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गणतंत्र दिवस समारोह में झारखंड सहित कई राज्यों की झांकी को रोकना और शर्तें थोपना निंदनीय : वामदल

Ranchi : गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ से निकलने वाली झांकी में झारखण्ड, तमिलनाडु, केरल और पं बंगाल जैसे राज्यों की झांकी में केंद्र सरकार द्वारा शर्ते थोपने की वामदलों ने कड़ी निंदा की.

वामदलों की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि झारखंड की झांकी में एतिहासिक संताल हूल का ज़िक्र था. पं. बंगाल की झांकी में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनके नेतृत्व में आजादी के संघर्ष मे शामिल आजाद हिंद फौज की भूमिका को दर्शाया गया था. तमिलनाडु और केरल की झांकी में भी वहां से देश के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने सेनानियों और राष्ट्रवादी कवि भावनाओं का उल्लेख किया गया था. इसके बाद भी केंद्र सरकार ने झांकियों में शर्तें थोपी हैं जो उचित नहीं है.

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संघीय ढांचे को कमजोर कर रही केंद्र सरकार

बयान में कहा गया कि आजादी के 75 वें वर्षगांठ पर आयोजित गणतंत्र दिवस पर केंद्र सरकार अपने एजेंडे को आगे बढाते हुए भारत के संविधान मे स्पष्ट रूप से उल्लेखित देश के संघीय ढांचे को केवल कमजोर कर रही है. सीपीआईएम, सीपीआई, सीपीआई माले और मासस की ओर से ये बयान जारी किया गया. इससे कहा गया कि मोदी सरकार यह कार्रवाई उसकी संघीय व्यवस्था विरोधी रुख को ही दर्शाता है. वामदल केंद्र सरकार के इस निर्णय की कड़ी निंदा करते हैं.

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