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विज्ञान प्रदर्शनी में छात्रों ने दिखायी अपनी प्रतिभा

सोलर बैट्री का उपयोग साइकिल में, होम मेड फ्रीज, जाम सूचक यंत्र का मॉडल छात्रों ने पेश किया

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Ranchi: ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जिला स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. प्रदर्शनी में रांची, खूंटी, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला के छात्र शामिल हुए. यहां हाईस्कूल छात्रों की प्रतिभा देखते ही बनी. बाल वैज्ञानिकों के दिमागी कुशलता कहें कि बिजली रहित गांवों में कैसे सोलर बैट्री का इस्तेमाल कर रात में वाहनों का प्रयोग किया जाये, इसके मॉडल भी बच्चों ने प्रदर्शनी में दिखायें. प्रदर्शनी में कुल 342 मॉडल लगाये गये थे. जिसमें रांची से 93, खूंटी से 75, लोहरदगा से 73, सिमडेगा 54, गुमला से 47 मॉडल लगाये गये. यहां से विजेता चुने गये छात्र राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में शामिल होंगे.

अपने पसंदीदा क्षेत्र में आगे बढ़े छात्र

मुख्य अतिथि जैक अध्यक्ष अरविंद प्रसाद सिंह ने कहा कि राज्य के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कमी नहीं है. मंच मिलने से बच्चे अपने कौशल का परिचय देते है. जरूरी है कि बच्चे अपने पसंदीदा क्षेत्र में आगे बढ़े. तभी जीवन में सफलता मिलती है. ग्रामीण क्षेत्रों में वनीय संसाधनों की कमी नहीं है. बच्चों ने इसका भी उपयोग अपने मॉडलों में किया है. ये काफी रोचक है.

होम मेड फ्रीज और सोलर साइकिल

लुथेरन बालिका उच्च विद्यालय खूंटी की छात्राओं ने यहां होम मेड फ्रीज का मॉडल पेश किया. छात्रा रिया कुमारी ने जानकारी दी कि मिट्टी और मटके का इस्तेमाल कर होम मेड फ्रीज बनाया जा सकता है. जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है और लंबे समय तक चीजों का ठंडा भी रखा जा सकता है. रमेश सिंह मुंडा स्मारक स्कूल बुंडू के छात्र राजकुमार उरांव ने सोलर साइकिल का मॉडल पेश किया. छात्र ने इसमें बताया कि सुदूर गांव जहां बिजली नहीं होती. वहां रात्रि आवागमन में लोगों को काफी परेशानी होती है. इसके लिए बेहतर है कि साइकिल के सामने और पीछे सोलर बैट्री से चलने वाली लाइट को लगाया जाये. जिससे धूप से चार्ज किया जाएगा. जो रात के समय रौशनी देगी.

चिरचिरा और पोजो के औषधिय गुण

गवर्मेंट अपग्रेड स्कूल ताती सिंगारी अनंगढ़ा के छात्र सुमन बेदिया जंगलों में पाये जाने वाले पौधों के औषधीय गुण बताया. उसने चिरचिरा, पोजो, दुधी जड़, टाइड सफेद प्याज, नागफनी के उपयोग बताये. छात्र ने इन पौधों का नमूना अपने स्टॉल में लगाया था. उसने बताया कि दुधी जड़ से काला बुखार का इलाज किया जा सकता है. पोजो छाल से किसी भी तरह का फोड़ा 12 घंटे में ठीक किया जा सकता है. राजकीय स्कूल टाटीसिलवे की अनुराधा कुमारी ने जाम सूचक यंत्र का मॉडल पेश किया. मॉडल में तीन ट्रैफिक सिग्नल के स्थान पर चैथे रंग का प्रयोग किया. चैथा रंग जाम के पहले वाले चैराहे पर ही लोगों को जानकारी देगा कि आगेचौक में जाम लगा है. जिससे लोग दूसरा मार्ग ले सकते है. साथ जाम वाले चौक को असानी से जाम मुक्त भी किया जा सकता है.

इस विज्ञान प्रदर्शनी में बलराम भाला, अभिषेक राज गुप्ता, अर्पिता, शाम्भवी कौशिक, प्रशांत कुमार, रिया कुमारी, प्रेमनाथ महतो, जितेश कुमार, राहुल कुमार, आशुतोष आनन्द, सुमित उरांव, पूजा कुमारी, आंचल कुमारी, कुणाल कुमार, प्रिंस शर्मा, प्रियंका गोस्वामी, उमानंद मिश्रा, सन्ज्योती और पंकज कुमार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए.

ये थे निर्णायक मंडली में

निर्णायक मंडली में डॉ एपी साह एचओडी फिजिक्स विभाग आरयू, डॉ नीरज एचओडी रसायनशास्त्र विभाग आरयू, डॉ एके डेल्टा रसायनशास्त्र विभाग, डा नीतीश प्रियदर्शी, डॉ अरविंद कुमार, अरूंधती दास, शर्मिला रॉय थे.

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