न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

धरने पर बैठे होमगार्डों को उपनगर आयुक्त ने लगायी फटकार, कहा- हट जायें, नहीं तो एक साथ कर देंगे सस्पेंड

165

Ranchi : रांची नगर निगम के उपनगर आयुक्त संजय कुमार शनिवार को निगम के अंतर्गत कार्यरत होमगार्डों को कड़े शब्दों में फटकार लगाते दिखे. नगर आयुक्त कक्ष के बाहर अपने वेतन की मांग को लेकर धरने पर बैठे होमगार्डों को उन्होंने कहा कि किस अधिकार से यहां वे धरने पर बैठे हैं. उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी हो, वे धरने से उठें, नहीं तो सभी को एक साथ सस्पेंड कर देंगे. हालांकि, इस दौरान कई होमगार्डों ने उनकी बातों का विरोध कर कहा कि अगर उन्हें सही समय पर वेतन नहीं मिलेगा, तो वे अपने परिवार के सदस्यों को क्या खिलायेंगे. इस पर उपनगर आयुक्त ने धरने पर बैठे होमगार्डों में पांच को अपने कक्ष में बुलाकर जल्द वेतन दिये जाने का आश्वासन दिया.

इसे भी पढ़ें- स्मार्ट सिटी मिशन प्रोजेक्ट को ब्यूरोक्रेसी में न फंसायें, दें विशेष पावर : कुणाल कुमार

जानिये क्यों धरने पर बैठे थे होमगार्ड के जवान

न्यूज विंग संवाददाता को मामले की जानकारी देते हुए होमगार्ड के जवानों ने बताया कि जुलाई माह से उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है. नवरात्र का त्योहार कुछ ही दिन में शुरू होगा, लेकिन अभी तक वेतन देने की पहल नहीं की गयी है. इससे पहले अप्रैल में तत्कालीन नगर आयुक्त शांतनु अग्रहरि से मुलाकात कर वेतन नहीं मिलने की बात उन्होंने कही थी. उस वक्त भी नवंबर माह से उन्हें वेतन नहीं मिल रहा था. दो माह वेतन मिलने के बाद फिर जुलाई से उनका वेतन रोक दिया गया है. इन होमगार्डों का कहना है कि निगम में करीब 96 होमगार्ड निरंतर कार्य कर रहे हैं. वे धावाबल के साथ स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े काम, एन्फोर्समेंट टीम के साथ अतिक्रमण हटाओ अभियान सहित शहर में बने पार्किग स्थलों से राजस्व वसूली का कार्य करते हैं. इन कार्यों के लिए उन्हें केवल 12 हजार रुपये दिये जाते हैं. इसमें किसी तरह की कोई पीएफ सुविधा नहीं है. वहीं, वेतन मिलने की कोई समय-सीमा भी निर्धारित नहीं है.

इसे भी पढ़ें- मिशनरीज ऑफ चैरिटी ने डीसी से की हिनू स्थित शिशु सदन को खोलने और बच्चे लौटाने की मांग

धरना देख भड़के उपनगर आयुक्त

धरना दिये जाने की जानकारी मिलते ही उपनगर आयुक्त संजय कुमार होमगार्डों से मिलने पहुंचे. लेकिन, वहां पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले होमगार्डों को जमकर फटकार लगायी. उन्होंने कहा कि आपलोग किस अधिकार से यहां धरने पर बैठे हुए हैं. अगर उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी थी, तो सबसे पहले उन्हें उनके कक्ष में आकर इसकी जानकारी देते, ऐसा न कर वे धरने पर बैठ गये. जब कुछ होमगार्डों ने उनकी बातों पर असहमति जतायी, तो उन्होंने कहा कि सभी को एक साथ सस्पेंड कर देंगे. इस पर वेतन नहीं मिलने से नाराज कई होमगार्डों ने एक साथ सस्पेंड करने को लेकर हो-हल्ला भी किया.

इसे भी पढ़ें- फुल फॉर्म में नजर आयीं रांची की नई एसडीओ, हाथ में डंडा ले ऑटो चालकों को खदेड़ा

अधिकारी बोले- निगम नहीं, होमगार्ड समादेष्टा हैं जिम्मेदार

वेतन नहीं मिलने के सवाल पर अधिकारियों का कहना है कि होमगार्ड के वेतन डिले का कारण निगम नहीं, समादेष्टा विभाग है. समादेष्ट की तरफ से 26 सितंबर को ही फाइल आगे बढ़ चुकी है. निगम की तरफ से कोई विलंब नहीं हुआ है. जहां तक उपनगर आयुक्त के भड़कने की बात है, तो बिना जानकारी के धरने पर बैठने से निगम को जो राजस्व का नुकसान हुआ, उसकी भरपाई कौन करेगा. वहीं, होमगार्ड से वार्ता कर उपनगर आयुक्त ने समादेष्टा को फोन कर कहा कि सुनिश्चित करें कि होमगार्ड जवानों को माह की 10 तारीख तक वेतन मिल सके.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: