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..तो क्या जेवीएम के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे सुबोधकांत सहाय !

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Nitesh Ojha

Ranchi: पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय क्या झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे. राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है. ऐसा इसलिए क्योंकि एक तरफ भाजपा के खिलाफ बननेवाले महागठबंधन के स्वरूप पर अभी तक ग्रहण लगा हुआ है. दूसरी तरफ जेवीएम के रांची लोकसभा सम्मेलन में सुबोधकांत सहाय का आना और वाम दलों के सीट बंटवारे को लेकर प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार के खिलाफ उनका मोर्चा खोलना ऐसी अटकलों को पुख्ता कर रहा है.

वामपंथियों को सीटें देने पर मतभेद

मालूम हो कि वामपंथी पार्टियों को सीट देने अथवा नहीं देने के सवाल पर वरिष्ठ नेता सुबोधकांत और प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय ने जिस तरह से बयानबाजी की है, उससे पार्टी अपने आंतरिक कलह को लेकर एक बार फिर चर्चा में है. डॉ अजय ने कहा था कि लोकसभा चुनाव में वामपंथियों को सीट देना मुश्किल है, क्योंकि इनका सीट बचना भी मुश्किल है. उन्होंने इसकी भरपाई विधानसभा चुनाव से करने की बात कही थी. उनके इसी बयान पर सुबोधकांत ने कहा कि सीट देने का निर्णय प्रदेश अध्यक्ष नहीं कर सकते. इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ही अंतिम निर्णय लेंगे.

सम्मलेन में उपस्थिति ने कई सवालों को दिया जन्म

रविवार को हरमू मैदान में आयोजित जेवीएम के कार्यकर्ता सम्मेलन में सुबोधकांत सहाय की उपस्थित ने कई सवालों को जन्म दे दिया. जहां पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ उन्होंने नकारात्मक बयान दिया है, तो वहीं जेवीएम के महासम्मेलन में उन्होंने बाबूलाल मरांडी की जम कर तारीफ भी की. सुबोधकांत सहाय ने तो यहां कह तक डाला कि आज राज्य में महागठबंधन बनने की जो रूपरेखा तैयार है, उसका सारा श्रेय बाबूलाल को है.

साख पर सवाल उठा गये सुबोधकांत

बाबूलाल मरांडी के लिए सुबोधकांत के बयान ने प्रदेश अध्यक्ष की साख पर भी सवाल खड़ा कर दिया है. गत 17 जनवरी को जेएमएम कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के आवास पर महागठबंधन के स्वरूप को लेकर हुई बैठक में हेमंत सोरेन के साथ डॉ अजय कुमार, बाबूलाल मरांडी सहित कई दलों के नेता उपस्थित थे. बैठक के बाद डॉ अजय ने घोषणा की थी कि पूरा विपक्ष विधानसभा चुनाव हेमंत सोरेन और लोकसभा चुनाव कांग्रेस के नेतृत्व में लड़ेगा. ऐसे में महागठबंधन बनने के लिए केवल बाबूलाल को श्रेय देकर भी सुबोधकांत ने प्रदेश अध्यक्ष की साख पर सवाल खड़ा कर दिया है.

टिप्पणी करना जरूरी नहीं, यह निजी विचार: डॉ अजय

सुबोधकांत सहाय के जेवीएम के टिकट पर चुनाव लड़ने के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने कहा कि वे इसपर कोई टिप्पणी नहीं देना चाहते हैं. जहां तक जेवीएम के संगठनात्मक सम्मेलन में जाने की बात है, तो यह उनका निजी मामला है. वहीं वाम दलों के साथ सीट बटंवारे पर चल रही खीचंतान पर उन्होंने कहा कि उनका निर्णय केवल उनका नहीं होता है, बल्कि प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय अध्यक्ष से आपसी बातचीत कर ही कोई निर्णय लिया जाता है.

जेवीएम से लड़ने की बात अफवाह : सुबोधकांत

जेवीएम सम्मेलन में जाने और जेवीएम के टिकट पर चुनाव लड़ने के सवाल पर सुबोधकांत सहाय ने कहा कि बाबूलाल महागठबंधन के एक वरिष्ठ नेता हैं. ऐसे में जेवीएम कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेने के लिए उन्हें बुलाया गया था. डॉ अजय के बयान पर कहा कि दोनों का बयान एक ही है, कि पार्टी के कुछ नीतिगत फैसले जो होते हैं, वह दिल्ली में तय होते हैं. वाम दलों के साथ गठबंधन की रूपरेखा वहीं तय होगी. जेवीएम के टिकट पर चुनाव लड़ने पर कहा कि पूरी बात गलत है. पार्टी का विश्वास उनपर है, रांची लोकसभा से टिकट के वे प्रभावी दावेदार हैं.

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