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HEC में पांचवें दिन भी हड़ताल जारी, कर्मचारियों ने मुख्य गेट पर जड़ा ताला

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Ranchi : सात माह से लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर एचईसी में पांचवे दिन भी कर्मचारियों की हड़ताल जारी है. सोमवार को सुबह आठ बजे से ही कर्मचारी तीनों प्लांटों में प्रदर्शन कर रहे हैं. कर्मचारियों ने मुख्य गेट में ताला लगा दिया है. अब तक प्रबंधन की तरफ से कर्मचारियों से वार्ता की पहल नहीं की गयी है. पांच दिनों से चल रहे हड़ताल के कारण निगम को लगभग ढाई करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. हड़ताल के कारण कार्यादेश प्रभावित हो रहा है. शुक्रवार को कर्मचारियों से किसी तरह की वार्ता किये बगैर निगम प्रबंधन ने एकतरफा नो वर्क नो पे का फरमान जारी कर दिया था. इस कारण भी कर्मचारियों में गुस्सा चरम पर है. कर्मचारियों का कहना है कि जबतक वेतन भुगतान नहीं होगा तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे. बार बार प्रबंधन वेतन भुगतान जल्द होने की बात करता है. अब पानी सिर से ऊपर चला गया है. सात महीने से वेतन नहीं मिला है.

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केंद्र सरकार से 870 करोड़ की मांग

उल्लेखनीय है कि एचईसी ने केंद्र सरकार से 870 करोड रुपये की सहायता को लेकर प्रस्ताव भेजा है. इसके पहले भी एचईसी प्रस्ताव दे चुका है. मगर भेजे गए प्रस्ताव पर अब तक कोई भी बात नहीं बनी है. पूर्व में रांची के सांसद संजय सेठ ने भी केंद्र सरकार से कई बार एचईसी के रिवाइवल को लेकर आर्थिक पैकेज देने की मांग की है. राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने भी केंद्र सरकार से एचईसी को जीवित करने की मांग की है.

प्रबंधन की अपील से और भड़के कर्मचारी

एचईसी प्रबंधन द्वारा 3 दिसंबर को एक अपील पत्र जारी किया गया. जिसमें कर्मियों से काम पर लौटने को कहा गया है. वहीं कहा गया है कि अगर कर्मी काम पर नहीं लौटे, तो नो वर्क नो पे का सिद्धांत लागू होगा. दूसरी तरफ एचईसी प्रबंधन के अफसरों का कहना है कि उत्पादन ठप होने से एचईसी कंपनी को रोजाना लगभग 50 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है. इधर एचईसी प्रबंधन की  अपील और नुकसान की बात से कर्मी भड़क गए है. कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन सात माह से वेतन नहीं दे रहा है. ऐसे में भी हम एक प्रकार से नो वर्क नो पे की तरह ही कंपनी में योगदान देते आ रहे है. काम कर रहे है, मगर पैसा नहीं मिल रहा है. घर परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. ऐसे में प्रबंधन वेतन भुगतान करने के बजाए तानाशाह की तरह फरमान जारी कर रहा है. गौरतलब है कि निगम प्रबंधन ने शुक्रवार को जारी पत्र में कहा गया था कि कंपनी कठिन परिस्थितियों के दौर से गुजर रहा है. ऐसे समय में सभी कर्मचारियों, ठेका कर्मियों को एकजुट होकर पूरे अनुशासन के साथ अपने-अपने कार्यों में पूर्ण रूप से समर्पित होना होगा. ऐसे मौके पर हमारे द्वारा ऐसे कोई भी कार्य नहीं किया जाना चाहिए, जिससे कि कंपनी को किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचे. हमें यह याद रखना होगा कि उत्पादन एवं ग्राहकों तक निर्धारित समय पर माल पहुंचने से ही मुद्रा प्राप्त होती है. इसी से उत्पादन प्रक्रिया के साथ-साथ कर्मचारियों की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति हो पाती है. अत: इस बारे में हमें पूरा ध्यान देना होगा एवं किसी भी प्रकार की भ्रामक बातों में ना आते हुए अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए कर्मशालाओं एवं प्लांटों के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पूर्ण रुप से मेहनत करनी होगी. प्रबंधन ने अपील पत्र में बताया था  कि इस वित्तीय वर्ष 2021-22 में हमारा उत्पादन अत्यंत ही कम है. कंपनी का नुकसान बढ़ता ही जा रहा है. ऐसी परिस्थिति में उत्पादन बंद करके हम सभी अपनी कंपनी को और क्षति पहुंचा रहे हैं. जो कि किसी हालत में उचित नहीं है.

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अपील करनेवाले अधिकारी बताएं, वेतन का भुगतान कब होगा

एचईसी कर्मियों का कहना है कि अगर कंपनी में रोजाना 50 लाख का उत्पादन होता है, तो कंपनी हर माह 15  करोड़ का उत्पादन करती है. जब कंपनी में 15 करोड़ का हर माह उत्पादन हो रहा है, तो कंपनी की आर्थिक स्थिति क्यूं खराब हो गई. वेतन के लिए भी एचईसी प्रबंधन के पास पैसा नहीं है. एचईसी प्रबंधन के जिन तीन अफसरों ने अपील पत्र जारी किया है, वे बताएं कि वेतन का भुगतान कब होगा.

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