न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

डबल इंजन वाली सरकार के विकास की कहानी, न सड़क-न स्कूल-न पीने का पानी

960

कोडरमा के बंगाखलार पंचायत क्षेत्र का हाल, स्कूलों की कमी के कारण नहीं पढ़ पा रहीं लड़कियां

क्षेत्र में स्कूलों की समस्या पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने लिया है संज्ञान

Chhaya

Ranchi: राज्य में सबका साथ-सबका विकास वाली सरकार है. चुनाव के दौरान इस नारे को पिछले बार की तरह इस बार भी भुनाया जा रहा है.

कोडरमा जहां भाजपा के ही सांसद और विधायक दोनों रहे हैं, लेकिन सबका विकास वाले दावे की पोल खुल जाती है जैसे ही हम कोडरमा के गांवों में पहुंचते हैं.

जीने के लिए सबसे जरुरी चीज पानी तक सरकार गांव को मुहैया करा पाने में नाकाम है. पीने के पानी के लिए लोगों को दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है. सरकार लड़कियों को सशक्त करनी की बात तो करती है, लेकिन लड़कियों के पढ़ने के लिए हाई स्कूल तक नहीं हैं.

जबकि राज्य की शिक्षा मंत्री इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं. स्कूल का नहीं होना लड़कियों की पढ़ाई में बड़ी बाधा साबित हो रही है. क्षेत्र की अधिकतर लड़कियां आठवीं के बाद पढ़ाई नहीं कर पा रही हैं.

इसे भी पढ़ेंः आजसू और जेएमएम के बीच ट्विटर वार: जेएएमएम के खिलाफ आजसू आक्रमक

इस गांव का नाम बंगाखलार है. जो कोडरमा-डोमंचाच से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. बंगाखलार पंचायत में कई गांव आते हैं. इस इलाके के विकास की रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां लोगों को पक्की सड़क भी मयस्सर नहीं है.

पानी के लिए जाते है दो किलोमीटर दूर

क्षेत्र में पानी की काफी समस्या है. लोगों को कड़ी धूप में दो-दो किलोमीटर दूर चल कर पानी लाना पड़ता है. इसी पंचायत के अहराइ गांव के लोगों ने जानकारी दी कि उन्हें प्रतिदिन दो किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है.

छोटे-छोटे बच्चों को भी कड़ी धूप में सिर में पानी ढोते हुए देखा जाता है. इस गांव में एक ही चापानल है. वो भी काफी दिनों से बंद पड़ा है. स्थानीय लोगों ने जानकारी दी कि कई बार मुखिया को इसकी जानकारी दी गई. लेकिन चापानल नहीं बनवाया जा रहा.

SMILE

इसे भी पढ़ेंः हजारीबाग से गोपाल साहू को कांग्रेस ने बनाया प्रत्याशी

शादी समेत अन्य आयोजनों में लोगों को पानी खरीदना पड़ता है. जबकि यहां के लोगों की जीविका माइका और खेती पर निर्भर है. क्षेत्र के अधिकांश कुआं, तालाब आदि गर्मी शुरू होने के पहले ही सूख जाते है.

सुबह और शाम में ही मिलते हैं बस और ऑटो

यहां आवागमन करने के लिए लोगों को सुबह और शाम का इंतजार करना पड़ता है. गांव से शहर की ओर आने वाले युवकों को अहले सुबह मिलने वाली बस और ऑटो से आना पड़ता है. वहीं वापस गांव जाने के लिए लोगों को देर रात तक का इंतजार करना पड़ता है.

स्थानीय लोगों के पास मोटरसाइकिल है. जिससे इमरजेंसी में लोगों को अस्पताल आदि लाया जा सकता है. लेकिन क्षेत्र में सही से वाहन सुविधा नहीं होने के कारण युवा वर्ग को पढ़ाई में परेशानी हो रही है.

इसे भी पढ़ेंः राहुल गांधी को SC का नोटिस, 22 अप्रैल तक मांगा जवाब

शिक्षा की समस्या पर आयोग ने लिया संज्ञान

मानवाधिकार कार्यकर्ता ओंकार विश्वकर्मा के आवेदन पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लिया. आयोग ने बंगाखलार में शिक्षा की स्थिति पर कार्रवाई करने के लिए कोडरमा डीसी को आदेश दिया है.

साथ ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण मिड डे मील, स्कूलों की आधारभूत संरचना पर जांच कर 20 दिनों के भीतर रिपोर्ट आयोग को सौंपने की मांग की है.

वहीं ओंकार विश्वकर्मा ने जानकारी दी कि क्षेत्र में शिक्षा और पानी की काफी समस्या है. कुछ दिनों पूर्व यहां एक छात्र की मौत एक निजी स्कूल में हो गई थी. जिसके बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को क्षेत्र की वास्तव स्थिति से अवगत कराते हुए पत्र लिखा गया था.

इसे भी पढ़ेंःगिरिडीह के भेलवाघाटी में मुठभेड़, सीआरपीएफ का जवान शहीद, तीन नक्सलियों के शव बरामद

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: