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कॉमर्स से 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं, तो जानिए क्या हैं कैरियर ऑप्शन

New Delhi: कॉमर्स से 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं तो आगे की पढ़ाई के लिए अकाउंट्स, फाइनेंस, बिजनेस स्टडीज जैसे विषय आपके लिए अच्छे विकल्प हैं. लेकिन ग्रेजुएशन के लिए एक बेहतर गाइड और सभी कैरियर ऑप्शन को जानने-समझने के बाद ही आपको फैसला लेना चाहिए. यहां आप ऐसे कैरियर ऑप्शन जान सकते हैं, जो कॉमर्स बैकग्राउंड स्टूडेंट्स के लिए बेहतर हैं.

बैचलर ऑफ कॉमर्स(B.Com)

कॉमर्स से अक्सर 12वीं करने के बाद स्टूडेंट्स बी.कॉम चुनते हैं, इसमें आप 3 साल की ग्रेजुएशन करते हैं. अगर बात की जाए पढ़ाई की, तो अकाउंट्स, स्टेटिस्टिक्स, मैनेजमेंट और ह्यूमन रिसोर्सेज जैसे सब्जेक्ट पढ़ाए जाते हैं. अगर आपको अर्थशास्त्र पसंद है और इकोनॉमी के क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहते हैं, तो यह बेस्ट ऑप्शन है.

बैचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉ(LLB)

अगर आपने कॉमर्स से 12वीं की है, तो LLB करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है. इसमें आप बार काउंसिल ऑफ इंडिया से डिग्री प्राप्त करने के बाद लॉयर बन सकते हैं. यह आपके सब्जेक्ट्स पर निर्भर होगा कि आप फैमिली लॉयर, प्रॉपर्टी लॉयर या कंपनी लॉयर बनना चाहते हैं. न सिर्फ कॉमर्स बैकग्राउंड बल्कि आर्ट्स वाले भी इसे चुन सकते हैं.

चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA)

सीए यानी चार्टर्ड अकाउंटेंट एक प्रोफेशनल कोर्स माना जाता है, जिसमें कॉमर्स बैकग्राउंड के स्टूडेंट्स ही जा सकते हैं. इस कोर्स में एडमिशन के लिए आपको काफी कॉम्पिटिशन मिलता है और कई सारे एग्जाम क्लियर करने के बाद एजुकेशन मिलनी शुरू होती है. अगर देखा जाए तो बैचलर की किसी भी डिग्री के मुकाबले चार्टेड अकाउंटेंट काफी मुश्किल है.

बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA)

अगर आपके कैरियर का गोल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में जाना है, तो बी.बी.ए करना आपके लिए बेहतर रहेगा. यह एक तीन साल की ग्रेजुएशन है, जिसे कॉमर्स बैकग्राउंड के काफी स्टूडेंट चुनना पसंद करते हैं. इसमें आपको बिजनेस संबंधी सारी पढ़ाई कराई जाती है और शुरू से ही कॉर्पोरेट ऑपरेशन संबंधी सब कुछ सीखने को मिलता है.

कंपनी सेक्रेटरी (CS)

सी.एस कोर्स भी एडमिनिस्ट्रेशन में ही आता है, जो इंस्टिट्यूट कंपनी सेक्रेट्री ऑफ इंडिया (ICSI) द्वारा कराया जाता है. कई कॉमर्स बैकग्राउंड के स्टूडेंट्स इसे चुनना पसंद करते हैं और लेकिन इसमें भी सी.ए की तरह काफी मुश्किल एंट्रेंस एग्जाम दिए जाते हैं.

बैचलर ऑफ इकोनॉमिक्स

बैचलर ऑफ इकोनॉमिक्स भी 3 साल की डिग्री होती है, जिसमें आप इकोनॉमिक्स फाइनेंस और एनालिटिकल मेथड्स के बारे में पढ़ाई करते हैं. जिन विद्यार्थियों को इकोनॉमिक्स में रुचि होती है, उन्हें बैचलर ऑफ इकोनॉमिक्स करना चाहिए. इतना ही नहीं, इसमें आप माइक्रो-इकोनॉमिक्स और मैक्रो-इकोनॉमिक्स को डीप में पढ़ते हैं और फाइनेंस के क्षेत्र में जाते हैं.

बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (BMS)

अगर आपको मैनेजमेंट के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना है, तो बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (BMS) करना आपके लिए अच्छा रहेगा. इसमें मैनेजिंग स्किल्स और लीडरशिप के बारे में अच्छी तरह पढ़ाया जाता है. इतना ही नहीं, इसमें ह्यूमन रिसोर्स, रिसर्च मेथड के बारे में भी पढ़ाया जाता है.

सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर

पर्सनल फाइनेंस, वेल्थ मैनेजमेंट, इंश्योरेंस प्लानिंग जैसी पढ़ाई करने के लिए आप सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर कर सकते हैं. इसे (CFP) भी कहा जाता है और इसमें फाइनेंस से जुड़ी पूरी पढ़ाई कराई जाती है. अगर आपको इस क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना है, तो 12वीं के बाद CFP कर सकते हैं.

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