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लीज पर चल रहे क्रशरों को ध्वस्त करने का सुबोधकांत सहाय ने किया विरोध

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा- तुगलकी कार्रवाई बर्दाश्त नहीं

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Ranchi: तुपुदाना के बालसिरिंग इलाके में लीज पर चल रहे क्रशर इकाइयों को जेसीबी से ध्वस्त करने की प्रशासनिक कार्रवाई को पूर्व केंद्रीय मंत्री सह वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने तुगलकी अत्याचार बताया है. उन्होंने कहा है कि ये क्रशर इकाइयां सरकार को रेंट का भुगतान कर रही थी. यहां तक कि‍ पर्यावरण क्लीयरेंस के लिए इन्होंने सरकार के पास आवेदन कर रखा है. नियम है कि ऐसे आवेदनों पर 90 दिनों के अंदर सरकार के स्तर पर निर्णय ले लिया जाना चाहिए. इनके आवेदन लटका कर रखे गये हैं और अब बगैर नोटिस दिये उन क्रशर इकाइयों को जेसीबी लगाकर ध्वस्त कर दिया गया. उन्होंने कहा कि ऐसे इकाइयों में जहां सैकड़ों आदिवासी रोजगार पा रहे हैं, उसे रोकने से वे बेरोजगारी की कगार पर आ जायेंगे.

बुधवार को एसडीओ गरिमा सिंह ने चलाया था अभियान

मालूम हो कि सदर एसडीओ गरिमा सिंह ने बुधवार को तुपुदाना के बालसिरिंग में चल रहे अवैध क्रेशर के खिलाफ कार्रवाई की थी. एसडीओ ने अभियान के दौरान अवैध चल रहे आठ क्रशरों को ध्वस्त कर दिया था. एसडीओ ने क्रशर से जुड़े लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश तुपुदाना थाना को दिया था. साथ ही चेतावनी देते हुए माइनिंग इंस्पेक्टर को कहा था कि दोबारा अवैध रूप से क्रशर शुरू करने वाले के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज करें.

रघुवर दास के अत्याचार का होगा विरोध

कांग्रेसी नेता शुक्रवार को बालसिरिंग और तुपुदाना के दौरे पर थे. इस दौरान उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि सरकार की अपनी प्रक्रिया में ही खामियां हैं, जिन्हें ठीक किये बगैर तुगलकी अंदाज में कार्रवाई की गयी है. रघुवर दास की सरकार जिस तरह से आम लोगों पर अत्याचार कर रही है, उसका पुरजोर विरोध किया जायेगा.

उपस्थित लोगों ने जताया विरोध

मौके पर मौजूद रहे सदानंद सिंह, अवधेश सिंह, लखराज प्रजापति, संजय साहु, बबलू शुक्ला, गुड्डू तिवारी, हरि लाल, अशोक यादव, संजय यादव, नागेश्वर साहु, सुंदरी तिर्की, रणविजय सिंह सहित अन्य लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई पर विरोध जताया.

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