Jharkhand Story

कहानियां झारखंड आंदोलन की-4 : अलग राज्य की मांग को लेकर जब 14 दिनों का अनशन हुआ था

  • जब केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट से संजय बसु मलिक ने कहा-आप क्या चाहते हैं हमलोग मर जायें

Ranchi : झारखंड आंदोलन में एक समय ऐसा भी आया जब 14 दिनों तक लगातार अनशन चला था. डॉ संजय बसु मलिक कहते हैं, डॉ रामदयाल मुंडा, विनोद कुमार भगत, मैं (डॉक्टर संजय बसु मलिक) और रामनरेश मस्ताना, हमलोग रांची के कचहरी चौक के पास अनशन पर बैठे. कई और लोग भी अनशन पर बैठना चाहते थे पर हमलोगों ने कहा कि सभी साथी एक साथ अनशन पर न बैठें.

आंदोलन को आगे भी बढ़ना है. इसके बाद अनशन आगे बढ़ता गया. प्रशासन का रवैया काफी सख्त था. जब कई दिन बीत गये और हमलोगों की हालत खराब होने लगी तो प्रशासन ने हमलोगों को जबरदस्ती अस्पताल में भर्ती करा दिया.

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अस्पताल में हमलोगों ने टेलीफोन की मांग की. जब टेलीफोन उपलब्ध कराया गया तो मैंने केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट से बात की. आंदोलन के क्रम में उनसे बातचीत कई बार पहले भी हो चुकी थी. मैंने पूछा कि क्या आप लोग यही चाहते हैं कि हमलोग मर जायें? हमलोग मरने के लिए तैयार हैं.

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बोलिए तो मर जायें. राजेश पायलट ने कहा नहीं-नहीं..आपलोग ऐसा न सोचें. आपलोग अनशन खत्म करें. मैं वादा करता हूं कि इस मामले पर प्रधानमंत्री से बात करूंगा. जिस तरह से राजेश पायलट ने बात की और जो आश्वासन मिला उससे हम लोगों ने अनशन खत्म करने का निर्णय लिया. बाद में बात आगे बढ़ी पर हमें धोखा ही मिला.

अनशनकारियों की सेवा में लगे पुष्कर महतो कहते हैं -मैं उस दौरान अनशनकारियों की सेवा कर रहा था. उन्हें इलेक्ट्रोल पाउडर, नींबू पानी उपलब्ध करा रहा था. इस दौरान अनशन स्थल पर झारखंड के लोक कलाकार मुकुंद नायक, क्षितिज कुमार राय, मनपूरन नायक, नंदलाल नायक, मधु मंसूरी हंसमुख, सहित कई बड़े लोक कलाकार गीत के जरिये अनशनकारियों का हौसला बढ़ा रहे थे. दिनभर क्रांतिकारी गीत चलते रहते थे. हम सभी एक दूसरे का हौसला बढ़ाते थे.

मुझे याद है कि इस अनशन के क्रम में अनशनकारियों की पत्नियों का रो रोकर बुरा हाल था. इस अनशन से राज्य में जनता का सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा था. मेरी आंख के सामने अनशनकारियों का अनशन तुड़वाने के लिए प्रशासन की ओर से बलपूर्वक उन्हें उठा कर रिम्स में भर्ती करा दिया. अनशन को बल और छल से तुड़वाया गया था. वार्ता के लिए अनशनकारियों को दिल्ली बुलाया गया था पर इस वार्ता का कोई भी परिणाम नहीं निकला.

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