है.

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पार्टी में है शहीदों की लंबी कतार

कांग्रेसी नेता ने कहा कि पहले प्रधानमंत्री नेहरू ने तो कांग्रेस सहित श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे गैर कांग्रेसियों को भी अपने कैबिनेट भी जगह दी थी. अगर कांग्रेस के इतिहास को देखें तो आजादी के पहले और बाद में पार्टी के अंदर शहीदों की लंबी कतार है. ऐसे शहीदों में नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी जैसे नाम महत्वपूर्ण हैं.

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