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नक्सलियों के संरक्षण में होनेवाली अफीम की खेती को रोकने की बनी रणनीति

बैठक में सीआइडी एडीजी समेत कई जिले डीसी और एसपी हुए शामिल

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Ranchi: झारखंड में नक्सलियों के संरक्षण में होनेवाली अफीम की खेती पर लगाम लगाने के लिए झारखंड पुलिस मुख्यालय में नारकोटिक्स कंट्रोल की उच्चस्तरीय बैठक हुई. इस बैठक में मादक पदार्थों की अवैध खेती एवं उसके व्यापार पर रोकथाम के लिए विचार-विमर्श किया गया तथा विशेष रणनीति की तैयार की गई. बैठक में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की डीजी राधिका और सीआइडी के एडीजी अजय कुमार सिंह के समेत कई अन्य जिलों के डीसी और एसपी बैठक में शामिल हुए. बता दें कि नक्सलियों के द्वारा की जा रही अफीम की खेती पुलिस और नारकोटिक्स विभाग के लिए परेशानी का कारण बन गई है.

अवैध खेती एवं उसके व्यापार पर रोकथाम पर विचार-विमर्श

झारखंड पुलिस मुख्यालय नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ झारखण्ड पुलिस मुख्यालय के वरीय पदाधिकारी और झारखण्ड के अपर पुलिस महानिदेशक-सह-नोडल पदाधिकारी तथा रांची, चतरा, सरायकेला, लातेहार, पलामू, खूंटी एवं हजारीबाग के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक तथा सीआरपीएफ, एसएसबी के प्रतिनिधि सहित लगभग 60 प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस बैठक में मादक पदार्थों की अवैध खेती एवं उसके व्यापार पर रोकथाम के लिए विचार-विमर्श किया गया तथा विशेष रणनीति की तैयार की गई.

गंभीर मुद्दे पर हुई चर्चा

पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक में गंभीर मुद्दे पर चर्चा हुई. इसमें अफीम की अवैध खेती किये जानेवाले स्थानों के पंचायत प्रतिनिधि को तुरंत पुलिस को सूचना देने के बिंदु पर भी बात की गई. साथ ही वन विभाग को भी निर्देशित किया गया कि वैसे सभी स्थानों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई करने हेतु पुलिस को सूचित करें. साथ ही सूचना देनेवाले की गोपनीयता बरकरार रखते हुए उन्हें पुरस्कार देने के विषय पर भी चर्चा की गई.

एनडीपीएस एक्ट पर अनुसंधान के लिए दिया गया प्रशिक्षण

कार्यशाला के द्वितीय पाली में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न जिलों से करीब आए 15 पुलिस उपाधीक्षकों को भी एनडीपीएस एक्ट पर अनुसंधान के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया और एनडीपीएस के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई.

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