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राय यूनिवर्सिटी को नहीं मिल रहे छात्र, नैक टीम की चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरे हालात

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Ranchi: झारखंड राय यूनिवर्सिटी (जेआरयू) स्‍टूडेंट्स को आकर्षित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है. स्‍टूडेंट्स के सिलेबस के नए ट्रेंड को देखते हुए यूनिवर्सिटी की ओर से पत्रकारिता और लॉ जैसे नए कोर्स लांच किए गये. इन कोर्स में एडमिशन के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से शहरों में बड़े-बड़े विज्ञापन के होर्डिंग्‍स लगाए गए, इसके बावजूद जेआरयू को इन कोर्स के लिए स्‍टूडेंट्स नहीं मिले. लीगल स्टडीज में तो इस सत्र में एक भी स्‍टूडेंट ने एडमिशन नहीं लिया है. कुल मिलाकर देखा जाए तो जेआरयू के नए कोर्स को झारखंड के स्‍टूडेंट्स ने नकार दिया है. वहीं कंप्यूटर और आईटी विभाग में स्‍टूडेंट्स की संख्या अच्छी खासी है. लेकिन, कुल सीटों से कम ही स्‍टूडेंट इन विभागों में हैं.

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नैक टीम ने किया मूल्‍यांकन 

जेआरयू में बीते महीने नैट की टीम ने दौरा किया था. तब छह सदस्यीय नैक की टीम ने यूनिवर्सिटी कैंपस का मूल्यांकन किया था. इस दौरान नैक टीम तीन दिनों तक कैंपस की जांच की थी. टीम के सदस्यों ने यूनिवर्सिटी के कैंपस पर कड़ा एतराज जताया था. मौके पर यूनिवर्सिटी के अधिकारियों से स्‍पष्‍ट कहा गया था कि जल्द से जल्द स्थायी कैंपस बनाएं, फिर नैक मूल्यांकन करायें.

नैक टीम के सदस्यों ने कैंपस में हॉस्टल एवं कैंटीन की व्यवस्था बदलने की बात कही थी. ताकि, छात्रों को सही सुविधा मिल सके. टीम सदस्यों ने यूनिवर्सिटी के सभी फेकल्‍टी को प्रजेंटेशन के माध्यम से मूल्यांकन किया और उनमें सुधार की बात कही थी. इस क्रम में नैक टीम ने यूनिवर्सिटी से कहा कि पहले समुचित व्यवस्था करायें, फिर इसका मूल्यांकन करायें तो बेहतर होगा. नैक टीम की सलाह के बाद भी जेआरयू की हालत जस के तस बनी हुई हैं.

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सरकारी यूनिवर्सिटी का क्रेज छात्रों में व्याप्‍त: जेआरयू

नैक टीम के जांच के बाद रॉय यूनिवर्सिटी को आइना दिखाने और सुधार करने का मौका दिया गया. इसके बावजूद राय यूनिवर्सिटी अपनी कमियों को नजअंदाज कर रहा है. जेआरयू के कुलसचिव पियूस रंजन ने कहा कि झारखंड के छात्रों सरकारी यूनिवर्सिटी का प्रचलन व्याप्त है. इस वहज से प्राइवेट यूनिवर्सिटी को छात्र संबंधित कोर्स में नहीं मिल पाते हैं. सरकारी यूनिवर्सिटी एवं प्राइवेट यूनिवर्सिटी के कोर्स फीस में भी जमीन और आसमान का अंतर है.

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