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#Rent पर रहने वाले स्टूडेंट्स पर किराये की मार, राहत दिलाये सरकार: आदिवासी छात्र संघ    

Ranchi : आदिवासी छात्र संघ ने शहरों में किराये पर रहने वाले स्टूडेंट्स के लिए सरकार से मदद मांगी है. संघ ने इस विषय पर शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एक बैठक रखी.

कॉन्फ्रेंस में निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार से इस मसले पर सहयोग लिया जायेगा. संघ के केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उरांव ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि सरकार बेरोजगार छात्रों के हितों को देखते हुए हस्तक्षेप करें.

पूरे राज्य में आदेश जारी किया जाये कि लॉक डाउन की अवधि का किराया छात्रों से ना लिया जाये. मकान मालिक किसी भी छात्र से मार्च से लेकर लॉकडॉउन खत्म होने तक की अवधि में 1 रुपया भी किराया ना लें.

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बेरोजगारी की मार झेलते युवाओं के लिए किराया देना कठिन

संघ के प्रवक्ता प्रियव्रत नाग के अनुसार विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में छात्र एक से दूसरे शहरों में बेहतर शिक्षा के लिए जाते हैं. जैसे कि रांची, दुमका, बोकारो, हजारीबाग, धनबाद आदि.

वर्तमान सरकार ने अपने घोषणा पत्र में बेरोजगारों के लिए चिंता जतायी है. वह बेरोजगारी को लेकर काफी चिंतित है. सरकार लाखों की संख्या में नियुक्तियां भी करेगी.

पर आज बेरोजगार युवा छात्र-छात्राएं लॉकडाउन की वजह से ना किसी भी प्रकार की वैकेंसी भर पा रहे हैं. ना ही वे कहीं तैयारी कर पा रहे हैं.

कई स्टूडेंट्स की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं कि वह अभी की स्थिति में 2000-5000 ररुपये तक का किराया भर सके. कम से कम लॉक डाउन की अवधि के लिए उन्हें रियायत की जरुरत है.

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स्टूडेंट्स की मदद करना सरकार की जिम्मेदारी

प्रियव्रत नाग के मुताबिक बहुत से छात्र ऐसे हैं जो लॉकडॉउन लगते के साथ अपने सामान को किराए के कमरे में छोड़कर चले गये हैं. वे इस आस में थे कि लॉकडॉउन लंबा नहीं चलेगा. पर ऐसा हुआ नहीं.

ऐसे में सरकार बेरोजगार छात्र-छात्राओं के दर्द को समझे. उनको हितों को देखते हुए पूरे राज्य में यह आदेश जारी करे. यह कहा जाये कि कोई भी मकान मालिक छात्रों को परेशान ना करे और उनसे किराया ना ले.

यह सरकार की नैतिक जिम्मेदारी भी है. विडियो कॉन्फ्रेंस कार्यक्रम में केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उरांव, रांची विश्वविद्यालय अध्यक्ष मनोज उरांव, डीएसएमयू अध्यक्ष सुमित उरांव सहित कई स्टूडेंट्स भी शामिल हुए.

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