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छात्र बन रहे हैं ड्रग्स सप्लायरों के एजेंट, स्कूल और कॉलेज के पास होती है नशीले पदार्थों की बिक्री

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Ranchi : राजधानी के स्कूल और कॉलेज के छात्रों को ड्रग्स कारोबारी सुनियोजित तरीके से नाशे का आदी बना रहे हैं. शुरू में नए ग्राहकों को सस्ती कीमत पर गांजा, चरस, हेरोइन, अफीम जैसे मादक पदार्थ उपलब्ध कराए जाते हैं. एक बार लत लगने के बाद फिर इन्हीं चीजों को मनमाने कीमत पर बेचकर कारोबारी जमकर मुनाफा कमा रहे हैं. प्रतिबंधित पदार्थ होने के बावजूद इसकी बिक्री के लिए ड्रग्स कारोबारियों ने स्कूल और कॉलज के छात्रों को एजेंट बना लिया है. और इनके माध्यम से ये कारोबारी नशीले पदार्थ को बेचते हैं. पान, तंबाकू, चाय बेचने वालों से लेकर कई स्कूल-कॉलेज के छात्रों को भी कमीशन के आधार पर ड्रग्स कारोबारियों ने अपना एजेंट बना रखा है और इसी के मध्यम से नशीले पदार्थो को बेच रहा है. इस धंधे की जानकारी पुलिस को भी है इसके बावजूद उनके द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है.

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युवा बन रहे हैं अपराधी

नशीले पदार्थ के कारोबारी ना सिर्फ युवाओं को नशीला बना रहे हैं, बल्कि उन्हें अपराधी बनने को भी विवश कर रहे हैं. हाल के दिनों में कई अच्छे घरों के युवाओं ने सिर्फ इस कारण अपराध को अंजाम दिया ताकि नशीली चीजें खरीदने के लिए पैसों का जुगाड़ हो सके. चेन की छिनतई और लूट जैसी घटना को भी अंजाम दे रहे हैं.

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ट्रेन, बस और लग्जरी गाड़ियों के माध्यम से रांची आता है नशीला पदार्थ 

नशीले पदार्थ का कारोबार करने वाले कारोबारियों द्वारा बस, ट्रेन और लग्ज़री गाड़ियों के माध्यम से इन्हें मंगाया जाता है. इस काम में महिलाएं भी शामिल हैं. ताकि आसानी से नशीले पदार्थों को कहीं भी पहुंचाया जा सके. खादगढ़ा बस स्टैंड से कई बार ऐसे लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं. इसके बावजूद नशे की खेप आसानी से रांची पहुंच रही है. लग्जरी गाड़ियों के माध्यम से दूसरे राज्यों से नशीला पदार्थ मंगाया जा रहा है.

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थाने के पास है कॉलेज लेकिन फिर भी बिक रहा नशे का सामान

मारवाड़ी कॉलेज : कॉलेज के आसपास नशीले पदार्थों के कारोबारी खड़े रहते हैं. ताकि उसे छात्रों को बेच सकें. जबकि कॉलेज से 100 मीटर की दूरी पर ही हिंदपीढ़ी थाना है. इसके बावजूद थाना क्षेत्र के बड़ा तालाब, नदी ग्राउंड समेत अन्य इलाकों में नशीले समानों की बिक्री हो रही है और पुलिस हाथ पर हाथ रखे हुए है. पुलिस के द्वारा किसी तरह की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है.

रांची कॉलेज : यहां के छात्र भी नशे के कारोबारियों के टारगेट में हैं. मोरहाबादी मैदान में नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है. लालपुर थाना क्षेत्र के इस इलाके में पीसीआर वैन भी लगे होते हैं, लेकिन नशेड़ियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है.

संत जेवियर्स कॉलेज : इसके आसपास भी नशे का कारोबार खूब होता है. यहां से लोअर बाजार थाना की दूरी मात्र 500 कदम है. बावजूद पुलिस चुप है. कर्बला चौक, आजाद बस्ती में ब्राउन शुगर से लेकर गांजा तक का कारोबार बढ़ रहा है.

इन इलाकों में भी होती है बिक्री

रेलवे स्टेशन, लोअर चुटिया, तिरिल तालाब, मधुकम, हटिया, डोरंडा, हातमा बस्ती, किशोरगंज, पुरुलिया रोड, कर्बला चौक, मोरहाबादी मैदान, हरमू पुल, विद्यानगर जाने वाले रोड सहित कई इलाकों में नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है.

क्या कहते हैं सिटी एसपी

नशीले सामानों की बिक्री की सूचना पर तुरंत छापेमारी होती है. इसके कारोबार की छूट किसी को नहीं दी जाएगी. अगर फिर भी ऐसा हो रहा है तो लोग सूचना दें, पुलिस फौरन कार्रवाई करेगी.

-अमन कुमार, सिटी एसपी, रांची

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