न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

पारा शिक्षक 39 दिन से हड़ताल पर, स्कूलों में नहीं हो रही पढ़ाई, अबतक सरकार की तरफ से नहीं हुई कोई पहल

विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई-लिखाई हो रही बाधित, मिड डे मील पर भी पड़ने लगा असर

628

Chandan Choudhary

mi banner add

Ranchi: पारा शिक्षकों के हड़ताल पर गए हुए 39 दिन बीत चुके हैं. सरकार के अल्टीमेटम देने के बावजूद पारा शिक्षक काम पर नहीं लौट रहे हैं. हालांकि विभागीय पदाधिकारियों का कहना है कि अल्टीमेटम देने के बाद लगभग 10 हजार पारा शिक्षक काम पर लौटे हैं. पारा शिक्षकों के काम पर नहीं लौटने के कारण राजधानी समेत आस-पास के प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पूरी तरह ठप हो चुकी है. यहां तक कि कुछ स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील की भी स्थिति चरमरा गई है. स्थिति इस कदर बिगड़ रही है कि कुछ स्कूलों को मजबूरन बंद करना पड़ रहा है.

आर-पार की होगी लड़ाई

एदलहातू स्थित प्राथमिक विद्यालय में तीन शिक्षक हैं और तीनों पारा शिक्षक हैं. इनके हड़ताल पर जाने से विद्यालय को बंद रखना पड़ रहा है. वहीं इस सब समस्याओं के बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हो रही है. उलटे सरकार के सलाहकार यह सलाह दे रहे हैं कि गांव के ही पढ़े-लिखे युवक-युवतियों से बच्चों की पढ़ाई-लिखाई करायी जाये. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोचा के संजय दुबे ने बताया कि सरकार बार-बार थोड़ी-थोड़ी वृद्धि करके हम शिक्षकों को ठगती रही है. लेकिन अब आर-पार की लड़ाई होगी. जबतक हम पारा शिक्षकों का मानदेय बढ़ा कर 5200 से 20200 वाले स्केल में नहीं किया जाता, हम काम पर नहीं लौटेंगे. दूसरी ओर पारा शिक्षकों से सरकार वार्ता करने को भी तैयार नहीं है.

किया गया है कमेटी का गठन

झारखंड के पारा शिक्षकों के स्थायीकरण एवं अन्य मांगों पर विचार करने के लिए कमेटी का गठन किया गया था. कमेटी के गठन के लिए मुख्यमंत्री की भी सहमति ली गई थी. इस कमेटी को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 60 दिनों की मोहलत दी गई है. आठ सदस्यों की यह टीम पारा शिक्षकों की मांगों से संबंधित सभी पहलुओं पर कार्य कर रही है इसके अलावा अन्य राज्यों में भी पारा शिक्षकों को मिलनेवाली सुविधाओं पर यह कमेटी अध्ययन करने के बाद अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपेंगी. इस कमटी में एकीकृत पारा शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है. कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के अपर मुख्य सचिव कमेटी के अध्यक्ष हैं. पारा शिक्षकों की मुख्य मांग में समान काम के लिए समान वेतन, शिक्षकों का स्थायीकरण, शिक्षक पात्रता परीक्षा सफल पारा शिक्षकों को स्थायी शिक्षक बनाने, शिक्षक कल्याण कोष के गठन की मांग मुख्य रूप से शामिल है.

सरकार हमें भम्रित कर रही है, वेतन बढ़ाने के लिए हमारे ही मानदेय से होगी कटौती : संजय

Related Posts

आवासीय उच्च विद्यालयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करनेवाले शिक्षकों और छात्रों को मिला सम्मान

राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू और मंत्री लुईस मरांडी ने किया सम्मानित

एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के संजय दुबे ने बताया कि बीते दिनों शिक्षा सचिव द्वारा दिए गए बयान में यह कहा गया है कि पारा शिक्षकों के अधिकांश मांगों को मान लिया गया है. यह बिल्कुल गलत है, सरकार ने 20% मानदेय बढ़ाने की बात कह कर हमें जाल में फंसाने का काम किया है. उनके अनुसार मानदेय में 20% की बढ़ोतरी की गई है. जिसमें टेट पास 1 से 5 तक के शिक्षक जिनका मानदेय 9438 रुपये प्रति माह था, उन्हें 11000 रुपये,  जो टेट पास नहीं हैं तथा ट्रेंड हैं उनमें 1 से 5 को 234 रुपये तथा 6 से 8 के शिक्षकों के मानदेय में 320 रुपये इजाफा हुआ है. वहीं अनट्रेंड जो प्रशिक्षणरत हैं उनके मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है.

200 रुपये की कटौती भी करेगी सरकार

अब इन बातों को भी समझना जरूरी है. सरकार ने प्रति पारा शिक्षक 200 रुपये प्रति माह काटने की भी बात कही है. ऐसे में अगर 67000 पारा शिक्षकों से 200 रुपए काटा जाता है, तो 1 करोड़ 34 लाख रुपए पारा शिक्षकों से प्रतिमाह लिया जायेगा. इसका सीधा मतलब है कि सरकार हमारे मानदेय में बढ़ोतरी करने के लिए हमारे ही वेतन से कटौती कर रही है.

50 प्रतिशत आरक्षण की बात गलत

इसी प्रकार 50% आरक्षण की बात भी पूरी तरह बेबुनियाद बात है. पारा शिक्षकों को 50% आरक्षण नहीं दिया गया है, बल्कि सीट का बंटवारा किया गया है. 50% पारा के लिए तथा 50% गैर पारा के लिए. जबकि आरक्षण का मतलब होता है कि किसी वंचित वर्ग को विशेष सुविधा देना और वंचित वर्ग सामान्य कोटा में जा सकता है. इस महंगाई में हमलोगों को जो 8 से 10 हजार मानदेय मिलता है वह नाकाफी है. इसे झारखंड की जनता जानती है. भाजपा के मंत्री-विधायक और एमपी भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि पारा शिक्षकों को वेतनमान मिलना चाहिए. मुख्यमंत्री रघुवर दास को मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव लगातार गलत जानकारी दे कर हमलोगों के खिलाफ भड़का रहे हैं.

इसे भी पढ़ें – टीटीपीएस को एमडी के लिए करना होगा कोर्ट के आदेश का इंतजार, इधर संयंत्र का हो रहा बंटाधार

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: